गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर में श्रीमद यतीन्द्र सूरी अष्टप्रकारी पूजन के साथ त्रिदिवसीय धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ। जानिए कार्यक्रमों का पूरा विवरण।
गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर : धार्मिक आस्था का अनुपम संगम
गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर में जैन समाज की आस्था, श्रद्धा और गुरु भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। विश्व पूज्य दादा गुरुदेव श्रीमद विजय राजेन्द्र सुरीश्वरजी महाराज साहब के 199वें जन्म दिवस एवं 119वें स्वर्गारोहण दिवस के पावन अवसर पर यह त्रिदिवसीय सामूहिक गुरुसप्तमी महोत्सव पहली बार भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है।
यह आयोजन श्री त्रिस्तुतिक श्रीसंघ, ज्ञान मंदिर ट्रस्ट एवं परिषद परिवार के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हो रहा है, जिसमें संपूर्ण सकल श्रीसंघ की सहभागिता देखने को मिल रही है।
त्रिदिवसीय आयोजन का ऐतिहासिक महत्व
गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जैन परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है। गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता, संयम, तप और आत्मशुद्धि का यह पर्व समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।
प्रथम दिवस: अष्टप्रकारी पूजन से शुभारंभ
महोत्सव के प्रथम दिवस, 26 दिसंबर (पौष सुद 6) को दोपहर में
श्रीमद विजय यतीन्द्र सुरीश्वरजी महाराज साहब की अष्टप्रकारी पूजन के साथ गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर का शुभारंभ किया गया।
इस पावन पूजन का लाभ सामूहिक लाभार्थी परिवार द्वारा लिया गया। पूजन के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय रहा और गुरु भक्ति की भावना हर श्रद्धालु के मन में स्पष्ट झलकती रही।
ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोहरलाल चौरडिया ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि यह महोत्सव समाज के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायी सिद्ध होगा।
आज गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर में होंगे विविध आयोजन
ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी रजत कावड़िया ने बताया कि आज गुरुसप्तमी के पावन अवसर पर निम्न प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे—
🔸 प्रातःकालीन कार्यक्रम
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पक्षाल
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पूजन
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नवकारसी
🔸 सामूहिक आयोजन
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सकल श्रीसंघ वरघोड़ा
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स्वामीवात्सल्य
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सामूहिक आयंबिल
🔸 दोपहर एवं रात्रि कार्यक्रम
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श्री राजेन्द्र सूरी अष्टप्रकारी पूजन
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भक्ति संध्या
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108 दीपकों की भव्य महाआरती
इन सभी आयोजनों में बड़ी संख्या में समाजजन भाग लेकर गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करेंगे।
समाज और संस्कृति में गुरुसप्तमी का महत्व
गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर जैन समाज में आत्मशुद्धि, संयम और गुरु वंदना का प्रतीक है। यह पर्व नई पीढ़ी को संस्कारों, अनुशासन और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करता है।
आयोजन समिति की सराहनीय भूमिका
ज्ञान मंदिर ट्रस्ट, परिषद परिवार एवं श्रीसंघ के पदाधिकारियों ने आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था को सुचारू रूप से संपन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सामूहिक प्रयास गुरुसप्तमी महोत्सव मेघनगर को एक आदर्श धार्मिक आयोजन बनाता है।
