दूध पाउडर प्लांट इंदौर का निरीक्षण केंद्रीय पशुपालन सचिव द्वारा किया गया। 76.50 करोड़ की लागत से बने आधुनिक संयंत्र से किसानों की आय, दूध प्रसंस्करण और सहकारी डेयरी को नई मजबूती मिलेगी।
परिचय
दूध पाउडर प्लांट इंदौर मध्यप्रदेश के दुग्ध क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरा है। सहकारी मॉडल पर आधारित यह संयंत्र दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने, अतिरिक्त दूध के बेहतर उपयोग और आधुनिक डेयरी इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम है।
दूध पाउडर प्लांट इंदौर: परियोजना की झलक
इंदौर स्थित इंदौर सहकारी दुग्ध संघ में स्थापित यह संयंत्र 76.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हुआ है। इसकी दैनिक क्षमता 30 मेट्रिक टन दूध पाउडर उत्पादन की है, जिससे फ्लश सीजन में अतिरिक्त दूध का पूर्ण उपयोग संभव होगा।
निरीक्षण और अधिकारियों की मौजूदगी
19 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट के अंतर्गत बने इस प्रोजेक्ट की तकनीकी विशेषताओं की सराहना की गई।
निरीक्षण में एमपी स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के एमडी डॉ. संजय गोवाणी और दुग्ध संघ के अधिकारी मौजूद रहे।

तकनीक और उत्पादन क्षमता
यह संयंत्र SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) आधारित पूर्णतः स्वचलित है।
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प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण
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होल मिल्क पाउडर, स्किम मिल्क पाउडर और डेयरी व्हाइटनर का निर्माण
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गुणवत्ता, डेटा मॉनिटरिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार
किसानों को होने वाले प्रत्यक्ष लाभ
दूध पाउडर प्लांट इंदौर से किसानों को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा:
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दूध की अधिक खरीद क्षमता
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नियमित भुगतान और बेहतर मूल्य
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फ्लश सीजन में अतिरिक्त दूध का निस्तारण
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सहकारी ढांचे में विश्वास और स्थिरता
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इंदौर सहकारी दुग्ध संघ में बना दूध पाउडर प्लांट, जहां आधुनिक तकनीक से दुग्ध प्रसंस्करण किया जा रहा है।
भारत सरकार की सहायता और वित्त पोषण
परियोजना को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से एनपीडीडी कॉम्पोनेंट-बी और डीटीसी-जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के सहयोग से सहायता मिली।
शेष राशि दुग्ध संघ के स्वयं के स्रोतों से वहन की गई। स्थापना का कार्य भारत सरकार की कंपनी द्वारा किया गया।सहकारी समितियों का सशक्तिकरण
सचिव द्वारा उज्जैन क्षेत्र की दुग्ध सहकारी समिति का भ्रमण किया गया, जहां सदस्यों ने समय पर भुगतान और नवाचारों की सराहना की। सांची ब्रांड के साथ किसानों का भरोसा और जुड़ाव और मजबूत हुआ।
एआई तकनीक और नस्ल सुधार
निरीक्षण के दौरान सेक्स्ड सॉर्टेड सीमेन (AI) तकनीक से जन्मी स्वस्थ बछिया को देखा गया। इससे:
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दूध उत्पादन में वृद्धि
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नस्ल सुधार
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संतुलित पशु पोषण और टीकाकरण पर जोर
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दूध पाउडर प्लांट इंदौर से जुड़कर दुग्ध सहकारी समितियों के किसान अपनी आय में स्थिरता और वृद्धि देख रहे हैं। -
प्रधानमंत्री का वर्चुअल उद्घाटन
इस संयंत्र का वर्चुअल उद्घाटन नरेन्द्र मोदी द्वारा 11 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली से किया गया, जो राष्ट्रीय डेयरी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निष्कर्ष
दूध पाउडर प्लांट इंदौर आधुनिक तकनीक, सहकारी शक्ति और सरकारी सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह परियोजना किसानों की आय बढ़ाने, दुग्ध उद्योग को स्थिरता देने और मध्यप्रदेश को डेयरी हब के रूप में मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर है।
