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पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा 2025: इंदौर में महिला शक्ति और भक्ति का भव्य संगम

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Published On: 25 December 2025
पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा हिंकारगिरी तीर्थ
— पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा हिंकारगिरी तीर्थ

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पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा 2025 इंदौर के हिंकारगिरी तीर्थ में भक्ति, संस्कार और महिला सशक्तिकरण के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुई।

पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा: आस्था, एकता और सशक्तिकरण का संगम

पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा इंदौर शहर के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध हिंकारगिरी तीर्थ में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। वर्ष 2025 की इस अंतिम सभा में जैन समाज की 85 से अधिक महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता कर संगठन की शक्ति और एकता का परिचय दिया।

सभा का उद्देश्य और संदेश

पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ना रहा। यह सभा केवल एक आयोजन नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण, संस्कार और सामूहिक सहभागिता का सशक्त मंच बनी।

तीर्थ दर्शन और आध्यात्मिक वातावरण

सभा की शुरुआत 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन-वंदन से हुई। पहाड़ी पर बसे मनोहारी हिंकारगिरी तीर्थ का शांत और पावन वातावरण सभा को विशेष आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान कर रहा था। सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से भक्ति कर आत्मिक शांति का अनुभव किया।

धार्मिक व मनोरंजक गतिविधियाँ

पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा में धार्मिक प्रश्नोत्तरी, संस्कार आधारित खेल और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास, सौहार्द और पारिवारिक भावनाओं को प्रोत्साहन मिला। विजेताओं को आकर्षक उपहार भी प्रदान किए गए।

महिला नेतृत्व और सशक्त संगठन

संस्था अध्यक्ष जैन अंतिम राठौर के नेतृत्व में यह आयोजन अत्यंत सफल रहा। सुव्यवस्थित संयोजन में अल्पना मोगरा, साधना रांका, चित्रा पोरवाल, आशा मोगरा, रीता चौपड़ा एवं तपस्या भटेवरा की सराहनीय भूमिका रही।
सभा का संचालन संगीता कर्नावट ने किया तथा आभार प्रदर्शन संगीता मोगरा द्वारा किया गया। संस्था सचिव नेहा सुराणा ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी।

पारंपरिक निमाड़ी जैन भोजन

सभा के समापन पर सूर्यास्त से पूर्व सभी सदस्यों ने पारंपरिक निमाड़ी जैन भोजन दाल-पानिए का सामूहिक आनंद लिया। यह क्षण सामाजिक सौहार्द और अपनत्व का प्रतीक बना।

निष्कर्ष

पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप वर्षांत सभा न केवल एक धार्मिक आयोजन रही, बल्कि यह महिला एकता, संगठनात्मक मजबूती और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त उदाहरण बनी। यह सभा आने वाले वर्षों के लिए प्रेरणा और दिशा प्रदान करती है।

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