Thandla में जगद्गुरु स्वामी रामानन्दाचार्यजी की 726वीं जयंती पर ऐतिहासिक शोभायात्रा हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता
Thandla नगर में जगद्गुरु स्वामी रामानन्दाचार्यजी की 726वीं जयंती के अवसर पर ऐतिहासिक और भव्य आयोजन संपन्न हुआ। 300 से अधिक संत-महात्माओं के सानिध्य में निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों की संख्या में हिंदू श्रद्धालु शामिल हुए। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर संतों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे पूरा नगर भगवामय हो गया।
शोभायात्रा की अगुवाई भगवा धर्मध्वजा और महाकाल का त्रिशूल धारण किए भक्तों ने की। इसके पश्चात नारी शक्ति के स्वरूप में ध्वजा लेकर अश्वारोहण करती तीन बालिकाएं, बैंड-ढोल-ताशे, जगद्गुरु स्वामी रामानन्दाचार्यजी की तस्वीर से सुसज्जित वाहन, नृत्य करती सैकड़ों महिलाएं तथा विभिन्न संप्रदायों के उत्साह से भरे श्रद्धालु शामिल रहे।
शोभायात्रा में बग्गी में विराजमान नर्मदा विरक्त मंडल के अध्यक्ष पिपलखुटा आश्रम के महंत 1008 दयरामदासजी महाराज, महामंडलेश्वर 1008 शांतिस्वरूपानन्द गिरिजी महाराज (उज्जैन), महामंडलेश्वर 1008 भगवानदासजी महाराज (अयोध्या), 108 रविशरणजी महाराज (अयोध्या), गौभक्त रघुवीरदासजी महाराज (तलावड़ा), कथा आचार्य जैमिन शुक्ल, नगर के महंत 108 सुखरामदासजी महाराज सहित देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे अनेक महामंडलेश्वर एवं संत-महात्मा उपस्थित रहे।
यह Thandla के इतिहास का पहला अवसर था जब किसी राष्ट्रीय संत की जयंती पर देशभर से इतनी बड़ी संख्या में संतों एवं श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। आयोजन के संयोजक विश्वास सोनी एवं राजीव सोनी के नेतृत्व में सभी समाजों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संतों का पुष्पहारों से स्वागत कर उन्हें मंचासीन किया।
मंच पर सर्वप्रथम जगद्गुरु की पादुका पूजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री निर्मला भूरिया, विधायक वीरसिंह भूरिया, प्रदेश मंत्री संयोजिका संगीता सोनी, पूर्व सांसद गुमानसिंह डामर, पूर्व अजजा प्रदेशाध्यक्ष कलसिंह भाबर, भाजपा जिलाध्यक्ष भानु भूरिया सहित अनेक गणमान्य जनों ने सहभागिता की।
राष्ट्रीय संतों के मंगल प्रवचनों में हिंदुत्व की एकता, जीवदया और गौरक्षा के संकल्प दिलाए गए तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण पर विशेष बल दिया गया। अंत में जगद्गुरु की आरती के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। समारोह के समापन पर सभी संत-महात्माओं को विशेष भेंट देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
अगला आयोजन पिपलखुटा तीर्थ में
आयोजन के मार्गदर्शक महंत 1008 दयरामदासजी महाराज ने घोषणा की कि जगद्गुरु स्वामी रामानन्दाचार्यजी की 727वीं जयंती अंचल के प्रसिद्ध पिपलखुटा तीर्थ में मनाई जाएगी। इस अवसर पर जीवदया अभियान से जुड़े नए सदस्यों का विमोचन भी किया गया तथा संतों ने अभियान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जीवदया अभियान से जुड़े नए सदस्यों का विधिवत विमोचन किया गया। संत-महात्माओं ने जीवदया, करुणा और अहिंसा को सनातन संस्कृति का मूल बताते हुए अभियान के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। संतों ने समाज के प्रत्येक वर्ग से जीवदया अभियान से जुड़ने, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं निराश्रित जीवों की रक्षा हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियानों से समाज में नैतिक मूल्यों का संवर्धन होता है और मानवता का मार्ग सुदृढ़ होता है।

पूर्व संध्या पर भव्य भक्ति संध्या
समारोह की पूर्व संध्या पर महाकाल भक्त एवं सुप्रसिद्ध गायक नितिन बागवान की सुमधुर प्रस्तुति के साथ विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ‘ओम नमः शिवाय’, ‘मेरा भोला है भंडारी’, ‘मैं महाकाल का/की बेटा-बेटी हूँ’, ‘तेरी होवे जय जयकार’, ‘मीठे रस से भरी’ सहित शिव-भक्ति एवं कृष्ण-भक्ति से ओतप्रोत सैकड़ों भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते-नाचते रहे और पूरा वातावरण शिवमय व भक्तिमय हो गया।
भक्ति संध्या में बड़ी संख्या में नगर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों से श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भजनों के साथ जयकारे लगाते हुए भगवान महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, श्रद्धा और भावनात्मक एकाग्रता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजक विश्वास सोनी, पंडित द्वारिकाप्रसाद एवं वरिष्ठ साहित्यकार जगमोहनसिंह राठौर द्वारा किया गया। वहीं राजीव सोनी ने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी संत-महात्माओं, कलाकारों, स्वयंसेवकों, प्रशासन एवं अंचलवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों को भव्य स्वरूप मिलता है।
