श्री घंटाकर्ण महावीरजी 77वीं वर्षगांठ पाईधुनी पर भव्य महापूजन, संगीतमय भक्ति और भक्तों का जनसैलाब। पढ़ें संपूर्ण आयोजन की विशेष रिपोर्ट।
श्री घंटाकर्ण महावीरजी 77वीं वर्षगांठ पाईधुनी: भक्ति, संगीत और श्रद्धा का अनुपम संगम
के. विक्रम सुराणा
श्री घंटाकर्ण महावीरजी 77वीं वर्षगांठ पाईधुनी का आयोजन महाराष्ट्र की मायानगरी मुंबई में स्थित महावीर स्वामी जैन मंदिर, पाईधुनी में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर श्री घंटाकर्ण महावीरजी आरती मंडल पाईधुनी द्वारा भव्य महापूजन एवं भक्ति की संगीतमय रमझट का आयोजन किया गया, जिसमें जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने सहभागिता की।
आयोजन की पृष्ठभूमि
श्री घंटाकर्ण महावीरजी 77वीं वर्षगांठ पाईधुनी जैन समाज के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आस्था से जुड़ा अवसर है। पाईधुनी स्थित महावीर स्वामी जैन मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आरती मंडल द्वारा 77वीं वर्षगांठ को भव्य रूप दिया गया।
77वीं वर्षगांठ पर महापूजन का महत्व
77वीं वर्षगांठ के निमित्त आयोजित महापूजन में विधिविधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। घंटाकर्ण महावीरजी दादा के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले भक्तों का विश्वास है कि यहां मांगी गई हर सच्ची मनोकामना पूर्ण होती है। यही कारण है कि इस पावन अवसर पर भक्त दूर-दूर से दर्शन हेतु पहुंचे।
भक्ति संगीत की विशेष रमझट
इस आयोजन की विशेषता रही मंडल के संगीतकारों और सिंगर्स द्वारा प्रस्तुत की गई भक्ति की अलग ही रमझट। भजन, आरती और संगीतमय स्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जब भक्ति के सुर गूंजे, तो भक्त झूम उठे और पूरा मंदिर परिसर दादा के जयकारों से गूंज उठा।
दर्शन व भक्ति में उमड़ा भक्तों का सैलाब
सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक दर्शन एवं भक्ति का क्रम लगातार जारी रहा। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों का जमावड़ा बना रहा। हर वर्ग, हर आयु के श्रद्धालु दादा की भक्ति में लीन नजर आए।
मंडल का सेवा भाव और नियमित आयोजन
मंडल के प्रमुख श्रीपाल भाई ने जानकारी देते हुए बताया कि घंटाकर्ण महावीरजी दादा की कृपा अपार है। जो भक्त सच्चे मन से मांगता है, उसे यहां अवश्य मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक रविवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक महावीर स्वामी जैन मंदिर पाईधुनी में पूजा एवं भक्ति का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है।
आरती के लाभार्थी परिवार
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घंटाकर्ण महावीरजी दादा की आरती – लाभार्थी परिवार: एक सदग्रस्थ
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नाकोड़ा भैरूजी की आरती – लाभार्थी परिवार: संगीता बेन दिनेश कुमार जी
यह लाभार्थी परिवारों के लिए गर्व और पुण्य का विषय रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्टजन
इस भव्य आयोजन में अनेक गणमान्य व्यक्ति, संगीतकार, सिंगर और समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
श्रीपाल भाई, राजु भाई, जयेश भाई, जितु भाई, सौरभ भाई, कलमकार ललित भाई शक्ति, सुप्रसिद्ध संगीतकार संजय भाई रांका, मानव सेवा प्रेमी प्रकाश जी ढालावत, सिंगर जितु भाई (भायंदर), सिंगर जेस भाई, तनुज भाई, युवा संगीतकार राहुल जी पामेचा, सिंगर जेनित भाई, सिंगर प्रिंस भाई, जेनम भाई, महावीर भाई, दिनेश जी, राजु भाई पादरली, महिपाल, शैलेष भाई, चंदु भाई छाजेड, सिंगर दिलिप भाई (दादर), मुकेश भाई, सिंगर अमन जैन, बाल सिंगर काव्य जैन, हितेश भाई, दिपेश भाई,
अरिहंत भक्ति मंडल बाली के सदस्यगण, मंडल के तमाम सदस्य और सकल जैन संघ के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जैन समाज के लिए आयोजन का संदेश
श्री घंटाकर्ण महावीरजी 77वीं वर्षगांठ पाईधुनी केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट रखने, भक्ति और संस्कारों को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आस्था से जोड़ते हैं।
सोशल मीडिया व डिजिटल प्रभाव
आज के डिजिटल युग में ऐसे भव्य धार्मिक आयोजन सोशल मीडिया के माध्यम से भी लाखों लोगों तक पहुंचते हैं। फोटो, वीडियो और लाइव भजन प्रसारण से श्रद्धालु घर बैठे भी भक्ति का आनंद ले पाते हैं।
निष्कर्ष
श्री घंटाकर्ण महावीरजी 77वीं वर्षगांठ पाईधुनी का यह आयोजन भक्ति, सेवा और संगीत का अद्भुत संगम रहा। दादा की कृपा, भक्तों की श्रद्धा और मंडल की मेहनत ने इसे अविस्मरणीय बना दिया। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी जैन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।




