इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण के दौरान स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बायोडायवर्सिटी पार्क और शहरी विकास के शक्तिशाली मॉडल का अवलोकन किया गया। यह दौरा इंदौर विकास के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रहा।
इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण इंदौर नगर निगम के लिए केवल एक अध्ययन यात्रा नहीं, बल्कि शहरी विकास, स्वच्छता और राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में नए आयाम खोलने वाला ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है।
इंदौर दिनांक 19 दिसंबर 2025 को, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव के मार्गदर्शन में नगर निगम इंदौर के पार्षद दल द्वारा गुजरात के सुरत शहर का भ्रमण किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य था—
सुरत के स्वच्छता एवं विकास मॉडल को समझना
इंदौर में लागू किए जा सकने वाले नवाचारों का अध्ययन
1. इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण: पृष्ठभूमि
इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण का नेतृत्व पार्षद दल सचेतक श्री कमल वाघेला ने किया। उनके साथ महापौर परिषद सदस्य श्री राजेश उदावत, पार्षदगण—
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श्रीमती सीमा कृष्ण वल्लभ डाबी
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श्रीमती ममता सुनार
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श्रीमती सोनाली धरकर
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श्रीमती सुनीता दिनेश सोनगरा
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श्री पुष्पेंद्र पाटीदार
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श्री मलखान कटारिया
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श्री मृदुल अग्रवाल
सहित अन्य पार्षद सदस्य उपस्थित रहे।
यह भ्रमण शहरी प्रशासन में बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने की दिशा में एक सशक्त पहल रहा।
2. सुरत नगर निगम से सौजन्य भेंट
इंदौर पार्षद दल ने सुरत के महापौर श्री देवेश मेवानी एवं नगर निगम आयुक्त श्रीमती शालिनी अग्रवाल से सौजन्य भेंट की।
इस अवसर पर:
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इंदौर नगर निगम की नागरिक पत्रिका भेंट की गई
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कपड़े का झोला देकर स्वच्छता का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया
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इंदौर के स्वच्छता मॉडल की जानकारी साझा की गई
यह भेंट नगर-से-नगर सहयोग (City-to-City Learning) का उत्कृष्ट उदाहरण बनी।

3. स्वच्छता मॉडल पर विस्तृत चर्चा
इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण के दौरान सुरत के स्वच्छता प्रबंधन की विशेषताएं सामने आईं:
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वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन
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टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग
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नागरिक सहभागिता
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स्वच्छता को राजस्व से जोड़ने की नीति
यही कारण है कि सुरत और इंदौर, दोनों ही राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में अग्रणी शहरों में गिने जाते हैं।
125 MLD सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का अवलोकन
पार्षद दल ने सुरत स्थित 125 MLD क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।
इस STP की प्रमुख विशेषताएं:
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अत्याधुनिक तकनीक
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RO लेवल तक जल शुद्धिकरण
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पर्यावरण के अनुकूल प्रणाली
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औद्योगिक उपयोग हेतु जल आपूर्ति
यह मॉडल जल संरक्षण और आत्मनिर्भर नगर निगम की दिशा में मील का पत्थर है।

5. जल पुनर्चक्रण से 140 करोड़ की आय: शक्तिशाली मॉडल
सुरत नगर निगम द्वारा:
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ट्रीटेड वॉटर को औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता है
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इससे निगम को प्रति वर्ष लगभग ₹140 करोड़ से अधिक की आय हो रही है
यह मॉडल दर्शाता है कि स्वच्छता केवल खर्च नहीं, बल्कि आय का स्रोत भी बन सकती है।
6. बायोडायवर्सिटी पार्क: स्लम से हरित क्रांति
इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण का सबसे प्रेरणादायक पड़ाव रहा—
सुरत का बायोडायवर्सिटी पार्क
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पहले: नाले के किनारे स्लम एरिया
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अब:
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60 हेक्टेयर में विकसित हरित क्षेत्र
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₹145 करोड़ की लागत
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प्रथम चरण पूर्ण
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द्वितीय चरण प्रगतिरत
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यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण + सामाजिक पुनर्वास का आदर्श उदाहरण है।

7. इंदौर के लिए क्या सीख?
इस भ्रमण से इंदौर को कई महत्वपूर्ण सीख मिलीं:
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STP आधारित राजस्व मॉडल
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स्लम पुनर्विकास के साथ हरित परियोजनाएं
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जल पुनर्चक्रण को उद्योग से जोड़ना
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दीर्घकालिक शहरी योजना
इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण से प्राप्त अनुभव इंदौर को और अधिक स्मार्ट, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
8. शहरी विकास में अंतर-राज्यीय सहयोग
ऐसे भ्रमण:
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नगर निगमों के बीच ज्ञान साझा करने का माध्यम हैं
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Best Practices को अपनाने में मदद करते हैं
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भारत के शहरी विकास को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं
9. निष्कर्ष: इंदौर के भविष्य की मजबूत नींव
इंदौर पार्षद दल सुरत भ्रमण न केवल एक अध्ययन यात्रा थी, बल्कि यह इंदौर के भविष्य की योजना तैयार करने की दिशा में एक शक्तिशाली कदम है।
सुरत के स्वच्छता, जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण मॉडल से प्रेरणा लेकर इंदौर:
स्वच्छता में नई ऊंचाइयां छुएगा
राजस्व बढ़ाएगा
नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता देगा
यह भ्रमण सतत विकास (Sustainable Development) की दिशा में इंदौर के संकल्प को और मजबूत करता है।
