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Guru Saptami Mahotsav Mohankheda 2025: शक्तिशाली भक्ति, ऐतिहासिक आयोजन और दिव्य साधना का महासंगम

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Published On: 24 December 2025
Guru Saptami Mahotsav Mohankheda अभिषेक समारोह
— Guru Saptami Mahotsav Mohankheda अभिषेक समारोह

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Guru Saptami Mahotsav Mohankheda 2025 में मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ, दहाणु में भव्य गुरु सप्तमी समारोह आयोजित होगा। जानिए पूरा कार्यक्रम, अभिषेक, रथयात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तृत जानकारी।

Guru Saptami Mahotsav Mohankheda: आध्यात्मिक महत्व

Guru Saptami Mahotsav Mohankheda जैन धर्म में अत्यंत पावन और श्रद्धा से जुड़ा पर्व है। यह दिवस गुरु-परंपरा, तप, त्याग और संयम की महान विरासत को स्मरण करने का अवसर देता है। गुरु सप्तमी पर भक्त अपने गुरुओं के जन्म एवं स्वर्गारोहण दिवस को कृतज्ञता और भक्ति भाव से मनाते हैं।

मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ: आस्था का केंद्र

महाराष्ट्र के दहाणु क्षेत्र में स्थित मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ जैन समाज का एक प्रतिष्ठित तीर्थ है। यह स्थान वर्षों से साधना, तपस्या और धार्मिक आयोजनों का साक्षी रहा है। Guru Saptami Mahotsav Mohankheda के अवसर पर यह तीर्थ आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठता है।

Guru Saptami Mahotsav Mohankheda 2025: तिथि और स्थान

  • मुख्य दिवस: 27 दिसंबर 2025, शनिवार

  • पूर्व आयोजन: 26 दिसंबर 2025, शुक्रवार

  • स्थान: मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ, डोंगरीपाडा, दहाणु, महाराष्ट्र

पावन निश्रा और संत सान्निध्य

इस Guru Saptami Mahotsav Mohankheda का सौभाग्य प्राप्त होगा पावन निश्रा में—
मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी
जो मोहनखेड़ा महातीर्थ विकास प्रेरक, परोपकार सम्राट गुरुदेव
आचार्य श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी
के आज्ञानुवर्ती सुशिष्य एवं 07वें वर्षीतप तपस्वी हैं।

दो दिवसीय मंगल कार्यक्रम (26–27 दिसंबर)

26 दिसंबर 2025 | शुक्रवार

  • दोपहर 3:00 बजे – गुरु भगवंत का प्रवेश, प्रवचन, स्वामीवात्सल्य

  • शाम 6:30 बजे – गांव सांझी मेहंदी

  • शाम 7:30 बजे – भक्ति-भावना आरती

27 दिसंबर 2025 | शनिवार (मुख्य दिवस)

  • प्रातः 5:30 बजे – मंदिर द्वार उद्घाटन, भक्तामर स्तोत्र, गुरु चालीसा, चैत्यवंदन

  • 8:30 बजे – दादा गुरुदेव के 108 महाअभिषेक

  • 12:00 बजे – भव्य रथयात्रा (वरघोड़ा)

  • 1:00 बजे – गुरुपद महापूजन

  • शाम 6:30 बजे – महाआरती

मुख्य आकर्षण: 108 महाअभिषेक

Guru Saptami Mahotsav Mohankheda का केंद्रबिंदु 108 महाअभिषेक रहेगा, जिसमें श्रद्धालु सामूहिक रूप से भाग लेकर आध्यात्मिक पुण्य अर्जित करेंगे। यह अनुष्ठान आत्मशुद्धि, शांति और सद्भाव का प्रतीक माना जाता है।

संपूर्ण कार्यक्रम के लाभार्थी

सादड़ी (राजस्थान) निवासी—
सुशीलाबेन शांतिलालजी मेहता (वेदमुथा), रेखाबेन भरत कुमारजी मेहता
एवं परिवार (वर्तमान निवास: दहाणु-घोलवड)

आयोजक संस्था

श्री पार्श्व राजेन्द्रसूरि जैन चैरिटेबल ट्रस्ट
मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ, डोंगरीपाडा, दहाणु, महाराष्ट्र

सामाजिक और धार्मिक संदेश

Guru Saptami Mahotsav Mohankheda केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, अहिंसा और करुणा का संदेश भी देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को गुरु-परंपरा से जोड़ते हैं।

निष्कर्ष

Guru Saptami Mahotsav Mohankheda 2025 श्रद्धा, साधना और समर्पण का अनुपम संगम है। यह आयोजन जैन समाज के लिए ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति की खोज में लगे प्रत्येक श्रद्धालु के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

🚩 त्रिस्तुतिक साम्राज्य जयवंता हो 🚩

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