—Advertisement—

Indore: दहशत के साए में भागीरथपुरा, लगतार बढ़ रहे मौत के आंकड़े

Author Picture
Published On: 7 January 2026
Indore
— इंदौर में जहरीले पानी का कहर अब भी जारी

—Advertisement—

भागीरथपुरा जल संकट: Indore में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा 20 पहुंचा, हालात अब भी गंभीर

देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिने जाने वाले Indore से एक बेहद चिंताजनक और दुखद खबर सामने आ रही है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैली बीमारी अब एक बड़ी मानवीय त्रासदी का रूप ले चुकी है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस घटना में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 मरीज गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें से तीन मरीजों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। हालांकि, इस पूरे मामले में सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच गंभीर विरोधाभास देखने को मिल रहा है, जिसने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास, सवालों के घेरे में Indore प्रशासन

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर उठ रहा है। Indore प्रशासन ने हाल ही में हाईकोर्ट में पेश अपनी रिपोर्ट में केवल चार मौतों को दूषित पानी से सीधे तौर पर जोड़कर स्वीकार किया है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात इससे कहीं ज्यादा भयावह नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रशासन द्वारा अब तक 18 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। बुधवार को तैयार की गई नई मुआवजा सूची में दो और मृतकों के नाम जोड़े गए, जिससे कुल संख्या 20 तक पहुंच गई है। इन नए नामों में रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव शामिल हैं। Indore प्रशासन का तर्क है कि दूषित पानी से “प्रत्यक्ष रूप से” केवल 6 मौतें हुई हैं, लेकिन एहतियातन उन मामलों में भी मुआवजा दिया जा रहा है, जहां लक्षण और परिस्थितियां संदिग्ध पाई गई हैं। इस स्पष्टीकरण के बावजूद, आंकड़ों की यह असंगति आम जनता और विपक्ष के बीच असंतोष का कारण बन रही है।

मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग तेज

लगातार हो रही मौतों और गंभीर बीमारियों के बीच अब मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। Indore भागीरथपुरा इलाके में मृतकों के परिजनों का कहना है कि 2 लाख रुपये की सहायता राशि इस त्रासदी के नुकसान की भरपाई करने के लिए अपर्याप्त है। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है और इसकी जिम्मेदारी पूरी  तरह Indore नगर निगम और जल आपूर्ति व्यवस्था की है। ऐसे में सरकार को मृतकों के परिवारों को अधिक मुआवजा और स्थायी राहत पैकेज देना चाहिए।

गंभीर मरीजों की संख्या में इजाफा, स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति भी लगातार चिंता बढ़ा रही है। बुधवार को आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 16 हो गई, जिनमें से 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। यह आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सामान्य वार्डों में भर्ती मरीजों की संख्या में अब धीरे-धीरे कमी आने लगी है। अब तक कुल 429 लोग अस्पतालों में भर्ती कराए जा चुके हैं। मंगलवार शाम तक की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 330 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल 99 मरीज विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर मरीजों में उल्टी, दस्त, बुखार, डिहाइड्रेशन और संक्रमण के गंभीर लक्षण पाए गए हैं, जो दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों की ओर इशारा करते हैं।

इलाके में दहशत, लोग टैंकर और आरओ पानी पर निर्भर

Indore में लगातार हो रही मौतों और बीमारियों के चलते भागीरथपुरा इलाके में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने एहतियातन बोरिंग और नल के पानी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया है। फिलहाल लोग नगर निगम द्वारा भेजे जा रहे पानी के टैंकरों और आरओ वाटर पर निर्भर हैं। Indore नगर निगम ने भी एहतियात के तौर पर एडवाइजरी जारी की है। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। क्षेत्र में नर्मदा लाइन की टेस्टिंग की जा रही है। इस दौरान लोगों से अपील है कि नल की टोंटी बंद रखें और पानी का उपयोग न करें। टैंकर के पानी को भी उबालकर और छानकर ही पीएं।” — क्षितिज सिंघल, निगम कमिश्नर

पाइपलाइन लीकेज और सीवरेज से मिला दूषित पानी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानों पर सीवरेज लाइन और नर्मदा जल आपूर्ति पाइपलाइन के लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ। इसी वजह से गंदा पानी घरों तक पहुंचा और लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। Indore प्रशासन का कहना है कि लीकेज की मरम्मत, पाइपलाइन रिप्लेसमेंट, क्लोरीनेशन और फ्लशिंग का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द साफ पानी की सप्लाई बहाल की जा सके।

राजनीतिक विरोध तेज, महिला कांग्रेस का प्रदर्शन ऐलान

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने ऐलान किया है कि इस घटना के विरोध में पूरे प्रदेश में महिला कांग्रेस द्वारा एक साथ प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाले जाएंगे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम फेलियर का नतीजा है। उनका कहना है कि सरकार को सिर्फ मुआवजा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी करनी चाहिए।

प्रशासनिक निरीक्षण जारी, अधिकारी मैदान में

दूसरी ओर, Indore प्रशासन स्थिति को संभालने में जुटा हुआ है। कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। बुधवार को भी अधिकारियों ने बस्तियों में जाकर हालात का जायजा लिया और मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। Indore प्रशासन का दावा है कि अब पूरा फोकस साफ पानी की निर्बाध आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और किसी भी नई बीमारी को रोकने पर है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp