MP बर्फीली हवाओं से कांपा मध्यप्रदेश शहडोल में 1.7 डिग्री नौगांव में 3 डिग्री तक गिरा पारा
MP इस समय भीषण ठंड की गिरफ्त में है। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में सर्दी ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासकर प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी इलाकों में इस बार ठंड का असर असामान्य रूप से ज्यादा देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं ने मध्यप्रदेश में तापमान को तेजी से गिरा दिया है। नतीजतन, कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है और ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
शहडोल जिले के कल्याणपुर क्षेत्र में बीती रात न्यूनतम तापमान मात्र 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। इतनी भीषण ठंड ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लोग अलाव जलाने, हीटर और ब्लोअर का सहारा लेने को मजबूर हैं। गांवों और कस्बों में सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।
इस सर्दी के मौसम में पहली बार ऐसा देखा गया है कि मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों—जैसे जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग—में ठंड का असर सबसे ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 दिसंबर की रात प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक नीचे चला गया। शहडोल के कल्याणपुर के अलावा छतरपुर जिले के नौगांव में तापमान उमरिया में 3.1 डिग्री, खजुराहो में 4.4 डिग्री, राजगढ़ में 4.6 डिग्री और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार सर्दी ने प्रदेश में पुराने रिकॉर्ड को भी चुनौती दी है। कई स्थानों पर लोगों को सुबह-सुबह स्कूल, दफ्तर और खेतों में काम करने के लिए निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। ठंडी हवाओं के कारण खुले इलाकों में ठिठुरन और ज्यादा बढ़ गई है।

प्रदेश के अन्य शहरों में भी रात का तापमान बेहद कम दर्ज किया गया। मंडला और रीवा में न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री, सतना में 5.2 डिग्री, दतिया मे 5.7डिग्री और मलाजखंड में 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी भोपाल भी ठंड की चपेट में है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर
तक पहुंच गया। सुबह और देर रात राजधानी में सर्द हवाओं के चलते कड़ाके की ठंड महसूस की गई।
इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री, जबलपुर में 7 डिग्री, जबकि उज्जैन में 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कुल मिलाकर प्रदेश के लगभग 30 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, जो इस बात का संकेत है कि ठंड अभी और तेज हो सकती है।
ठंड के साथ-साथ प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। सुबह के समय कोहरे की मोटी चादर छा जाने से दृश्यता बेहद कम हो गई है। दतिया और खजुराहो में दृश्यता केवल 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। सतना, नौगांव, रीवा, सीधी, खरगोन और मंडला जैसे इलाकों में भी सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिला।
कोहरे का सीधा असर रेल सेवाओं पर पड़ा। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली 10 से अधिक ट्रेनें अपने तय समय से देरी से पहुंचीं। यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे ठंड में उनकी परेशानी और बढ़ गई। वहीं, सड़कों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा और कई जगहों पर दुर्घटना की आशंका बनी रही।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए शीतलहर और शीत दिन की चेतावनी जारी की है। भोपाल, सीहोर, शहडोल और उमरिया जिलों में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में रात और सुबह के समय तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है। ठंडी हवाओं के कारण खुले क्षेत्रों में ठंड का असर और ज्यादा महसूस होगा।
ग्वालियर, दतिया और निवाड़ी जिलों में शीत दिन की स्थिति बनने की आशंका है, जहां दिन के समय भी तापमान कम रहेगा और धूप कमजोर पड़ेगी। वहीं छतरपुर जिले के लिए मौसम विभाग ने शीतलहर और शीत दिन दोनों की चेतावनी जारी की है, यानी यहां दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड बनी रह सकती है।
इसके अलावा भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, टीकमगढ़, मैहर, छतरपुर, ग्वालियर, दतिया और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुबह और देर रात अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे फसलों को पाले से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में ठंड का प्रकोप अभी जारी है और आने वाले कुछ दिनों तक इससे राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार यदि उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं इसी तरह सक्रिय रहीं, तो प्रदेश में ठंड और भी बढ़ सकती है।
