MP Indore में 350 करोड़ रुपए में बनेगा ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’, इस माह से शुरू होगा निर्माण कार्य
MP Indore के इंदौर शहर में एबी रोड पर लंबे समय से अटकी पड़ी एलिवेटेड कॉरिडोर योजना अब हकीकत बनने जा रही है। यह कॉरिडोर 350 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से तैयार किया जाएगा और इसके निर्माण का काम इस माह से शुरू किया जाएगा। इस परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद की गई है, ताकि शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं और पुराने विवादों का समाधान किया जा सके।
एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य एबी रोड पर यातायात की सुगमता बढ़ाना और वाहन चालकों को तेजी से अपने गंतव्य तक पहुंचाना है। इस परियोजना में नौलखा से एमआइजी चौराहे (प्रेस कॉम्प्लेक्स तक) तक का मार्ग शामिल है। कॉरिडोर पर तीन प्रमुख चौराहों पर भुजाएं (flyovers) प्रस्तावित की गई हैं, जिससे बीच के इलाके में जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी और यातायात प्रवाह बेहतर होगा। इसके साथ ही कॉरिडोर ब्रिज पर रोटरी बनाने का प्रस्ताव भी है, जो ट्रैफिक मैनेजमेंट में मददगार साबित होगा।
सालों से अटकी योजना
एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना कई साल पहले ही तैयार की जा चुकी थी। लगभग दो साल पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के Indore दौरे के दौरान कॉरिडोर के लिए भूमिपूजन भी किया गया था। उस समय इसे लेकर काफी उत्साह था, लेकिन बाद में विभिन्न विवाद और सवाल उठने के कारण परियोजना लंबित हो गई।
स्थानीय लोगों और व्यवसायियों ने इस परियोजना पर सवाल उठाए। उनका तर्क था कि अधिकांश वाहन चालक एबी रोड पर सीधे नौलखा से एमआइजी चौराहे तक नहीं जाते, बल्कि बीच के इलाके में अधिकतर यात्रा करते हैं। इसके अलावा यह मार्ग न केवल आवागमन का है बल्कि कई व्यवसायिक और आवासीय इलाकों से भी गुजरता है। इसके चलते योजना में संशोधन और सर्वेक्षण की आवश्यकता महसूस की गई।
दिसंबर में मिली मंजूरी
दिसंबर 2025 में मुख्यमंत्री ने एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए स्पष्ट निर्देश दिए। इसके बाद पीडब्ल्यूडी (PWD) ने योजना का पुनरावलोकन किया और कॉरिडोर के डिज़ाइन में आवश्यक बदलाव किए। योजना में शिवाजी प्रतिमा चौराहा, गीता भवन चौराहा और पलासिया चौराहा पर भुजाओं की व्यवस्था की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि कॉरिडोर का उपयोग अधिक से अधिक वाहन चालकों द्वारा किया जा सके और शहर के बीच के इलाकों में जाने वाले लोग भी इससे लाभान्वित हों।
पहले इस परियोजना का ठेका गुजरात की एक निर्माण कंपनी को दिया गया था। हालांकि, कॉरिडोर के निर्माण में देरी और विवाद के कारण परियोजना पर काम स्थगित रहा। ठेकेदार को भुगतान भी कुछ हद तक किया गया था, लेकिन कार्य नहीं शुरू हो पाया। अब परियोजना फिर से शुरू हो रही है और बीआरटीएस कॉरिडोर की समाप्ति के बाद एलिवेटेड कॉरिडोर की उपयोगिता और बढ़ जाएगी।
कॉरिडोर की विशेषताएं
एलिवेटेड कॉरिडोर में आधुनिक तकनीक और डिज़ाइन को ध्यान में रखते हुए निर्माण किया जाएगा। इसमें शामिल प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- भुजाएं और रोटरी: कॉरिडोर पर प्रस्तावित तीन चौराहों पर भुजाएं और रोटरी बनाई जाएगी, जिससे बीच के इलाके में जाने वाले वाहन चालकों को समय की बचत होगी और ट्रैफिक जाम कम होगा।
- ट्रैफिक सुधार: कॉरिडोर के निर्माण से एबी रोड पर वाहनों का बहाव सुचारू होगा, जिससे भारी ट्रैफिक और जाम जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी।
- सुरक्षा: एलिवेटेड ब्रिज के साथ सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रोड साइन, गार्ड रेलिंग और प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा।
- आवासीय और व्यवसायिक इलाके का ध्यान: कॉरिडोर का मार्ग ऐसे तय किया गया है कि आसपास रहने वाले लोग और व्यवसायिक क्षेत्र दोनों प्रभावित नहीं होंगे और उनकी सुविधा बनी रहे।
निर्माण की समयरेखा
एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का काम इस माह से शुरू किया जाएगा। शुरुआती चरण में भूमि अधिग्रहण और डिज़ाइन समीक्षा पूरी की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया जाएगा। अनुमान है कि कॉरिडोर के निर्माण में लगभग 18 से 24 महीने का समय लग सकता है।
शहरवासियों को लाभ
एलिवेटेड कॉरिडोर से इंदौर शहर में कई लाभ होंगे:
- यातायात की गति बढ़ेगी: सड़क पर ट्रैफिक जाम कम होगा और वाहन चालकों को समय की बचत होगी।
- व्यवसायिक गतिविधियों में सुधार: कॉरिडोर के कारण आसपास के बाजार और व्यवसायिक क्षेत्रों में अधिक ग्राहक आने की संभावना बढ़ेगी।
- सुरक्षित सड़कें: सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी क्योंकि ब्रिज और रोटरी के माध्यम से यातायात व्यवस्थित रहेगा।
- सौंदर्यीकरण: एलिवेटेड कॉरिडोर शहर की सुंदरता में भी योगदान देगा, और एबी रोड का सौंदर्य बढ़ेगा।
प्रशासनिक तैयारी
पीडब्ल्यूडी और नगर प्रशासन ने परियोजना के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। तकनीकी टीम और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। परियोजना में पर्यावरणीय और सामाजिक पहलुओं का भी ध्यान रखा जाएगा। नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
भविष्य की संभावनाएँ
एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के साथ Indore शहर में आने वाले अन्य विकास प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलेगी। यह परियोजना शहर में यातायात की लंबित समस्याओं को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में और भी कॉरिडोर और ब्रिज प्रोजेक्ट्स की योजना बनाई जा सकती है, जिससे इंदौर शहर एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में उभरे।
निष्कर्ष
Indore के एबी रोड पर 350 करोड़ की लागत से बनने वाला एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल शहरवासियों की यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि व्यापारिक और आवासीय क्षेत्रों में भी सुधार लाएगा। वर्षों से अटकी इस योजना को अब नई दिशा मिली है और फरवरी से इसका निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। तीन प्रमुख चौराहों पर भुजाओं और रोटरी की व्यवस्था, आधुनिक डिज़ाइन और सुरक्षा मानकों के साथ यह परियोजना इंदौर शहर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
इस परियोजना से Indore के नागरिकों को बेहतर यातायात व्यवस्था, समय की बचत, सुरक्षित सड़कें और शहर का सौंदर्यीकरण मिलेगा। एलिवेटेड कॉरिडोर का कार्य पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र शहरवासियों के लिए यात्रा में सुविधा और सहजता का प्रतीक बनेगा।
