कारीटोरन पंचकल्याणक महोत्सव 2026: योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य करेंगे भव्य आगमन
उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध दिगंबर Jain अतिशय क्षेत्र कारीटोरन में 7 से 13 मार्च 2026 तक जैन धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक महोत्सव पंचकल्याणक का आयोजन होने जा रहा है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि देशभर के जैन समाज को एक साथ लाने का प्रमुख अवसर भी है। प्रतिष्ठाचार्य महेश कुमार जी डीमापुर के कुशल मार्गदर्शन में महोत्सव की तैयारियाँ वृहद स्तर पर जोरों पर चल रही हैं।
इस भव्य महोत्सव में 11 फुट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में परम पूज्य भारत गौरव, युग सर्वोत्कृष्ट समाधि साधक गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनि राज, पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज, तथा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी और मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का आगमन
गत दिनों, शांतिनाथ दिगंबर Jain अतिशय क्षेत्र कारीटोरन के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की और आगामी महोत्सव में पधारने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने इस महोत्सव की सफलता हेतु शुभकामनाएँ और बधाई दी। महोत्सव समिति ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के आगमन की स्वीकृति मिलने पर उत्साह का माहौल बनाया है।
देशभर से पधारने की स्वीकृतियां और तैयारी
मारीटोरन पंचकल्याणक महोत्सव में देश के लगभग सभी प्रांतों से Jain धर्मावलंबियों के पधारने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। आसाम, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली, झारखंड सहित अनेक राज्यों से भक्तगण और धर्म प्रेमी इस महोत्सव में भाग लेने पहुंचेंगे।
महोत्सव के आगंतुकों के लिए स्थानीय स्तर पर अस्थाई कोटेज और डोम बनवाए जा रहे हैं, साथ ही समीपवर्ती नवागढ़ जी, सिद्ध क्षेत्र बड़ागांव, श्रमणोदय दरगुवा, पपौरा जी, अहार जी, गिरार जी आदि स्थानों पर धर्मशालाओं की बुकिंग भी पूरी कर ली गई है।
सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की भी विस्तृत तैयारी की जा रही है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
Read Also : Jain समाज के लिए शुभ समाचार: अष्टापद तीर्थ के कपाट 23 अप्रैल से खुलेंगे
महोत्सव का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
यह महोत्सव जैन धर्म की परंपराओं, संस्कृति और धार्मिक अनुष्ठानों के प्रचार का प्रमुख अवसर है। महोत्सव में भगवान के पाषाण से निर्माण, पंचकल्याणक अनुष्ठान, गजरथ महोत्सव, प्रवचन सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे।
- उद्घाटन सत्र में प्रतिष्ठाचार्य पंडित महेश कुमार जी डीमापुर और प्रमुख साधु-संघ के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
- महोत्सव में देशभर के विद्वान, जैन धर्मगुरु, साधु-संत और धर्मप्रेमी शामिल होंगे।
- यह महोत्सव समाज को वैचारिक और धार्मिक दृष्टि से जागरूक करने का महत्वपूर्ण मंच है।

महोत्सव की विशेषताएँ
- 11 फुट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी पंचकल्याणक – यह महोत्सव का मुख्य आकर्षण होगा।
- गजरथ महोत्सव – श्रद्धालु इस भव्य रथ यात्रा में भाग लेंगे और पवित्र खड्गासन को देखने का पुण्य प्राप्त करेंगे।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम – देवी अहिल्या विश्वविद्यालय और स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी।
- धार्मिक प्रवचन – महोत्सव में गणाचार्य, मुनि और जैन विद्वान विभिन्न विषयों पर प्रवचन देंगे।
- पुस्तक मेले और प्रदर्शनी – जैन संस्कृति और भारत गौरव पर आधारित पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी।
भव्य व्यवस्थाएँ और सुरक्षा
महोत्सव समिति ने आगंतुकों के सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए हैं:
- अस्थाई कोटेज और डोम – श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक आवास।
- धर्मशालाएँ – समीपवर्ती तीर्थ स्थलों पर बुकिंग।
- सुरक्षा व्यवस्था – स्थानीय पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के साथ, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाएँ।
- यातायात और वाहन प्रबंध – भक्तों के आने-जाने के लिए विशेष बस और वाहन व्यवस्था।
- भोजन और पेयजल – सभी आगंतुकों के लिए निरंतर आपूर्ति।

आस्था और भागीदारी का अवसर
इस महोत्सव में भाग लेने से श्रद्धालु न केवल धार्मिक पुण्य अर्जित करेंगे, बल्कि जैन धर्म की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक समरसता को भी महसूस कर पाएंगे। महोत्सव के दौरान देशभर के जैन समाज का मिलन, युवा और वरिष्ठ धर्मप्रेमियों के बीच वैचारिक संवाद, और सांस्कृतिक समागम समाज को प्रेरित करेगा।
निष्कर्ष
7 से 13 मार्च 2026 तक कारीटोरन पंचकल्याणक महोत्सव में आने वाले सभी भक्तों और आगंतुकों के लिए यह एक अविस्मरणीय धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पधारने से महोत्सव का महत्व और भी बढ़ गया है।
देशभर के जैन समाज को इस अवसर पर पधारकर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की जा रही है। महोत्सव समिति ने हर व्यवस्था पूरी कर ली है ताकि आगंतुकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।
