International AYUSH Conference Dubai 2026 में इंदौर के डॉ. यशवंत भाटी ने योग आधारित शोध प्रस्तुत कर भारत और मध्यप्रदेश को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया।
दुबई में आयोजित वैश्विक AYUSH सम्मेलन की विशेषताएँ
International AYUSH Conference Dubai 2026 का आयोजन
15 से 17 फरवरी 2026 के बीच दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में किया गया।
सम्मेलन का मुख्य विषय था:
“Evidence-Based AYUSH Interventions in Mind–Body Health”
यह विषय इस बात का संकेत है कि अब योग, आयुर्वेद और अन्य AYUSH पद्धतियाँ केवल परंपरा नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित वैश्विक चिकित्सा समाधान बन रही हैं।
डॉ. यशवंत भाटी का शोध — भारत की परंपरा का वैज्ञानिक प्रस्तुतीकरण
इंदौर की प्रतिष्ठित संस्था योगा लाइफ़, इंदौर के संचालक
और इंडियन योगा एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव
डॉ. यशवंत भाटी ने सम्मेलन में अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया।
उनका शोध विशेष रूप से इस पर केंद्रित था कि:
- योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि Mind-Body Medicine है
- योग आधारित जीवनशैली रोग-निवारण में प्रभावी है
- वैज्ञानिक परीक्षणों द्वारा AYUSH पद्धतियों को प्रमाणित किया जा सकता है
उनकी प्रस्तुति को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने विशेष रूप से सराहा।
28 देशों की भागीदारी और चयन की कठोर प्रक्रिया
यह सम्मेलन अपने स्तर पर अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक रहा:
- लगभग 2,000 शोध-पत्र प्राप्त हुए
- केवल 72 शोध-पत्र चयनित हुए
- 28 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया
- डॉ. भाटी का शोध इस चयनित सूची में शामिल रहा
यह स्वयं में एक बड़ी अकादमिक उपलब्धि है।
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क्यों महत्वपूर्ण है Evidence-Based AYUSH?
आज वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली तीन बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है:
- जीवनशैली जनित रोग
- मानसिक तनाव
- दीर्घकालिक चिकित्सा खर्च
AYUSH इन तीनों का समग्र समाधान प्रस्तुत करता है।
Evidence-Based Approach का अर्थ:
- पारंपरिक ज्ञान + आधुनिक अनुसंधान
- योग + क्लिनिकल डेटा
- आयुर्वेद + वैज्ञानिक परीक्षण
यही मॉडल इस सम्मेलन का मूल उद्देश्य रहा।
मध्यप्रदेश और इंदौर के लिए गौरव का क्षण
International AYUSH Conference Dubai 2026 में डॉ. भाटी की प्रस्तुति ने:
- इंदौर को अंतरराष्ट्रीय योग मानचित्र पर स्थापित किया
- मध्यप्रदेश की योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई
- भारतीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक स्वीकार्यता को मजबूत किया
यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य की बौद्धिक पहचान है।
योगा लाइफ़, इंदौर की भूमिका
योगा लाइफ़, इंदौर वर्षों से कार्य कर रही है:
- योग-शिक्षा
- चिकित्सीय योग प्रशिक्षण
- शोध आधारित अभ्यास
- जीवनशैली परामर्श
इस संस्था ने योग को लोकजीवन से शोध मंच तक पहुँचाने का कार्य किया है।
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय AYUSH मंत्री की उपस्थिति
कार्यक्रम के उद्घाटन एवं समापन सत्र में
भारत सरकार के केंद्रीय AYUSH मंत्री श्री प्रतापराव जाधव मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने कहा:
- भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली विश्व को संतुलित स्वास्थ्य मॉडल दे सकती है
- AYUSH भविष्य की Preventive Healthcare प्रणाली है
- वैश्विक सहयोग आवश्यक है
अंतरराष्ट्रीय मंच पर नीति-निर्माताओं की भागीदारी
सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ:
- गोवा के माननीय मुख्यमंत्री
- अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा विशेषज्ञ
- शोधकर्ता
- नीति-निर्माता
ने सहभागिता की।
यह सम्मेलन चिकित्सा, संस्कृति और विज्ञान का संगम बना।
भारत की पारंपरिक चिकित्सा का बढ़ता वैश्विक प्रभाव
आज दुनिया में:
- योग मानसिक स्वास्थ्य का प्रमुख साधन बन रहा है
- आयुर्वेद Preventive Healthcare मॉडल माना जा रहा है
- ध्यान (Meditation) कॉर्पोरेट वेलनेस का हिस्सा बन चुका है
International AYUSH Conference Dubai 2026 ने इस प्रवृत्ति को और सशक्त किया।
मध्यप्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन की तैयारी
इस अवसर पर:
-
इंडियन योगा एसोसिएशन के प्रादेशिक अध्यक्ष
श्री गजेंद्र गौतम (हार्टफुलनेस) -
वरिष्ठ उपाध्यक्ष
श्रीमति पुष्पांजलि शर्मा (पतंजलि योग संस्थान)
ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि
शीघ्र ही मध्यप्रदेश में भी अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
इस उपलब्धि का व्यापक महत्व
यह आयोजन तीन स्तरों पर महत्वपूर्ण है:
शैक्षणिक स्तर
भारतीय ज्ञान परंपरा का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण।
सांस्कृतिक स्तर
योग का वैश्विक सांस्कृतिक संवाद।
स्वास्थ्य स्तर
दवा-निर्भरता से जीवनशैली-आधारित स्वास्थ्य की ओर परिवर्तन।
निष्कर्ष
International AYUSH Conference Dubai 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं था —
यह भारत की परंपरा, विज्ञान और भविष्य का वैश्विक उद्घोष था।
डॉ. यशवंत भाटी का शोध-प्रस्तुतीकरण इस बात का प्रमाण है कि
इंदौर जैसे शहर भी विश्व स्वास्थ्य विमर्श को दिशा दे रहे हैं।
यह उपलब्धि आने वाले समय में:
- AYUSH अनुसंधान को गति देगी
- योग को चिकित्सा-विज्ञान में स्थापित करेगी
- भारत को वैश्विक समग्र स्वास्थ्य नेतृत्व की ओर ले जाएगी।




