वल्लभ भवन में छापामार कार्रवाई: कई विभाग पूरी तरह खाली, समय पर उपस्थिति की गड़बड़ी पर नाराजगी
भोपाल। वल्लभ भवन मंत्रालय में गुरुवार को अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक घंटे तक छापामार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कुछ विभागों में स्टाफ उपस्थित मिला, जबकि खेल, वन, कृषि, गृह और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग पूरी तरह से खाली पाए गए। इस मौके पर उच्चाधिकारी और स्टाफ दोनों ही अनुपस्थित रहे। CM डा. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन भोपाल से बाहर दौरे पर थे, जिसके बावजूद मंत्रालय में निर्धारित समय पर उपस्थिति नहीं थी।
छापामार कार्रवाई की पृष्ठभूमि
CM डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन बार-बार निर्देश देते रहे हैं कि शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की समय पर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। बावजूद इसके, कई विभाग सुबह निर्धारित समय पर खुलने और कार्य शुरू करने में लापरवाह पाए जाते हैं।
इस निरंतर शिकायत और उपस्थिति की कमी को देखते हुए गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की टीम ने वल्लभ भवन में अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी संकलित करना था।
कार्रवाई का तरीका
सुबह 10.30 बजे से 11.30 बजे तक की कार्रवाई में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, अजय कटेसरिया, दिनेश मौर्य और मनोज श्रीवास्तव ने अपनी-अपनी टीम बनाकर मंत्रालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया।
टीम ने उपस्थिति रजिस्टर देखा, कर्मचारियों से पूछताछ की और अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति नोट की। इस दौरान यह पाया गया कि कुछ विभाग जैसे औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन, सामान्य प्रशासन, वित्त, स्कूल शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में समय पर उपस्थिति थी।
हालांकि, कई विभागों में यह स्थिति चिंताजनक पाई गई।
गृह विभाग और अन्य खाली विभाग
गृह विभाग पूरी तरह से खाली मिला। अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने निरीक्षण के दौरान पाया कि सुबह 10.30 बजे एक भी अधिकारी या कर्मचारी उपस्थित नहीं था।
इसी तरह खेल एवं युवा कल्याण, कृषि, सहकारिता, जनजातीय कार्य और वन विभाग में भी स्टाफ अनुपस्थित था। वन विभाग में प्रमुख सचिव संदीप यादव और उनका स्टाफ ही नहीं आए थे। एमएसएमई विभाग की स्थिति भी इसी तरह रही।
इन विभागों की अनुपस्थिति से मंत्रालय में कार्य संचालन प्रभावित होने की चिंता जताई गई।
समय पर उपस्थित विभाग
कुछ विभागों में स्थिति बेहतर थी। औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन, सामान्य प्रशासन, वित्त, स्कूल शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों ने समय पर उपस्थिति दर्ज कराई। इन विभागों में कामकाजी माहौल सामान्य पाया गया।
संजय शुक्ला और उनकी टीम ने समय पर उपस्थित स्टाफ को भी नोट किया और उन्हें अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।
CM के निर्देश और छापामार कार्रवाई का महत्व
CM डॉ. मोहन यादव ने बार-बार कहा है कि अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय में उपस्थित हों, ताकि सरकारी सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस छापामार कार्रवाई का उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज करना नहीं था, बल्कि अधिकारियों-कर्मचारियों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था।
सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया कि इस तरह की छापामार कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों में सकारात्मक दबाव बनेगा और वे निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होंगे।
आगे की कार्रवाई
वल्लभ भवन मंत्रालय में हुई इस कार्रवाई के बाद अब विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में भी छापामार कार्रवाई की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग टीम बनाकर वहां के सभी कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी संकलित करेगा।
सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि विभागीय स्तर पर कोई भी लापरवाही स्वीकार्य न हो।
कर्मचारियों की उपस्थिति और सरकारी कार्यों पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, मंत्रालयों में समय पर उपस्थिति और अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी सरकारी कार्यों की दक्षता के लिए महत्वपूर्ण है। जब स्टाफ समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं होता, तो न केवल निर्णय प्रक्रिया धीमी होती है, बल्कि जनता को मिलने वाली सेवाओं में भी बाधा आती है।
इस तरह की छापामार कार्रवाई से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती है कि सरकारी कार्यालय सुधारात्मक और पारदर्शी ढंग से कार्य करें।
निष्कर्ष
गुरुवार को वल्लभ भवन में हुई छापामार कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि कुछ विभागों में उपस्थिति और अनुशासन की गंभीर कमी है। वहीं, कुछ विभागों ने समय पर उपस्थित होकर सकारात्मक उदाहरण पेश किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन की लगातार निगरानी और छापामार कार्रवाई से अधिकारियों-कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ने की उम्मीद है।
वल्लभ भवन के बाद विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में भी इसी तरह की कार्रवाई होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मध्य प्रदेश के सरकारी कार्यालय समय पर कार्य करने और जनता को बेहतर सेवा देने में सक्षम हों।
