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MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज: 18 फरवरी को सबसे ज्यादा असर 15 जिलों में अलर्ट

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Published On: 17 February 2026
MP
— मध्यप्रदेश में मौसम फिर बदला, 18 फरवरी को 15 जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी, किसानों और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह।

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MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज: 18 फरवरी को सबसे ज्यादा असर 15 जिलों में अलर्ट

MP में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। फरवरी के महीने में यह तीसरा मौसम का दौर है, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जो 18 फरवरी को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अपना अधिकतम प्रभाव दिखाएगा।

मौसम विभाग ने पहले ही 15 जिलों में चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। इन जिलों में तेज हवाओं और बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना अधिक है।

18 फरवरी को मौसम का सबसे ज्यादा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि मंगलवार को ग्वालियर-चंबल अंचल में बादलों की हल्की आवाजाही शुरू हो जाएगी, लेकिन 18 फरवरी को इसका व्यापक असर पूरे प्रदेश में दिखेगा। 19 फरवरी को भी मौसम बदला रहेगा, हालांकि उस दिन बारिश हल्की रहने की संभावना है। प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बादलों की आवाजाही से तापमान में भी हल्की गिरावट आएगी।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बादल छाने के कारण दिन के तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट आ सकती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन अगले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मौसम

MP में फरवरी के महीने में यह तीसरी बारिश का दौर है। महीने की शुरुआत में ही दो दौर ओलावृष्टि और बारिश से फसलें प्रभावित हो चुकी हैं। सरकार ने इससे हुए नुकसान का सर्वे भी कराया था। अब 18 फरवरी से प्रदेश के कई हिस्सों में तीसरी बार बारिश होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार की बारिश हल्की से मध्यम होगी और यह किसानों के लिए राहत का कारण बन सकती है।

मौसम में लगातार बदलाव से तापमान में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल रहा है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होती है, जबकि रातों का तापमान ठंडा बना हुआ है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री से लेकर 13.4 डिग्री तक दर्ज किया गया है।

MP के प्रमुख शहरों का तापमान

  • भोपाल: 12.6 डिग्री – सबसे ठंडा
  • इंदौर: 13 डिग्री
  • जबलपुर: 13 डिग्री
  • ग्वालियर: 13.1 डिग्री
  • उज्जैन: 13.4 डिग्री
  • कटनी (करौंदी): न्यूनतम 6.7 डिग्री
  • पचमढ़ी (कल्याणपुर): न्यूनतम 7.6 डिग्री
  • राजगढ़: न्यूनतम 9 डिग्री

MP में दिन में हल्की गर्माहट बनी रहती है, लेकिन रात का तापमान अब भी ठंडा बना हुआ है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी नुकसान से बचा जा सके।

अगले दो दिनों का पूर्वानुमान

17 फरवरी: मंगलवार को कुछ जिलों में बादल रहेंगे। भोपाल और इंदौर में दिन के समय हल्की गर्मी महसूस होगी।

18 फरवरी: प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यह दिन मौसम की गतिविधियों के लिहाज से सबसे सक्रिय रहने वाला है।

विशेषज्ञों ने कहा कि सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते आगामी 18-19 फरवरी को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। हालांकि, इस बार का सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा, जिससे मौसम का मिजाज जल्द सामान्य हो सकता है।

किसानों और आम लोगों के लिए सतर्कता

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों और खेतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। विशेषकर गेहूं, सरसों और अन्य फसलों पर ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति भी लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

साथ ही, नागरिकों को अपने घरों और वाहनों की सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और बारिश के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के पास न रहने की हिदायत दी गई है।

मौसम में बदलाव और तापमान का असर

फरवरी में लगातार बदलते मौसम के चलते प्रदेश में तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडक बनी रहती है। ग्वालियर-चंबल अंचल और सागर संभाग के जिलों में बादलों के छाने से दिन का तापमान कम हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम किसान और आम लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बारिश और ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित हो सकती हैं, जबकि तेज हवाओं और बिजली गिरने के कारण सुरक्षा के उपायों का पालन आवश्यक है।

निष्कर्ष

MP में 18 फरवरी को मौसम का सबसे ज्यादा असर दिखेगा। 15 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी है। फरवरी में यह तीसरा बारिश का दौर होगा, जिससे तापमान में गिरावट और फसलों पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों और किसानों को सुरक्षा और सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

प्रदेशवासियों को आगामी 18 और 19 फरवरी को मौसम के बदलते मिजाज के अनुसार तैयार रहने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से बचा जा सके।

 

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