SWAYAM Portal: मध्य प्रदेश के कॉलेजों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश, 15 जनवरी तक करें पाठ्यक्रम मैपिंग
Indore: मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने राज्य के सभी कॉलेजों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने SWAYAM (Study Webs of Active-Learning for Young Aspiring Minds) Portal पर संचालित पाठ्यक्रमों की मैपिंग को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय अध्ययन मंडल के अध्यक्ष एवं सदस्य भी उपस्थित थे, जो 35 व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के निर्माण में शामिल हैं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य कॉलेजों में संचालित सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को SWAYAM पोर्टल के साथ अनिवार्य रूप से जोड़ना था, ताकि विद्यार्थियों को क्रेडिट और कौशल विकास का लाभ प्राप्त हो सके। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 तक पूर्ण होनी चाहिए।
SWAYAM पोर्टल के माध्यम से कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि SWAYAM पोर्टल पर केवल व्यावसायिक पाठ्यक्रम ही नहीं बल्कि सभी नए और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को समूहबद्ध कर शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थी अपने कौशल को बढ़ा सकेंगे और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खुद को सक्षम बना सकेंगे।
उन्होंने कॉलेजों को निर्देश दिया कि सभी छोटे और बड़े विषयों की मैपिंग सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी किसी भी विषय में अध्ययन कर रहे हों, उन्हें SWAYAM पोर्टल के माध्यम से क्रेडिट और प्रमाणन का लाभ मिल सके।
गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों में मध्य प्रदेश सबसे आगे
बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि गैर-तकनीकी विषयों के पंजीयन में मध्य प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य में गैर-तकनीकी विषयों में लगभग 2 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जो कुल पंजीयन का 57% है। वहीं तकनीकी विषयों में पंजीकरण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग 1.5 लाख (43%) रही।
बीते एक वर्ष में SWAYAM पोर्टल पर पंजीयन में 350% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि उच्च शिक्षा विभाग की योजनाबद्ध और सतत कोशिशों का नतीजा मानी जा रही है।
SWAYAM पोर्टल का उद्देश्य
SWAYAM Portal भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य शिक्षा के तीन प्रमुख सिद्धांतों – पहुँच, समानता और गुणवत्ता – को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है। विशेषकर वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराना इसका लक्ष्य है।
इस पोर्टल के माध्यम से देश के श्रेष्ठ शैक्षणिक संसाधनों को विद्यार्थियों तक पहुँचाया जाता है। इससे न केवल डिजिटल विभाजन कम होता है, बल्कि ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में अधिक से अधिक छात्र जुड़ पाते हैं।
महाविद्यालयों के लिए और भी निर्देश
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने महाविद्यालयों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर में निम्नलिखित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए:
- स्वच्छता और हाइजीन का ध्यान रखा जाए।
- शुद्ध पेयजल और साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- नियमित कक्षाओं का संचालन हो और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित हो।
- खाली पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज की जाए।
- अकादमिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर निगरानी और सुधार किए जाएँ।
इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉलेज परिसर विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित और शिक्षाप्रद वातावरण प्रदान करें।
15 जनवरी तक पाठ्यक्रमों की मैपिंग अनिवार्य
अपर मुख्य सचिव ने कॉलेजों को चेतावनी दी कि SWAYAM पोर्टल के साथ पाठ्यक्रमों की मैपिंग 15 जनवरी 2026 तक पूरी करनी होगी। इसके बाद ही विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से क्रेडिट और प्रमाणन का लाभ ले सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कॉलेज समय पर मैपिंग नहीं करेंगे तो विद्यार्थियों को होने वाले लाभ में बाधा आएगी, जो प्रशासन की जवाबदेही में कमी का प्रमाण होगा।
विद्यार्थियों के लिए लाभ
- SWAYAM पोर्टल पर पाठ्यक्रमों की मैपिंग से विद्यार्थी क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे।
- रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों की कौशल वृद्धि होगी।
- डिजिटल संसाधनों तक पहुँच बढ़ेगी, जिससे ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
- ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थी भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा का लाभ उठा पाएंगे।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के प्रयासों से SWAYAM पोर्टल पर पंजीयन और पाठ्यक्रम मैपिंग में तेजी आ रही है। यह पहल न केवल छात्रों के व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में सहायक है, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय शिक्षा मानकों के अनुरूप विकसित करने में भी मदद करेगी।
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन के निर्देश स्पष्ट हैं कि कॉलेज प्रशासन को अब समय पर सभी व्यवस्थाएँ पूरी करनी हैं और 15 जनवरी तक SWAYAM पोर्टल के साथ पाठ्यक्रमों की मैपिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी होगी।
इससे मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा में समानता, गुणवत्ता और समावेशिता के नए मानक स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।
