MP Budget 2026-27 की तैयारी तेज, सभी विभागों को 15 जनवरी तक रिपोर्ट देने का निर्देश
भोपाल। MP में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए Budget तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने कार्यभार तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों को 15 जनवरी तक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। इसमें बीते एक साल में विभिन्न योजनाओं पर हुए खर्च, उनसे जुड़े परिणाम और कितने लोगों को रोजगार मिला, इसका पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष का बजट न केवल वित्तीय आंकड़ों पर आधारित होगा बल्कि इसमें योजनाओं की प्रगति, उनके प्रभाव और सामाजिक-आर्थिक लाभ को भी स्पष्ट रूप से दर्शाया जाएगा। इससे बजट भाषण में योजनाओं की सफलता और प्रभाव का ब्योरा आम जनता और विधायकगण के सामने रखा जा सकेगा।
Budget तैयारी में हर विभाग की जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यान्वित योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इसमें प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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वित्तीय खर्च: बीते एक साल में हर योजना पर कितना बजट खर्च हुआ।
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योजना का परिणाम: हर योजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव।
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रोजगार सृजन: कितने लोगों को रोजगार मिला और किस स्तर पर लाभ पहुंचा।
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भविष्य की आवश्यकताएं: अगले वित्तीय वर्ष में योजना के विस्तार और सुधार की संभावना।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी विभागों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि रिपोर्ट सटीक, तथ्यात्मक और आंकड़ों पर आधारित हो। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बजट भाषण में योजनाओं का प्रभाव संपूर्ण और पारदर्शी तरीके से प्रदर्शित हो।
Budget का उद्देश्य: पारदर्शिता और प्रभावशीलता
CM डॉ. मोहन यादव का कहना है कि बजट केवल वित्तीय वितरण का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह योजना की प्रगति और जनसाधारण पर उनके प्रभाव का प्रतिबिंब भी होना चाहिए।
उन्होंने कहा:
“हम चाहते हैं कि हर योजना का लाभ जनता तक स्पष्ट रूप से पहुंचे और बजट भाषण में यह दिखाया जा सके कि सरकार ने कितनी योजनाएं चलाईं, उनका कितना खर्च हुआ और कितने लोगों तक इसका लाभ पहुंचा।”
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना। बजट तैयारियों में आंकड़ों का विस्तृत विवरण शामिल करने से यह सुनिश्चित होगा कि निर्णय निर्माता, विधायकों और आम जनता को योजनाओं की वास्तविक प्रगति का सही आकलन मिल सके।
पिछले वर्ष की योजना और खर्च का विवरण
सरकार ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक विभाग पिछले वर्ष की योजनाओं और उनके वित्तीय खर्च का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करे। इसमें शामिल हैं:
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कितने प्रोजेक्ट पूरे हुए और कितने प्रगति पर हैं।
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प्रत्येक योजना पर हुए खर्च और उसकी तुलना योजना के प्रारंभिक बजट से।
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योजनाओं के सामाजिक, आर्थिक और रोजगार सृजन पर हुए परिणाम।
इससे यह स्पष्ट होगा कि राज्य की नीतियों का कितना प्रभाव पड़ा और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
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रोजगार सृजन और योजना का प्रभाव
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि योजनाओं से कितने लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि रोजगार सृजन और सामाजिक प्रभाव बजट की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी।
इस दिशा में सभी विभागों को अपने आंकड़ों को वर्गीकृत और प्रमाणित करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बजट भाषण में प्रस्तुत आंकड़े सटीक और पारदर्शी हों।
बजट भाषण में आंकड़ों का महत्व
CM ने कहा कि इस वर्ष का बजट भाषण आंकड़ों पर आधारित और परिणाम केंद्रित होगा। सरकार की योजनाओं की प्रगति और उनके वास्तविक प्रभाव को स्पष्ट करने के लिए प्रत्येक विभाग का विस्तृत योगदान आवश्यक है।
इसके तहत ध्यान दिया जाएगा कि:
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कौन-सी योजना किस क्षेत्र में अधिक प्रभावी रही।
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किन योजनाओं का लाभ आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया।
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आगामी बजट में किन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस तरह बजट सिर्फ वित्तीय विवरण नहीं रहेगा, बल्कि यह जनकल्याण और विकास का वास्तविक आकलन भी प्रस्तुत करेगा।
सभी विभागों को मिली सख्त समयसीमा
राज्य सरकार ने सभी विभागों को 15 जनवरी 2026 तक रिपोर्ट जमा करने का अंतिम समय दिया है। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई या अधूरी जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी।
CM ने कहा कि समय पर रिपोर्ट न मिलने पर संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि रिपोर्ट पूरी तरह सत्य और प्रमाणित आंकड़ों पर आधारित हो।
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट: विकास और सुधार पर केंद्रित
इस बार का बजट केवल वित्तीय व्यय का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह राज्य में विकास, सामाजिक लाभ और रोजगार सृजन का विस्तृत चित्र पेश करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट में:
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं का आंकलन होगा।
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स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं के परिणाम प्रस्तुत किए जाएंगे।
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रोजगार सृजन और आर्थिक सुधार की स्पष्ट रूपरेखा पेश की जाएगी।
इस तरह यह बजट सुपर-सटीक, पारदर्शी और परिणाम केंद्रित होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से अपील की है कि वे बजट तैयारियों में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ आंकड़े प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा:
“हमारा उद्देश्य यह है कि आम जनता और विधायकगण को यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे कि सरकार की योजनाओं ने समाज और राज्य के विकास में कितना योगदान दिया। यह बजट केवल खर्च का विवरण नहीं, बल्कि विकास और परिणाम का दस्तावेज भी होगा।”
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल पारदर्शिता और परिणाम पर केंद्रित बजट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बीते एक वर्ष की योजनाओं का विस्तृत आंकलन और उनके प्रभाव का ब्योरा तैयार करके 2026-27 के बजट में शामिल किया जाएगा।
इस तरह का बजट भाषण न केवल वित्तीय जिम्मेदारी का परिचायक होगा, बल्कि यह जनसामान्य और नीति निर्धारकों के लिए योजनाओं की वास्तविक प्रगति और उनके प्रभाव को स्पष्ट रूप से पेश करेगा।

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