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MP में वन्य जीवों और इंसानों के संघर्ष को खत्म करने के लिए 390 करोड़ का प्लान

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Published On: 28 January 2026
MP Government to Invest ₹390 Crore to Solve the Growing Tiger-Human Conflict
— MP Government to Invest ₹390 Crore to Solve the Growing Tiger-Human Conflict

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बाघ-इंसानों की लड़ाई रोकने की तैयारी, 390 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

भोपाल: MP में बढ़ते बाघ-इंसान संघर्ष और वन्य प्राणियों के साथ मानव संघर्ष को रोकने के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। वन्य जीवों और मनुष्यों के बीच तनावपूर्ण संबंधों से निपटने के लिए सरकार 390 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इस कदम का उद्देश्य बाघ, तेंदुए, हाथी और भालू जैसे वन्य प्राणियों और मानव जीवन के बीच संघर्षों को कम करना है। पिछले 52 वर्षों में ऐसे संघर्षों में 30,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई जगहों पर बाघों, हाथियों और भालुओं जैसे वन्य जीवों को भी गुस्साए लोगों का शिकार होना पड़ा है।

मुख्य पहल:

वन्य जीवों और इंसानों के बीच संघर्ष को रोकने के लिए सरकार कई उपायों को लागू करेगी। इन उपायों में घास के मैदानों का विस्तार, शिकार की उपलब्धता में वृद्धि, और वन्य जीवों के मार्ग में बाधाओं को दूर करने के लिए तार और चेनलिंग फेंसिंग जैसी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, आम जनता की सुरक्षा और वन्य जीवों की रक्षा के लिए कई योजनाओं का भी क्रियान्वयन होगा। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अगले पांच वर्षों में इन योजनाओं पर 17,864 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य वन्य जीवों और इंसानों के बीच सीमा को स्पष्ट करना और दोनों पक्षों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

17 योजनाओं की मंजूरी:

इस पहल को लेकर, CM डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं में छात्रों के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन और स्वास्थ्य जैसे मामलों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में पुरस्कार देने की योजना भी लागू की जाएगी। इन योजनाओं से राज्य में लोगों की जीवनशैली और शिक्षा में सुधार होगा।

रोजगार की नई दिशा:

इसके अलावा, सरकार ने MP  के ओबीसी वर्ग के 600 युवाओं के लिए एक बड़ी पहल की है। अब ये युवा रोजगार पूर्व प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे और न केवल भारत में, बल्कि जापान और दुनिया के किसी भी देश में भी प्रशिक्षण ले सकेंगे। इस योजना के लिए सरकार ने 45 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि उनका कौशल भी बढ़ेगा, जिससे राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जमीन का विस्तार:

CM यादव ने यह भी घोषणा की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पचमढ़ी वन्यजीव अभयारण्य से साडा के नियंत्रण वाली 0.08 हेक्टेयर जमीन को बाहर कर दिया गया है। अब, साडा के नियंत्रण से 395.939 हेक्टेयर जमीन बाहर की जाएगी, जो वन्य जीवों के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाएगी। इससे वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास में वृद्धि होगी और उनके जीवन में सुधार आएगा।

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जनवरी में हुई कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले:

CM ने कहा कि यह कदम एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य न केवल वन्य जीवों को बचाना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हें सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को समय पर लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वह राज्य के नागरिकों को उनके अधिकारों का पूरा लाभ पहुंचाए और समाज में समरसता बनाए रखे।

बाघ-इंसान संघर्ष की गंभीरता:

बाघ-इंसान संघर्ष की समस्या सिर्फ मध्य प्रदेश नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन गई है। पिछले कुछ वर्षों में इस संघर्ष में बढ़ोतरी हुई है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां जंगल और मानव बस्तियां पास-पास हैं। इन संघर्षों के कारण न केवल मानव जीवन खतरे में पड़ा है, बल्कि वन्य जीवों की संख्या में भी कमी आई है। बाघों, तेंदुओं और हाथियों जैसे जानवरों की बढ़ती संख्या के कारण अक्सर उनकी बस्तियों से बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे वे मानव बस्तियों में घुस जाते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।

सरकार द्वारा की गई इस पहल से न केवल इन संघर्षों को कम करने की उम्मीद है, बल्कि यह वन्य जीवों के संरक्षण में भी मददगार साबित होगा। सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि वन्य जीव और मानव दोनों ही एक साथ सुरक्षित रूप से रह सकें, और इसके लिए जरूरी संसाधन और ढांचा तैयार किया जाएगा।

सरकार की विस्तृत योजना:

सरकार की योजना के तहत, बाघों और अन्य वन्य जीवों के लिए नए सुरक्षित क्षेत्र बनाए जाएंगे, जहां वे बिना किसी खतरें के रह सकें। इसके अलावा, उन क्षेत्रों में नदियों और जल स्रोतों का निर्माण किया जाएगा ताकि वन्य जीवों के लिए पानी की कोई कमी न हो। इसके अलावा, जंगलों में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में रहने की जगह मिल सके।

निष्कर्ष:

कुल मिलाकर, यह कदम MP  सरकार की ओर से एक बड़ा और आवश्यक प्रयास है जो न केवल बाघ-इंसान संघर्ष को कम करने का उद्देश्य रखता है, बल्कि राज्य के सभी नागरिकों को बेहतर जीवन जीने के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध वातावरण प्रदान करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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