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Indore रंगपंचमी 2026: शहर तैयार हो रहा है रंगों के महोत्सव के लिए

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Published On: 6 March 2026
INDORE
— "इंदौर रंगपंचमी 2026: मिसाइलों से उड़ेगा 200 फीट तक रंग, हजारों लोग करेंगे राजवाड़ा में उत्सव का आनंद"

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Indore रंगपंचमी 2026: शहर तैयार हो रहा है रंगों के महोत्सव के लिए

Indore में होली के कुछ दिनों बाद अब रंगपंचमी का उत्सव शुरू होने जा रहा है, और शहर के विभिन्न हिस्सों में इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार रंगपंचमी पर 8 मार्च, 2026 को शहर के राजवाड़ा क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में टोरी कार्नर, मारल क्लब, संगम कार्नर, रसिया कार्नर और हिंद रक्षक फाग यात्रा सहित कई प्रमुख गेर निकाली जाएगी। गेर में हजारों किलो गुलाल और रंगीन फव्वारे शहरवासियों के उत्साह को चार-चांद लगाने के लिए तैयार किए गए हैं।

रंगों और मिसाइलों का संगम

इस बार की गेर में विशेष आकर्षण होगा अग्नि-पृथ्वी मिसाइल और अन्य उपकरण, जो 150 से 200 फीट की ऊंचाई तक रंग उड़ाने में सक्षम होंगे। टोरी कार्नर की गेर के लिए पांच टैंकर और छह मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे रंगीन फव्वारे आसमान में तिरंगा रूप में दिखेंगे। बोरिंग मशीनें भी रंग उड़ाने में सहयोग करेंगी, जिससे दर्शकों को देखने में मजा आएगा।

मारल क्लब ने रंग उड़ाने वाली मशीनों को तोप का रूप दिया है, जबकि पानी के टैंकर भी रंग के उत्सव में शामिल होंगे। इसके अलावा ढोल और डीजे की धुन पर लोग भांगड़ा करते हुए उत्सव का आनंद लेंगे।

संगम कार्नर: सामाजिक समरसता का संदेश

संगम कार्नर का यह 76वां वर्ष है और इस बार 8 हजार किलो टेसू के फूल से 2,500 किलो गुलाल तैयार किया गया है। राजवाड़ा क्षेत्र में बरसाने की लट्ठमार होली, राधा-कृष्ण का रास और मिसाइलों के जरिए आसमान में तिरंगा बनेगा। संस्था सृजन के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल के अनुसार, युवाओं को गेर से जोड़ने के लिए कॉलेजों में आमंत्रण पत्र भेजे गए हैं।

इस गेर के माध्यम से सामाजिक समरसता और देशभक्ति का संदेश भी दिया जाएगा। बांके बिहारी का ढोल और देशभक्ति के तराने सुनते हुए युवा भांगड़ा करेंगे और पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन जाएगा।

रसिया कार्नर: जनजागरण और सामाजिक संदेश

रसिया कार्नर की गेर इस बार 53वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। हरि राम मंदिर से सुबह 10 बजे पूजा-अर्चना के बाद गेर शुरू होगी। इसमें लगभग 40 वाहन शामिल होंगे, जो सभी भगवा ध्वजों से सजाए गए होंगे। संयोजक पंडित राजपाल जोशी के अनुसार, गेर के माध्यम से लव जिहाद जैसे ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर जनजागरण किया जाएगा। 360 स्वयंसेवक भगवा हेलमेट और जैकेट पहनकर गेर की व्यवस्था संभालेंगे।

टोरी कार्नर: पुराने समय से चलती परंपरा

टोरी कार्नर की गेर इस बार 77वें वर्ष में आयोजित की जा रही है। संस्थापक शेखर गिरी के अनुसार, गेर सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी। पांच टैंकरों में लगी छह मिसाइलें रंग उड़ाने का मुख्य साधन होंगी। यह रंग 150 फीट की ऊंचाई तक फैलाया जाएगा, जिससे गेर देखने आए लोगों को एक अद्भुत दृश्य मिलेगा। बोरिंग मशीनों और ढोल पार्टी की मदद से दर्शकों का मनोरंजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

Indore मारल क्लब: मशीनों से रंग बरसाएंगे

मारल क्लब की गेर इस बार 52वें वर्ष में आयोजित की जा रही है। छीपा बाखल के मुताबिक, बोरिंग मशीनों और पानी के टैंकरों का इस्तेमाल करके रंग और गुलाल उड़ाया जाएगा। मशीनों को इस बार तोप का रूप दिया गया है, जिससे यह पूरे इलाके में रंगीन फव्वारे छोड़ेंगी।

हिंद रक्षक फाग यात्रा: महाकाल मंदिर की झांकी

हिंद रक्षक की फाग यात्रा 28वें वर्ष में होगी और यह नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से सुबह 10 बजे शुरू होगी। इस यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति सजाई गई है और इसमें भगवान महाकाल विराजमान होंगे। मातृशक्तियां भगवान के रथ को खींचेंगी। भजन मंडली और सुरक्षा कर्मियों का इंतजाम भी किया गया है।

संयोजक एकलव्य लक्ष्मणसिंह गौड़ के अनुसार, यात्रा में भस्मारती के पश्चात जो शृंगार होता है, वही झांकी में दर्शाया जाएगा। भजन मंडली गोपाल मिश्रा और सुरेश शर्मा की दो मंडलियों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। यात्रा में एक हजार स्वयंसेवक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

उत्सव में शामिल होंगे हजारों रंगप्रेमी

Indore रंगपंचमी के दिन सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक शहर के राजवाड़ा क्षेत्र में हजारों लोग उत्सव में शामिल होंगे। लट्ठमार होली, रंगीन झांकियां, मिसाइलों से उड़ते रंग, भजन-कीर्तन और देशभक्ति के तराने शहरवासियों के उत्साह को चरम पर पहुंचाएंगे।

इस वर्ष की रंगपंचमी में सिर्फ भारत से ही नहीं, बल्कि कनाडा और यूके से भी विदेशी मेहमान शामिल होंगे। उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है और वे उत्सव का आनंद लेने के लिए गेर में भाग लेंगे।

पर्यावरण और सुरक्षा का ध्यान

गुलाल और रंग प्राकृतिक स्रोतों जैसे टेसू के फूलों से तैयार किए गए हैं। साथ ही, सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवक और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। हजारों दर्शकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गेर के मार्गों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

रंगपंचमी का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

Indore की रंगपंचमी सिर्फ एक धार्मिक या पारंपरिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक प्रदर्शन का भी माध्यम है। गेर के माध्यम से विभिन्न सामाजिक संदेश जैसे लव जिहाद और देशभक्ति को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाया जाता है।

इस तरह, Indore की रंगपंचमी पूरे प्रदेश और देश में अपने अद्भुत रंगों, झांकियों और उत्साह के लिए विख्यात है। इस बार भी यह उत्सव लाखों रंगप्रेमियों के लिए यादगार और रोमांचक साबित होगा।

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