—Advertisement—

Iran-Israel-USA युद्ध: 8वें दिन भी जारी तनाव, पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेंगे ईरान

Author Picture
Published On: 7 March 2026
Iran-Israel-USA War: Tensions Continue on Eighth Day, Iran Says No Attacks on Neighboring Countries
— Iran-Israel-USA War: Tensions Continue on Eighth Day, Iran Says No Attacks on Neighboring Countries

—Advertisement—

Iran-Israel-USA संघर्ष: तनाव चरम पर, पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का ईरानी फैसला

तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व में जारी Iran-Israel-USA  युद्ध के आठवें दिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। ईरान ने इजराइल के तेल अवीव पर शुक्रवार को रातभर हवाई हमले किए, वहीं अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर सबसे बड़े हमले की तैयारी कर ली है। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ऐलान किया कि अब ईरान पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बनाएगा, जब तक कि उन देशों की जमीन से कोई हमला नहीं होता।

ईरानी मीडिया के अनुसार, यह निर्णय ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद द्वारा कल मंजूरी दी गई। पेजेशकियन ने पिछले कुछ दिनों में पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों के लिए माफी मांगी और कहा कि भविष्य में ऐसे हमलों से बचने की कोशिश होगी।

युद्ध का भौगोलिक और मानवीय प्रभाव

28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में ईरान ने इजराइल समेत मध्य पूर्व के 13 देशों को निशाना बनाया। वहीं, अमेरिका ने अब तक ईरानी मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण सुविधाओं पर हमले की तैयारी कर ली है।

  • यमन के सना में हूती कार्यकर्ताओं ने ईरान और लेबनान के साथ एकजुटता दिखाते हुए अमेरिका और इजराइल के झंडे जलाए।
  • लेबनान के बेरूत में इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत और 33 घायल हुए।
  • ईरान के इस्फहान में अमेरिका-इजराइल हमलों में 8 नागरिकों की मौत हुई, जिसमें एक महिला भी शामिल है।

इन हमलों से नागरिकों की भारी संख्या प्रभावित हुई है और अस्पतालों, स्कूलों तथा आवासीय क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया। WHO ने बताया कि कई मेडिकल सेंटर और अस्पताल हमलों से प्रभावित हुए हैं।

USA और Iran की सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला आज रात किया जाएगा। इसका उद्देश्य ईरानी मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण सुविधाओं को भारी नुकसान पहुँचाना है।

  • इजराइली सेना ने रातभर 80 लड़ाकू विमानों से 230 मिसाइलें ईरान के विभिन्न ठिकानों पर गिराई।
  • निशाना बनाए गए ठिकानों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की सैन्य यूनिवर्सिटी, मिसाइल लॉन्चिंग ढांचे और अंडरग्राउंड मिसाइल फैक्ट्री शामिल हैं।

ईरान ने भी संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत के अमेरिकी एयरबेसों को निशाना बनाया। ईरानी सेना ने बताया कि मिसाइल और ड्रोन हमलों में रडार सिस्टम, ईंधन भंडारण और टोही विमान संबंधित ढांचे क्षतिग्रस्त हुए।

ईरानी नौसेना और भारत का सहयोग

ईरान का युद्धपोत IRIS लावन तकनीकी खराबी के कारण भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। भारत ने इसे डॉक करने की अनुमति दी थी। युद्धपोत के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हैं।

पूर्व में अमेरिका ने भारत लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबो दिया था, जिसमें 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए थे।

ईरानी नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड की क्षमताओं को कम करना अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती है, क्योंकि यही इकाइयाँ होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी की सुरक्षा संभालती हैं।

दुबई और कतर में सुरक्षा हालात

  • दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमलों के बाद कई फ्लाइट्स डायवर्ट की गई।
  • कतर के अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने और अपडेट्स लगातार चेक करने की सलाह दी।
  • कतर में सीमित हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं, ताकि फंसे हुए यात्री और जरूरी कार्गो निकाला जा सके।

सऊदी अरब ने भी अपने हवाई क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम का प्रयोग किया। राजधानी रियाद और प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमलों को इंटरसेप्ट किया गया।

माफी और कूटनीतिक पहल

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेगा, जब तक कि वहां से कोई हमला न हो। उन्होंने पिछले हमलों के लिए माफी मांगी और तनाव बढ़ाने से परहेज करने का भरोसा दिया।

अरब लीग के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होगी, जिसमें ईरानी हमलों पर चर्चा की जाएगी। कुवैत, सऊदी अरब, कतर, ओमान, जॉर्डन और मिस्र ने इस बैठक की मांग की है।

जमीनी हमले और अमेरिकी तैयारी

रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान में जमीनी स्तर पर अमेरिकी सैनिकों के भेजने की योजना पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, यह योजना बड़े पैमाने पर हमले के लिए नहीं है बल्कि विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए सीमित सैनिकों को भेजने की है।

एक पाकिस्तानी व्यक्ति आसिफ मर्चेंट को ट्रम्प समेत कई अमेरिकी अधिकारियों की हत्या की साजिश में दोषी पाया गया, जिसके पीछे ईरान का हाथ बताया गया। इसे ईरान के अमेरिकी धरती पर हस्तक्षेप की कोशिश माना गया।

मानवीय संकट और बुनियादी ढांचे पर असर

  • ईरान में मरने वालों की संख्या लगभग 1300 तक पहुँच चुकी है।
  • अस्पताल, स्कूल, पानी-बिजली की आपूर्ति प्रभावित।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में 10 व्यापारी जहाजों पर हमले हुए।
  • ईरान की नौसैनिक सुविधाओं को नुकसान, कोनारक नौसैनिक अड्डे पर तीन युद्धपोत डूबे।

सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, फारस की खाड़ी में अमेरिका को ईरानी नौसेना की क्षमताओं को कमजोर करना जरूरी है ताकि जलमार्ग सुरक्षित रखा जा सके।

निष्कर्ष

मध्य पूर्व में Iran-Israel-USA संघर्ष तेज़ी पकड़ रहा है।

  • ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का ऐलान किया है, मगर अमेरिका और इजराइल द्वारा हमले जारी हैं।
  • मानवीय संकट गहरा रहा है; लेबनान, ईरान और यमन में नागरिक प्रभावित।
  • कूटनीतिक कदम और अरब लीग की आपात बैठक तनाव कम करने का प्रयास है।
  • अमेरिकी और इजराइली हमलों से ईरानी सैन्य और नौसैनिक ढांचे पर गंभीर नुकसान हुआ।

इस संघर्ष का असर न केवल मध्य पूर्व बल्कि दुनिया के तेल, आर्थिक और सुरक्षा नेटवर्क पर भी पड़ रहा है। भविष्य में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News

1 thought on “Iran-Israel-USA युद्ध: 8वें दिन भी जारी तनाव, पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेंगे ईरान”

Comments are closed.

Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp