पूर्व MLA Sanjay Shukla समेत अन्य यात्री यूएई से लौटे, दुबई-शारजाह उड़ानें अभी प्रभावित
उज्जैन। इजराइल-ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध की वजह से यूएई में फंसे इंदौर और मध्यप्रदेश के कई यात्री अब सुरक्षित भारत लौट रहे हैं। इनमें पूर्व विधायक Sanjay Shukla , पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल, आदित्य शर्मा सहित अन्य यात्री शामिल हैं।
यूएई में सुरक्षा और उड़ान सेवाओं की स्थिति बिगड़ने के कारण ये यात्री पिछले कई दिनों से दुबई और शारजाह में फंसे हुए थे। फ्लाइट्स की लगातार रद्द होने और मिसाइल अलर्ट जैसे हालात ने यात्रियों के लिए कठिन परिस्थितियां पैदा की थीं।
लगातार कैंसिल होती उड़ानें
यूएई में हालात बिगड़ने के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई थीं। एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 28 फरवरी से लगातार कैंसिल हो रही थी। 3 मार्च को भी यह उड़ान नहीं हुई।
इससे इंदौर, भोपाल और मध्यप्रदेश के कई जिले के यात्रियों को दुबई और शारजाह में फंसे रहना पड़ा। कई लोगों को होटल में अतिरिक्त दिन रुकना पड़ा और मिसाइल अलर्ट के समय भय और तनाव का सामना करना पड़ा।
यूएई में फंसे यात्रियों के लिए यह स्थिति आर्थिक और मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण रही। होटल और अन्य सुविधाओं पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ा।
वापसी की प्रक्रिया
2 मार्च की शाम से दुबई एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानें फिर से शुरू हुईं। अबूधाबी से दिल्ली और मुंबई के लिए फ्लाइट्स चालू हुईं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, फंसे हुए यात्री पहले मुंबई आएंगे और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर इंदौर पहुंच सकते हैं।
हालांकि, शारजाह से इंदौर की सीधी उड़ान अभी शुरू नहीं हुई है। यात्रियों की प्राथमिकता उनकी सुरक्षित और व्यवस्थित वापसी रही।
पूर्व MLA संजय शुक्ला ने दुबई से सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए अपील की थी। उनके इस कदम और अन्य नेताओं के प्रयासों की वजह से यात्रियों की वापसी संभव हो पाई।
नेताओं और प्रशासन की सक्रियता
इस दौरान कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से संपर्क कर सुरक्षित वापसी के लिए पहल की।
- कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की।
- सरकार और एयरलाइन कंपनियां स्थिति पर नजर रख रही थीं और आवश्यक कदम उठा रही थीं।
इन प्रयासों के चलते पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित भारत लौट पाए, जिससे उनके परिवारों ने राहत की सांस ली।
यूएई में हालात
इजराइल-ईरान युद्ध का चौथा दिन था। सोमवार देर रात UAE से चार फ्लाइट्स दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु पहुंचीं। अबूधाबी में फंसे भारतीयों ने अपने परिवारों से संपर्क कर राहत की सांस ली।
एक यात्री ने बताया कि अबूधाबी में उनके होटल के पास धमाके हुए और वहां का माहौल भयावह था। मिसाइल अलर्ट के दौरान कई यात्रियों ने डर का अनुभव किया।
सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे भड़काऊ भाषणों और अफवाहों पर नजर रखें। इस बीच इंडिगो एयरलाइन ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स चलाईं, ताकि वहां फंसे नागरिक सुरक्षित भारत लौट सकें।
इंदौर और मध्यप्रदेश के यात्रियों की वापसी
पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत अन्य यात्री सुरक्षित रूप से लौट रहे हैं। इनमें राजनीतिक नेता, उद्योगपति और आम नागरिक शामिल हैं।
फंसे हुए यात्रियों की संख्या और उनकी सुरक्षित वापसी राज्य सरकार और नागरिक सुरक्षा के लिए बड़ी राहत है। उनके परिवारों ने भी इस वापसी पर खुशी जाहिर की।
यूएई में मिसाइल अलर्ट और युद्ध के कारण उत्पन्न तनाव के बीच यह वापसी दर्शाती है कि भारतीय प्रशासन और एयरलाइन कंपनियां संकट में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं।
सरकार और एयरलाइंस की भूमिका
- नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता थी।
- एयरलाइन कंपनियों ने विशेष फ्लाइट्स चलाकर फंसे हुए नागरिकों को भारत लौटाने की व्यवस्था की।
- मंत्रालय और प्रशासन ने लगातार स्थिति का मूल्यांकन किया और आवश्यक कदम उठाए।
पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित लौट पाए, जिससे उनके परिवार और समुदाय को राहत मिली।
निष्कर्ष
यूएई में इजराइल-ईरान युद्ध के चलते फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में सरकार, एयरलाइन कंपनियों और नेताओं की सक्रियता स्पष्ट हुई।
- पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित भारत लौट आए।
- युद्ध और मिसाइल अलर्ट जैसी परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए।
- यह घटना यह भी दिखाती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में भारतीय विदेश मंत्रालय, राज्य सरकार और एयरलाइंस समन्वित और तेजी से कार्रवाई करते हैं।
शारजाह-इंदौर सीधी उड़ानें अभी शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन यात्रियों की वापसी धीरे-धीरे पूरी हो रही है। यह घटना नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विश्वास और सहयोग का प्रतीक बन गई है।
