नगरीय विकास परियोजनाओं को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ा जाए: CM Yadav
भोपाल। CM Yadav ने कहा है कि मध्यप्रदेश में नगरीय विकास से जुड़ी सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरी विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित न रहकर आर्थिक सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार का माध्यम बने। मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और आधुनिक तकनीक आधारित सेवाओं के व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया।
CM Yadav मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीयूडीसी) के संचालक मंडल की 11वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास सहित संचालक मंडल के वरिष्ठ अधिकारी एवं कंपनी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कंपनी के प्रबंधकीय, वित्तीय, लेखा परीक्षा एवं अंकेक्षण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए।
नगरीय विकास में दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर जोर
CM Yadav ने कहा कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए संपत्ति प्रबंधन, पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल, हरित बांड, सोलर परियोजनाओं तथा अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के वैकल्पिक उपयोग जैसे नवाचारों को अपनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिक सेवाओं में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्ध सेवा वितरण संभव हो सके।
मुख्यमंत्री ने जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को नगरीय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि सभी नगरीय निकाय इन व्यवस्थाओं के प्रति विशेष सतर्कता बरतें। सुरक्षित पेयजल, प्रभावी सीवरेज नेटवर्क और अपशिष्ट जल के उपचार एवं पुन: उपयोग की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।
‘नमामि नर्मदे परियोजना’ के क्रियान्वयन के निर्देश
CM Yadav ने कहा कि ‘नमामि गंगे अभियान’ की तर्ज पर प्रदेश में ‘नमामि नर्मदे परियोजना’ आरंभ की जाए। इसके अंतर्गत नर्मदा नदी के तट पर स्थित नगरीय बसाहटों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुधार, नदी संरक्षण तथा उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए समग्र कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने नर्मदा और तापी नदियों के सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित करते हुए इनके सर्वांगीण विकास के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमामि नर्मदे परियोजना’ के सफल क्रियान्वयन में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के साथ-साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, उद्योग विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सभी संबंधित विभाग समन्वित प्रयासों से इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें।
एमपी अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में चार स्वतंत्र प्रभागों के गठन को मंजूरी
बैठक में CM Yadav की अध्यक्षता में प्रदेश में शहरी विकास को अधिक प्रभावी एवं विशेषज्ञता आधारित बनाने के लिए मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड में चार स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभागों के गठन के प्रस्ताव को सहमति प्रदान की गई। प्रस्तावित प्रभाग इस प्रकार हैं—
- परिसंपत्ति प्रबंधन एवं पीपीपी प्रभाग
इस प्रभाग के अंतर्गत नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, जनहित कार्यों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने, वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने तथा नीति आयोग एवं अन्य संबद्ध विभागों से समन्वय स्थापित करने पर ध्यान दिया जाएगा। मेट्रोपोलिटन एरिया डेवलपमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सोलर प्रोजेक्ट्स, हरित बांड और अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के नवाचारी उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग
इस प्रभाग के अंतर्गत ई-नगर पालिका प्रणाली, सीसीटीवी एवं जीआईएस आधारित निगरानी व्यवस्था, नागरिक सेवा प्लेटफॉर्म का उन्नयन, टोल संग्रह के लिए ई-पोर्टल, ऑनलाइन राजस्व संग्रहण और स्मार्ट सिटी से जुड़ी आधुनिक डिजिटल सेवाओं का संचालन किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है।
- शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) प्रभाग
इस प्रभाग के माध्यम से प्रदेश में ई-व्हीकल (ईवी) नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, रोपवे परियोजनाएं, मल्टी-लेवल पार्किंग, सार्वजनिक साइकिल सेवा, सिटी मोबिलिटी प्लान और ई-वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर कार्य किया जाएगा। इससे शहरी यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकेगा।
- नमामि नर्मदे एवं हरित एवं नदी संरक्षण प्रभाग
यह प्रभाग नदी संरक्षण, हरित विकास, पर्यावरणीय सुधार और सतत शहरी विकास से जुड़े कार्यों का समन्वय करेगा। इसके अंतर्गत नदी तट विकास, अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नियोजित शहरी विस्तार और पर्यावरण संतुलन
CM Yadav ने प्रदेश के नगरीय निकायों के आसपास के क्षेत्रों के नियोजित विकास के लिए ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनियोजित शहरी विस्तार भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसलिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाते हुए आवास, परिवहन, जल, हरित क्षेत्र और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, संजय दुबे, दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, पी. नरहरि, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास संकेत भोंडवे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं एमपी अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों और संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से मध्यप्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर सशक्त कदम बढ़ाएगा।

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