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MP में 2935 करोड़ की लागत से बनेगा Indore-Ujjain ग्रीन फील्ड फोरलेन, किसानों को मिली बड़ी राहत

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Published On: 27 February 2026
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— MP में किसानों की मांग पर राहत: इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोरलेन अब जमीनी स्तर पर बनेगी।

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MP में 2935 करोड़ की लागत से बनेगा Indore-Ujjain ग्रीन फील्ड फोरलेन, किसानों को मिली बड़ी राहत

MP में इंदौर और उज्जैन के बीच बनने वाली ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर किसानों और स्थानीय जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्णय के बाद अब यह फोरलेन सड़क जमीन स्तर पर बनाई जाएगी, जबकि पहले इसे ऊंचाई पर यानी एलिवेटेड रोड के रूप में बनाने की योजना थी। इस निर्णय से इंदौर, सांवेर और उज्जैन के करीब 30 गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित नहीं होंगे और उनके खेतों में पानी भरने जैसी समस्याओं से बचाव होगा।

सड़क को जमीनी स्तर पर बनाने का फैसला

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि सड़क को ऊंचाई पर बनाने की योजना से किसानों और गांवों के बीच आने-जाने का रास्ता बाधित हो सकता था। यदि सड़क ऊंचाई पर बनाई जाती, तो खेतों में पानी भरने की समस्या उत्पन्न होती और किसानों की फसल प्रभावित होने का खतरा रहता। मंत्री सिलावट ने किसानों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा और उनकी मांग के अनुसार सड़क को जमीन स्तर पर बनाने का निर्णय लिया गया।

किसानों की ओर से यह भी अनुरोध किया गया था कि सड़क निर्माण के दौरान उचित मुआवजा दिया जाए। इस पर मुख्यमंत्री और किसानों के बीच भोपाल में चर्चा हुई, जिसमें किसानों की मांग और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया कि सड़क जमीनी स्तर पर बनाई जाए।

परियोजना की लागत और विस्तार

MP सड़क विकास निगम के माध्यम से यह ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क परियोजना लगभग 2935.15 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। सड़क की कुल लंबाई लगभग 48 किलोमीटर होगी और यह इंदौर और उज्जैन को जोड़ती है। परियोजना के तहत कुल 203.649 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जा रही है।

सांवेर विधानसभा क्षेत्र के करीब 20 गांवों में रहने वाले लगभग 600 परिवार और कुल 20 हजार लोग इस परियोजना से सीधे प्रभावित होंगे। अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के साथ-साथ किसानों को उचित मुआवजा और नई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि सड़क निर्माण से किसी भी परिवार को अधिक कठिनाई न हो।

परियोजना का क्षेत्रीय महत्व

इस फोरलेन सड़क परियोजना का महत्व सिर्फ स्थानीय परिवहन और कृषि से जुड़ा नहीं है। यह सड़क क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि यह फोरलेन सड़क क्षेत्र के औद्योगिक, वाणिज्यिक और सामाजिक विकास को गति देगी।

विशेषकर उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले के लिए भी यह सड़क आधार तैयार करेगी। सड़क निर्माण से यातायात की सुविधा बढ़ेगी और इंदौर-उज्जैन के बीच सफर समय की बचत के साथ सुरक्षित और सहज हो जाएगा।

किसानों के लिए राहत

किसानों के हित में यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऊंचाई पर बनाई गई सड़क से उनके खेतों और सिंचाई प्रणालियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता। जमीन स्तर पर सड़क बनने से न केवल पानी की निकासी और सिंचाई में सुविधा रहेगी, बल्कि गांवों के बीच आने-जाने का मार्ग भी आसान रहेगा।

मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिली है और यह उनके हित में लिया गया निर्णय है। इससे किसानों के रोजगार, कृषि उत्पादन और जीवनयापन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

सड़क निर्माण की विशेषताएं

इस फोरलेन सड़क को बनाने के दौरान आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाएगा। सड़क को टिकाऊ और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे पुल, फ्लाईओवर, मोड़, संकेत प्रणाली और ड्रेनेज सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सड़क निर्माण से क्षेत्र में नए रोजगार सृजन के अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय श्रमिकों और ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना का समय और निगरानी

सड़क निर्माण की योजना और समयबद्धता को ध्यान में रखते हुए परियोजना की निगरानी निरंतर की जाएगी। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम और संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि परियोजना निर्धारित समय सीमा में पूरी हो और किसानों तथा स्थानीय जनता को न्यूनतम असुविधा हो।

सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया पारदर्शी होगी और प्रभावित किसानों को उचित जानकारी दी जाएगी।

निष्कर्ष

MP इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि किसानों और स्थानीय जनता के हितों को भी संरक्षित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के इस निर्णय से किसानों को बड़ी राहत मिली है और यह क्षेत्र के विकास और आने वाले सिंहस्थ 2028 के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

यह परियोजना इंदौर और उज्जैन के बीच यातायात और व्यापार को आसान बनाने के साथ-साथ क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

 

 

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