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कबूतरखाना खोलो आंदोलन: हार्दिक हुंडिया का बड़ा बयान, नेताओं पर गंभीर आरोप

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Published On: 19 December 2025
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— कबूतरखाना खोलो आंदोलन को लेकर हार्दिक हुंडिया का बयान

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कबूतरखाना खोलो आंदोलन को लेकर जन कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए। मुंबई में कबूतरखाने बंद होने को लेकर बड़ा बयान।

कबूतरखाना खोलो आंदोलन: मुंबई में बढ़ता जन आक्रोश

कबूतरखाना खोलो आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। जन कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया ने नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “नेताओं को अब सिर्फ आश्वासन देना बंद कर ठोस कदम उठाने चाहिए।”

हार्दिक हुंडिया ने स्पष्ट कहा कि देशभर में कबूतरों को दाना-पानी देने की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन मुंबई में कबूतरखाने बंद होना समझ से परे है।

कबूतरखाना खोलो आंदोलन क्या है?

कबूतरखाना खोलो आंदोलन एक सामाजिक और मानवीय पहल है, जिसका उद्देश्य अबोल जीवों—विशेषकर कबूतरों—को भोजन, पानी और संरक्षण देना है।

हार्दिक हुंडिया का कहना है कि:

  • कबूतरों से इंसानों को कोई नुकसान नहीं

  • इंसानों से कबूतरों को कोई शिकायत नहीं

  • फिर भी मुंबई में प्रतिबंध क्यों?

हार्दिक हुंडिया का महाराष्ट्र सरकार पर सीधा आरोप

हार्दिक हुंडिया ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों से मिलने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला।

“हर बार कहा जाता है कि जल्दी कबूतरखाने खोल दिए जाएंगे, लेकिन आज तक एक भी नहीं खोला गया।”

उन्होंने सवाल उठाया—

  • सिर्फ मुंबई में ही कबूतरखाने बंद क्यों?

  • क्या यह मुंबई की संस्कृति के खिलाफ नहीं?

मुंबई की शान और कबूतरखाने

मुंबई सिर्फ देश की आर्थिक राजधानी नहीं, बल्कि जीवदया और सहअस्तित्व की मिसाल भी रही है।
हार्दिक हुंडिया ने कहा—

“मुंबई की पहचान उसके लोगों की संवेदनशीलता से है, न कि पाबंदियों से।”

जीवदया और भारतीय संस्कृति

हार्दिक हुंडिया ने स्पष्ट किया कि—

  • कबूतर किसी एक धर्म या समाज के नहीं

  • वे पूरे भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं

उन्होंने भगवान राम, महावीर, बुद्ध, नानक, ईसा मसीह और पैगंबर साहब का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी ने जीवदया का संदेश दिया है।

जन कल्याण पार्टी की राजनीतिक सोच

जन कल्याण पार्टी ने साफ किया कि—

  • वह किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं

  • बल्कि जनहित और जीवहित के साथ खड़ी है

“जो भी उम्मीदवार जनकल्याण और अबोल जीवों की रक्षा करेगा, जन कल्याण पार्टी उसका समर्थन करेगी।”

मुंबई महानगरपालिका चुनाव और कबूतरखाना मुद्दा

आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनाव में कबूतरखाना मुद्दा बड़ा राजनीतिक प्रश्न बनता जा रहा है।

हार्दिक हुंडिया ने जनता से अपील की—

“जो भी उम्मीदवार वोट मांगने आए, उससे पहला सवाल पूछिए—
जब कबूतर तड़प-तड़प कर मर रहे थे, तब आप कहां थे?”

भाजपा नेता आशीष शेलार से मुलाकात

जन कल्याण पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भाजपा नेता आशीष शेलार से मिला।
इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे—

  • हार्दिक हुंडिया (राष्ट्रीय अध्यक्ष)

  • रमेश शाह (राष्ट्रीय महामंत्री)

  • सुरेश फागनिया

  • दिनेश रायसोनी

  • प्रीतम जैन

निष्कर्ष

कबूतरखाना खोलो आंदोलन अब सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि मुंबई की संवेदनशीलता, संस्कृति और जीवदया की पहचान बन चुका है।
हार्दिक हुंडिया का यह बयान आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है।

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