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Indore में एएसआई को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, करप्शन केस के बाद बड़ी कार्रवाई

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Published On: 12 February 2026
Indore Police Takes Strict Action Against ASI in Corruption Matter
— Indore Police Takes Strict Action Against ASI in Corruption Matter

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Indore में एएसआई को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, भ्रष्टाचार प्रकरण के बाद विभागीय कार्रवाई

Indore पुलिस विभाग ने अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए खजराना थाने में पदस्थ रहे सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सुनील रैकवार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) का दंड दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2023 में दर्ज हुए एक भ्रष्टाचार प्रकरण और उसके बाद चली विभागीय जांच के आधार पर की गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लोकायुक्त में दर्ज हुआ था भ्रष्टाचार का मामला

मिली जानकारी के अनुसार 18 मार्च 2023 को विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त, इंदौर ने एएसआई सुनील रैकवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। यह प्रकरण कथित रूप से पद का दुरुपयोग और अवैध लाभ से जुड़ा बताया गया। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां यह वर्तमान में विचाराधीन है। प्रकरण दर्ज होते ही पुलिस विभाग ने प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें खजराना थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया था।

लोकायुक्त में मामला दर्ज होना किसी भी शासकीय अधिकारी के लिए गंभीर स्थिति मानी जाती है। ऐसे मामलों में विभागीय स्तर पर भी समानांतर जांच की प्रक्रिया शुरू की जाती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित अधिकारी ने सेवा नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।

विभागीय जांच में सामने आईं गंभीर लापरवाहियां

लोकायुक्त प्रकरण के बाद पुलिस विभाग द्वारा एएसआई रैकवार के खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बताया गया कि उन्होंने खजराना थाने में पदस्थ रहते हुए कई लंबित प्रकरणों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज नियमानुसार थाना कार्यालय में जमा नहीं किए थे।

इन दस्तावेजों में केस डायरी, गुमशुदगी रजिस्टर, अभियोग पत्र, शिकायत नस्तियां, परिवाद संबंधी दस्तावेज तथा अन्य अभिलेख शामिल थे। जांच में यह भी पाया गया कि इन दस्तावेजों को उन्होंने अनधिकृत रूप से अपने पास रखा हुआ था। यह न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन था, बल्कि इससे न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती थी।

Police विभाग में केस डायरी और अन्य दस्तावेजों का सुरक्षित और विधिसम्मत रख-रखाव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। किसी भी दस्तावेज की अनुपलब्धता या अनधिकृत कब्जा गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

गैर-जिम्मेदाराना आचरण पर कड़ी कार्रवाई

जांच रिपोर्ट में एएसआई सुनील रैकवार का आचरण लापरवाहीपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना पाया गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति का दंड दिया गया। अनिवार्य सेवानिवृत्ति एक गंभीर प्रशासनिक दंड माना जाता है, जिसके तहत अधिकारी को निर्धारित सेवा अवधि पूर्ण होने से पहले ही सेवा से मुक्त कर दिया जाता है।

यह दंड आमतौर पर तब दिया जाता है जब किसी अधिकारी का आचरण विभाग की छवि और कार्यप्रणाली के लिए हानिकारक माना जाए, लेकिन उसके विरुद्ध सेवा से बर्खास्तगी जैसी कठोर सजा आवश्यक न समझी जाए। इस मामले में विभाग ने सेवा नियमों के अंतर्गत उपलब्ध प्रावधानों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की है।

Indore पुलिस विभाग का स्पष्ट संदेश

Indore पुलिस कमिश्नर कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि विभाग में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार, कदाचार या प्रशासनिक अनियमितता किए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की विश्वसनीयता आम जनता के विश्वास पर आधारित होती है और ऐसे मामलों में त्वरित एवं पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है।

Police प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि लंबित मामलों और दस्तावेजों के रख-रखाव को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।

न्यायालय में विचाराधीन है मामला

भ्रष्टाचार से जुड़ा मूल प्रकरण अभी न्यायालय में लंबित है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विभागीय कार्रवाई का न्यायिक प्रक्रिया से सीधा संबंध नहीं होता, क्योंकि दोनों प्रक्रियाएं स्वतंत्र रूप से संचालित होती हैं। विभागीय जांच सेवा नियमों और प्रशासनिक आचरण के आधार पर की जाती है, जबकि न्यायालय में आपराधिक दायित्व तय किया जाता है।

विभागीय सख्ती जारी

Indore  पुलिस द्वारा हाल के समय में लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि सेवा में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी बनाए रखना आवश्यक है। पुलिस बल की कार्यक्षमता और छवि को बेहतर बनाए रखने के लिए आंतरिक अनुशासनात्मक तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से यह संदेश जाता है कि सेवा नियमों के उल्लंघन पर कोई भी अधिकारी बच नहीं सकता।

निष्कर्ष

खजराना थाने में पदस्थ रहे एएसआई सुनील रैकवार के खिलाफ की गई यह कार्रवाई Police विभाग की आंतरिक जवाबदेही प्रणाली का उदाहरण है। भ्रष्टाचार प्रकरण और विभागीय जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर दी गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति यह दर्शाती है कि प्रशासनिक स्तर पर अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्णय लेने से परहेज नहीं किया जाएगा।

आने वाले समय में न्यायालय का निर्णय इस मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट करेगा, लेकिन फिलहाल विभागीय कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस प्रशासन अपनी कार्यप्रणाली को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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