श्री गुजराती रानी माली समाज के पदाधिकारी हरिद्वार में आयोजित भागवत कथा में अतिथि के रूप में शामिल होने रवाना हुए। समाज संगठन और शिक्षा समिति की सक्रिय भूमिका।
श्री गुजराती रानी माली समाज की सामाजिक भूमिका
श्री गुजराती रानी माली समाज सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। समाज न केवल संगठनात्मक मजबूती पर कार्य कर रहा है, बल्कि धार्मिक आयोजनों और शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। इसी कड़ी में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों की हरिद्वार यात्रा एक महत्वपूर्ण सामाजिक घटना के रूप में सामने आई है।
हरिद्वार भागवत कथा हेतु समाज प्रतिनिधियों की यात्रा
श्री गुजराती रानी माली समाज एवं समाज की प्रदेश शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रेम नारायण परमार, शिक्षा समिति के सक्रिय सदस्य दिनेश परमार, तथा बिजलपुर समाज अध्यक्ष शंकर पटेल अपने-अपने परिवार सहित आज दोपहर बांद्रा–हरिद्वार ट्रेन से हरिद्वार के लिए रवाना हुए।
यह सभी प्रतिनिधि गुजरात के संत के मुखारविंद से आयोजित होने वाली भागवत कथा में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं। यह यात्रा समाज की धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है।
नागदा जंक्शन पर सम्मान एवं विदाई
यात्रा से पूर्व नागदा जंक्शन पर समाज के प्रदेश सहसचिव एवं शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष, संयुक्त माली समाज नागदा के अध्यक्ष सी. एल. वर्मा द्वारा तीनों दंपतियों का पुष्प माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर समाजजनों की उपस्थिति ने यह सिद्ध किया कि श्री गुजराती रानी माली समाज आपसी सम्मान, सहयोग और एकता की भावना को सर्वोपरि रखता है।
शिक्षा समिति और समाज संगठन की सहभागिता
समाज की प्रदेश शिक्षा समिति लंबे समय से समाज में शिक्षा जागरूकता, संगठन विस्तार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।
श्री गुजराती रानी माली समाज की यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का भी प्रयास है।

समाज की सांस्कृतिक एवं धार्मिक सक्रियता
हरिद्वार जैसे पावन तीर्थ में आयोजित भागवत कथा में समाज की सहभागिता यह दर्शाती है कि श्री गुजराती रानी माली समाज अपनी परंपराओं, संस्कारों और धार्मिक मूल्यों के प्रति सजग और समर्पित है।
समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यह यात्रा श्री गुजराती रानी माली समाज की संगठनात्मक मजबूती, धार्मिक आस्था और सामाजिक समर्पण का जीवंत उदाहरण है। समाज की निरंतर सक्रियता भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को नई दिशा देगी।
- ,संवाददाता
- जीवन लाल जैन नागदा की रिपोर्ट
