जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य के तहत दिव्यांगों को कृत्रिम पैर और बच्चों को शिक्षा सहयोग राशि दी गई। पढ़ें पूरी प्रेरक खबर।
राजेश जैन दद्दू इंदौर
जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य
जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य समाज सेवा की एक ऐसी मिसाल बन गया, जिसने मानवता, करुणा और समर्पण का सुंदर संदेश दिया। दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, जैन रत्न भामाशाह स्व. प्रदीपकुमार सिंहजी कासलीवाल की 78वीं जन्म जयंती पर इंदौर में एक भव्य सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह आयोजन महावीर ट्रस्ट बाल कल्याण एवं शोध संस्थान केंद्र और दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां बिखेरी गईं।
जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य का उद्देश्य
जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना था। कार्यक्रम के अंतर्गत
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10 निर्धन परिवारों के बच्चों को शिक्षा सहयोग राशि
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2 दिव्यांगों को निशुल्क कृत्रिम पैर
प्रदान किए गए।
दिव्यांगों को कृत्रिम पैर वितरण
इस आयोजन का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब दो दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए गए। उनके चेहरे पर लौटी मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया।
जब एक दिव्यांग युवक अपने नए पैर के सहारे खड़ा हुआ, तो वहां उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य वास्तव में जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य की आत्मा को दर्शाता था।
बच्चों को शिक्षा सहयोग राशि
समाज के भविष्य माने जाने वाले बच्चों के लिए भी इस आयोजन में विशेष ध्यान दिया गया।
10 निर्धन परिवारों के बच्चों को शिक्षा में आगे बढ़ने हेतु सहयोग राशि दी गई, ताकि वे आर्थिक बाधाओं के कारण पढ़ाई से वंचित न रहें।
यह पहल यह दर्शाती है कि जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य को भी संवारने का प्रयास है।
अतिथियों के विचार
इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवियों ने स्व. प्रदीपकुमार कासलीवाल के जीवन और उनके सेवा कार्यों को याद करते हुए कहा कि –
“स्व. प्रदीपजी कासलीवाल ने अपना पूरा जीवन समाज और मानव सेवा को समर्पित कर दिया। उनका जीवन आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा है।”
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोहर जी झांझरी,
महावीर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आदित्य जी कासलीवाल,
महामंत्री बाहुबली जी पांड्या,
रीजन अध्यक्ष प्रदीप जी चौधरी,
सचिव संजय जी पापड़ीवाल,
अष्टापद तीर्थ महामंत्री कीर्ति जी पांड्या,
पूर्व अध्यक्ष विमल जी अजमेरा,
कमलेश जी कासलीवाल,
हसमुख जी गांधी,
टी. के. वेद,
आशीष जैन सूतवाले,
दिलीप जी मेहता,
रमेश जी बड़जात्या,
होलाश जी सोनी,
मुकेश जी बाकलीवाल,
संजय जैन अहिंसा,
राजीव जी लुहाड़िया,
ऋषभ जैन,
सुनील जैन मीठी,
अनिल खासगीवाला,
प्रवीण ज्योति जैन,
चिराग जैन,
सुरेश मोदी,
प्रबंधक ललित राठौर सहित अनेक समाजश्रेष्ठीजन उपस्थित रहे।
आयोजक संस्थाओं की भूमिका
महावीर ट्रस्ट बाल कल्याण एवं शोध संस्थान केंद्र और दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन संस्थाओं का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और संस्कार को बढ़ावा देना है।
जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य इसी सोच का जीवंत उदाहरण बना।
मीडिया प्रभारी की जानकारी
फेडरेशन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस आयोजन में सभी वक्ताओं ने स्व. प्रदीपजी कासलीवाल के सामाजिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें सच्चा समाजसेवी बताया।
उन्होंने कहा कि –
“स्व. प्रदीपजी का जीवन सेवा, सादगी और समर्पण का प्रतीक था।”
कार्यक्रम संचालन और आभार
कार्यक्रम का संचालन महावीर ट्रस्ट के महामंत्री श्री बाहुबली जी पांड्या ने किया।
उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और भावपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
आभार प्रदर्शन ट्रस्टी टी. के. वेद ने किया और सभी अतिथियों, सहयोगकर्ताओं एवं समाजजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
समाज की भागीदारी
इस आयोजन में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
युवा, महिलाएं, बुजुर्ग सभी ने मिलकर सेवा कार्यों में सहयोग किया।
यह दर्शाता है कि जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी बना।
निष्कर्ष
जैनरत्न प्रदीपकुमार कासलीवाल जन्म जयंती सेवा कार्य ने यह साबित कर दिया कि सच्ची श्रद्धांजलि वही होती है, जो किसी के विचारों और कार्यों को आगे बढ़ाए।
स्व. प्रदीपकुमार कासलीवाल ने जीवन भर समाज के लिए जो किया, उसी राह पर चलकर यह आयोजन एक प्रेरणा बन गया।
यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि मानवता, करुणा और सेवा की जीवंत मिसाल था –
जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।


