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Jain साध्वी श्रीजी का पावन विहार, संयम और साधना की प्रेरणा

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Published On: 2 January 2026
Jain Spiritual Journey from Girnar to Ahmedabad Draws Devotee Participation
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साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. का गिरनार से अहमदाबाद विहार सम्पन्न

Jain धर्म की तपस्वी परंपरा को सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हुए युगप्रभावक पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्री जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का पावन गिरनार तीर्थ से अहमदाबाद तक का विहार कार्यक्रम 31 दिसंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विहार ने न केवल जैन समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया, बल्कि संयम, तपस्या और अहिंसा के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य भी किया।

गिरनार तीर्थ से प्रारंभ हुआ पावन विहार

गिरनार तीर्थ Jain धर्म के प्रमुख सिद्धक्षेत्रों में से एक है, जहाँ से साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का यह विहार प्रारंभ हुआ। गिरनार जैसे पवित्र स्थल से विहार का प्रारंभ होना अपने आप में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। विहार मार्ग में श्रद्धालुओं ने साध्वीश्री के दर्शन-वंदन कर धर्मलाभ प्राप्त किया। मार्ग में जगह-जगह समाजजनों द्वारा भक्ति भाव से साध्वीश्री का स्वागत किया गया।

संयम, तप और त्याग का जीवंत उदाहरण

साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. का संपूर्ण जीवन संयम, तपस्या, त्याग और साधना का प्रतीक है। उनका विहार कार्यक्रम इस बात का सशक्त संदेश देता है कि जैन साधु-साध्वियाँ भौतिक सुख-सुविधाओं से दूर रहकर भी समाज को धर्म, सदाचार और नैतिकता की दिशा दिखाते हैं। साध्वीश्री का प्रत्येक विहार आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।

अहमदाबाद आगमन पर श्रद्धालुओं में उत्साह

31 दिसंबर को जब साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा अहमदाबाद पहुँचा, तो जैन समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर साध्वीश्री के दर्शन किए और मंगलकामनाएँ अर्पित कीं। विहार के दौरान वातावरण “धर्म लाभ” और “जैन जय जयकार” के जयघोषों से गूंज उठा।

मीठाखली आराधना भवन में स्थिरता

अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा की मीठाखली स्थित आराधना भवन में कुछ दिनों तक स्थिरता रहेगी। इस स्थिरता काल के दौरान श्रद्धालुजन नियमित रूप से दर्शन, वंदन, प्रवचन एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से धर्मलाभ प्राप्त कर सकेंगे।

आराधना भवन में स्थिरता के दौरान आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ साध्वीश्री के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं और उनके सान्निध्य में आत्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं।

पालडी क्षेत्र में भी विराजमान

ब्रजेश बोहरा ने आगे बताया कि साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का पालडी क्षेत्र में भी विराजमान होने का कार्यक्रम निर्धारित है। पालडी क्षेत्र के समाजजनों में इस समाचार से विशेष हर्ष और उल्लास व्याप्त है। वहाँ के श्रद्धालु साध्वीश्री के आगमन की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

Jain समाज में धर्म जागरण

साध्वीश्री के विहार और स्थिरता कार्यक्रमों से अहमदाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में जैन समाज में धर्म जागरण का वातावरण निर्मित हुआ है। युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों में धार्मिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ी है। साध्वीश्री का सान्निध्य समाज को अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम जैसे जैन मूल्यों की ओर प्रेरित कर रहा है।

समाज की सहभागिता

इस विहार कार्यक्रम में समाज के विभिन्न संगठनों, नवयुवक परिषद, महिला मंडल और वरिष्ठजनों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने विहार मार्ग में साध्वीश्री के लिए गोचरी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भक्ति भाव से संपन्न किया। यह सामूहिक सहभागिता जैन समाज की एकता और संगठन शक्ति को दर्शाती है।

आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत

साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. का विहार केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मविकास का अवसर भी है। उनके तपस्वी जीवन से प्रेरणा लेकर अनेक श्रद्धालु अपने जीवन में संयम और सादगी अपनाने का संकल्प लेते हैं। साध्वीश्री का सरल, शांत और संयमित आचरण समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

Jain परंपरा की गौरवशाली निरंतरता

गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्री जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञा में साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का यह विहार जैन परंपरा की गौरवशाली निरंतरता को दर्शाता है। यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी धर्म, साधना और आत्मकल्याण के मार्ग को आगे बढ़ा रही है।

समाजजनों ने जताया आभार

अहमदाबाद आगमन पर समाजजनों ने साध्वीश्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल विहार की मंगलकामनाएँ कीं। श्रद्धालुओं ने कहा कि साध्वीश्री का सान्निध्य उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला सिद्ध हो रहा है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का गिरनार से अहमदाबाद विहार कार्यक्रम Jain समाज के लिए एक अत्यंत पुण्यदायी, प्रेरणादायक और स्मरणीय आयोजन रहा। इस विहार ने समाज में धर्म, संयम और साधना के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया। आने वाले दिनों में मीठाखली और पालडी क्षेत्र में होने वाले स्थिरता कार्यक्रमों से श्रद्धालुओं को और अधिक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा।

यह पावन विहार कार्यक्रम जैन धर्म की मूल भावना — अहिंसा परमो धर्मः — को सशक्त रूप से जन-जन तक पहुँचाने में सफल रहा।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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