जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले का नागदा में सेवा भावना के लिए सम्मान। कोरोना काल से जरूरतमंदों को निःशुल्क चाय बांटकर बने मानवता की प्रेरक मिसाल।
जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले की सेवा यात्रा
जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले नागदा नगर में मानव सेवा का ऐसा नाम बन चुके हैं, जिनकी मिसाल आज हर वर्ग देता है। बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के, वे रोज़ाना बेघर, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क चाय वितरित कर सेवा का कार्य कर रहे हैं।
नागदा में निःशुल्क चाय सेवा की अनूठी पहल
नागदा नगर स्थित राजस्थानी कपड़ा व्यापारी आराध्या पोशाख घर के बाहर प्रतिदिन दिखाई देने वाला यह दृश्य अब आम हो चुका है, जहाँ जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले गरीबों और जरूरतमंदों को मुस्कान के साथ चाय पिलाते हैं। यह केवल चाय नहीं, बल्कि अपनापन और सम्मान है।
कोरोना काल से शुरू हुई मानवता की मिसाल
कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में जब लोग एक-दूसरे से दूरी बना रहे थे, तब जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले ने निस्वार्थ भाव से सेवा शुरू की। उसी समय से वे लगातार इस सेवा को बिना रुके निभा रहे हैं।
कपड़ा व्यापारियों द्वारा सम्मान समारोह
उनकी इस अनुकरणीय सेवा को देखकर नागदा के प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी—
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सुरेन्द्र सिंह
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आवड सिंह
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भूपेंद्र सिंह सोलंकी
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संदीप सिंह डोडिया
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कुणाल सिंह भाटी
ने मिलकर जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले का सम्मान किया।
राजस्थानी परंपरा से किया गया अभिनंदन
सम्मान समारोह में जीवन जैन को राजस्थानी परंपरागत मारवाड़ी साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सेवा भावना का सम्मान था।

समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने जीवन जैन
आज जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा हैं। वे यह सिद्ध करते हैं कि सेवा के लिए बड़े मंच या धन की नहीं, बल्कि बड़े दिल की जरूरत होती है।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान और अवार्ड
उनकी निरंतर सेवा को देखते हुए कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा पहले भी जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले को सम्मानित किया जा चुका है और उन्हें अनेक अवार्ड भी मिल चुके हैं।

निष्कर्ष: सेवा ही सच्चा धर्म
निस्संदेह, जीवदया प्रेमी जीवन जैन चाय वाले यह साबित करते हैं कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि छोटी-सी पहल भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।
