मेवानगर पेटलावद नाकोड़ा पार्श्व भैरव मंदिर आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी महाराज के सानिध्य में आकार ले रहा है। अतिप्राचीन पार्श्वनाथ प्रतिमा, भैरव दरबार और भव्य मेवानगरी निर्माण से यह धाम जैन श्रद्धालुओं की नई आस्था बनेगा।
मेवानगर पेटलावद नाकोड़ा पार्श्व भैरव मंदिर: धर्म और आस्था का ऐतिहासिक संगम
मेवानगर पेटलावद नाकोड़ा पार्श्व भैरव मंदिर को लेकर क्षेत्र में धर्म, आस्था और संस्कृति का अनुपम दृश्य देखने को मिला, जब जैनाचार्य आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी महाराज का मेवानगर पेटलावद में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि जैन समाज के इतिहास में भी एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।
आचार्य श्री के सानिध्य में शुरू हुआ पूर्णिमा महोत्सव
मंगल प्रवेश के साथ ही मेवानगर पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव के परम उपासक गादीपति सुमित पिपाड़ा (पेटलावद) की विशेष उपस्थिति में संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सकल जैन समाज द्वारा की गई भव्य अगवानी ने पूरे नगर को धर्ममय रंग में रंग दिया।
मध्यप्रदेश की प्रथम भव्य-दिव्य मेवानगरी की ऐतिहासिक पहल
आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी महाराज की पावन निश्रा में मेवानगर पेटलावद नाकोड़ा पार्श्व भैरव मंदिर को केंद्र बनाकर मध्यप्रदेश की प्रथम भव्य-दिव्य मेवानगरी विकसित करने की ऐतिहासिक योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
इस मेवानगरी में—
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श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान की अतिप्राचीन व आलौकिक प्रतिमा
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श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव देव की भव्य प्रतिष्ठा
की जाएगी, जो आने वाले समय में देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी।
सकल जैन समाज की ऐतिहासिक अगवानी
रायपुरिया मार्ग से मेवानगर पेटलावद आगमन पर—
- सकल जैन समाज
- युवा संगठन
- महिला मंडल
द्वारा जयघोष, मंगल वाद्य यंत्रों और गहुली के साथ पूज्य गुरुदेव का आत्मीय स्वागत किया गया।
नगर का हर मार्ग श्रद्धा और भक्ति से सराबोर नजर आया।
प्रेरणादायी प्रवचन: भैरव दरबार की दिव्य घोषणा
दोपहर में आयोजित प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा—
धर्म केवल पूजा तक सीमित न रहकर जीवन के प्रत्येक आचरण में उतरना चाहिए।
उन्होंने यह भी उद्घोषित किया कि—
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भैरव दरबार हाजरा-हजूर है
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इस धाम में अतिप्राचीन आलौकिक पार्श्वनाथ प्रतिमा प्रतिष्ठित होगी
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भैरव देव एवं पूज्य गुरुदेव नवरत्न सागर जी महाराज के संकेत उन्हें प्राप्त हुए हैं
इसी कारण इस दिव्य धाम के निर्माण का संकल्प उन्होंने स्वयं लिया है।
संगीतमय भक्ति संध्या में डूबा मेवानगर
रात्रि में आयोजित भक्ति संध्या में अहमदाबाद के सुप्रसिद्ध भजन गायक त्रिलोक मोदी (गौ सेवक) ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी।
श्रद्धालु भावविभोर होकर भजनों पर झूम उठे और संपूर्ण वातावरण भक्तिरस से भर गया।
देशभर से श्रद्धालुओं का जनसैलाब
पूर्णिमा अवसर पर—
- गुजरात
- राजस्थान
- महाराष्ट्र
- मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों
से श्रद्धालु मेवानगर पेटलावद पहुंचे।
भैरव दरबार में दर्शन-वंदन कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आचार्य श्री के दर्शन कर कुशलक्षेम पूछी।
भव्य मेवानगरी निर्माण की विस्तृत जानकारी
ट्रस्टी अध्यक्ष सुनील झालोका (रायपुरिया), सचिव राजेश कांठेड़ (नलखेड़ा), ट्रस्टी सौरभ खेमेसरा (मेघनगर), पद्म मेहता (पेटलावद), जयेश जैन (सैलाना), संजय खटोड़ (मनावर), सेवक सुनील भांगू (पेटलावद) सहित पदाधिकारियों ने निर्माण योजना की विस्तार से जानकारी दी।
लाभार्थियों का अनुकरणीय सहयोग
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नवकारसी लाभ: राकेश कुमार डूंगरवाल, सचिन अग्रवाल
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स्वामिवात्सल्य: सचिन खुनिया (तारखेड़ी), माणकलाल जैन (कछनार–दलोद)
पेयजल, टेंट, लाइट, साउंड, बैंड-बाजे की व्यवस्थाओं में भी लाभार्थियों का सराहनीय योगदान रहा।
निष्कर्ष: आस्था से भविष्य की ओर
मेवानगर पेटलावद नाकोड़ा पार्श्व भैरव मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और जैन संस्कृति की भावी पहचान बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

