राहुल गांधी इंदौर दौरा के दौरान भागीरथपुरा पहुंचे, दूषित पानी पीड़ितों से मिले, मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख का चेक दिया और सरकार को घेरा।
राहुल गांधी इंदौर दौरा: दूषित पानी पीड़ितों से मुलाकात, परिवारों को 1-1 लाख का चेक
राहुल गांधी इंदौर दौरा शनिवार को पूरी तरह मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के नाम रहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचकर दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद वे पैदल भागीरथपुरा पहुंचे, जहां दूषित पानी से जान गंवाने वाले परिवारों से मिले और हर परिवार को 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपा।
राहुल गांधी इंदौर दौरा क्यों खास रहा
राहुल गांधी इंदौर दौरा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह पीड़ित परिवारों के दर्द को समझने और उनके साथ खड़े होने का प्रयास था। दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार हुए और कुछ की मौत हो गई। इस घटना के बाद राहुल गांधी खुद मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से आमने-सामने बात की।
बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मुलाकात
राहुल गांधी इंदौर दौरा की शुरुआत बॉम्बे हॉस्पिटल से हुई। यहां दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीज भर्ती हैं। राहुल गांधी ने हर मरीज से बात की, उनके हालात जाने और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली।
मरीजों ने बताया कि पानी पीने के बाद अचानक उल्टी, दस्त और कमजोरी होने लगी। कई परिवारों में एक साथ कई लोग बीमार पड़े।
भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से संवाद
बॉम्बे हॉस्पिटल के बाद राहुल गांधी पैदल भागीरथपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की, जिनकी दूषित पानी पीने से मौत हो गई थी। इसके बाद वे जीवनलाल के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
राहुल गांधी इंदौर दौरा के दौरान उन्होंने कहा—
“आप अकेले नहीं हैं, हम आपके साथ हैं।”
1-1 लाख का चेक और उमंग सिंघार की मदद
राहुल गांधी ने हर मृतक के परिवार को 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपा।
इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी हर परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।
यह मदद सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि यह भरोसा था कि पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
कौन-कौन रहे राहुल गांधी के साथ
राहुल गांधी इंदौर दौरा के दौरान उनके साथ कई बड़े कांग्रेस नेता मौजूद रहे—
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दिग्विजय सिंह (पूर्व मुख्यमंत्री)
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जीतू पटवारी (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष)
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हरीश चौधरी (प्रदेश प्रभारी)
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उमंग सिंघार (नेता प्रतिपक्ष)
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अजय सिंह
इन सभी नेताओं ने भी पीड़ितों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
सरकार पर राहुल गांधी का सीधा हमला
मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा—
“यह स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां पीने का पानी तक सुरक्षित नहीं। लोग पानी पीकर बीमार हो रहे हैं और मर रहे हैं। यह सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है।”
राहुल गांधी इंदौर दौरा के दौरान उन्होंने साफ कहा कि साफ पानी देना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है।
पीड़ितों की आंखों से छलका दर्द
भागीरथपुरा में कई महिलाओं की आंखों में आंसू थे। किसी ने पति खोया, किसी ने बेटा।
एक पीड़िता ने कहा—
“हमने कभी नहीं सोचा था कि पानी पीने से मौत हो जाएगी।”
राहुल गांधी ने बच्चों के सिर पर हाथ रखा और परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी लड़ाई लड़ी जाएगी।
स्मार्ट सिटी मॉडल पर सवाल
राहुल गांधी इंदौर दौरा के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही उठा—
अगर इंदौर स्मार्ट सिटी है, तो यहां का पानी जहरीला कैसे हो गया?
उन्होंने कहा कि सिर्फ बड़े बोर्ड लगाने से शहर स्मार्ट नहीं बनता, बल्कि लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी होने से बनता है।
जनता क्या कह रही है
स्थानीय लोगों ने राहुल गांधी के आने को अच्छा कदम बताया।
लोगों का कहना है कि पहली बार किसी बड़े नेता ने उनके दर्द को पास से देखा।
एक बुजुर्ग ने कहा—
“कम से कम कोई तो आया, जिसने हमारी बात सुनी।”
निष्कर्ष
राहुल गांधी इंदौर दौरा सिर्फ राजनीति नहीं था, बल्कि इंसानियत का संदेश था। दूषित पानी से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देना, उनके आंसू पोंछना और सरकार से जवाब मांगना—यह सब दिखाता है कि राजनीति अगर संवेदना से जुड़ जाए तो उसका असर जमीन पर दिखता है।
यह दौरा पीड़ितों के लिए एक उम्मीद बना और सरकार के लिए एक कड़ा सवाल—
क्या नागरिकों को साफ पानी देना इतना मुश्किल है?
