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महंगाई से जूझते America में ट्रंप का ‘लंबे समय में फायदा’ का दावा

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Published On: 15 December 2025
america president trump on living cost

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महंगाई से जूझते America में ट्रंप समर्थकों का विश्वास, ‘लंबे समय में फायदा होगा’

America में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियां और टैरिफ से महंगाई और जीवनयापन की लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग) में वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बावजूद उनके समर्थकों का जोश और समर्थन स्थिर बना हुआ है। महंगाई की शिकायतें जहां आम हो रही हैं, वहीं ट्रंप के समर्थक यह मानते हैं कि यह अस्थायी समस्याएं हैं और उनके नीतियों के फायदें लंबी अवधि में सामने आएंगे। ट्रंप के आर्थिक फैसलों का असर हर अमेरिकी के जीवन पर पड़ा है, लेकिन समर्थकों का भरोसा कम नहीं हुआ है।

महंगाई और ट्रंप की नीतियों पर प्रतिक्रियाएं

America में ट्रंप के टैरिफ और आर्थिक नीतियों के चलते महंगाई और जीवनयापन की लागत बढ़ गई है। जहां एक ओर सामान्य नागरिक इन बढ़ी हुई कीमतों की शिकायत कर रहे हैं, वहीं ट्रंप के समर्थक यह मानते हैं कि यह समस्याएं केवल अस्थायी हैं। उनके मुताबिक, ट्रंप के पास “कोई जादू की छड़ी नहीं है,” लेकिन उनका भरोसा है कि इन नीतियों के अच्छे परिणाम लंबे समय में सामने आएंगे। वे मानते हैं कि ट्रंप का टैरिफ और डी-रेगुलेटरी एजेंडा लंबे समय में रोजमर्रा की खर्चों को कम करेगा।

ट्रंप समर्थकों का नज़रिया

America के डेनवर शहर के निवासी डेली, जो एक ह्यूमन रिसोर्स फर्म में काम करते हैं, मानते हैं कि ट्रंप की नीतियों से अस्थायी रूप से कुछ कठिनाइयाँ आई हैं। वे कहते हैं, “टैरिफ को लेकर बार-बार बदलते फैसलों से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और कई चीजों की कीमतें बढ़ गई हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में राहत भी मिली है। हाल ही में मैंने सिर्फ 1.74 डॉलर प्रति गैलन की दर से पेट्रोल खरीदा।” इसके साथ ही वे यह भी मानते हैं कि ट्रंप की नीतियों का लंबी अवधि में लाभ होगा और वे उन्हें 10 में से 8 अंक देते हैं।

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महंगाई का मुद्दा और मिड-टर्म चुनाव

America में आगामी मिड-टर्म चुनावों से पहले महंगाई और जीवनयापन की लागत एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह एक चिंता का विषय बन गया है कि अगर महंगाई बढ़ी रही, तो उनकी सत्ता में बने रहना मुश्किल हो सकता है। ट्रंप ने पहले महंगाई पर काबू पाने का वादा किया था, लेकिन हाल ही में उनके बयान बदलते नजर आए हैं। कभी उन्होंने महंगाई को “फर्जी” बताया, तो कभी इसे पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की नीतियों का परिणाम ठहराया। इसके साथ ही, ट्रंप का कहना है कि उनकी आर्थिक नीतियां अमेरिकियों को आने वाले सालों में फायदा पहुंचाएंगी।

समर्थकों का आर्थिक नीतियों पर रुख

ट्रंप समर्थकों से जब यह पूछा गया कि वे जीवनयापन की लागत पर उनके प्रशासन के रवैये को कैसे आंकते हैं, तो अधिकांश समर्थकों ने इसे सहायक माना। हाल ही में किए गए एक सर्वे में यह देखा गया कि ट्रंप को वोट देने वाले लगभग तीन-चौथाई लोगों ने जीवनयापन की लागत को लेकर उनके तरीके को मंजूरी दी है। जबकि कुल उत्तरदाताओं में यह आंकड़ा महज 30 फीसदी था। यह आंकड़ा नवंबर के सर्वे के मुकाबले 10 प्रतिशत अंक ज्यादा है।

इससे साफ है कि ट्रंप के समर्थक उनकी आर्थिक नीतियों से संतुष्ट हैं और उनका मानना है कि आगे चलकर इन नीतियों का लाभ मिलेगा। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी को डर है कि स्वतंत्र मतदाता उनकी आर्थिक नीतियों से उतने संतुष्ट नहीं हैं, और अगर महंगाई का मुद्दा आगे बढ़ा, तो इससे पार्टी को नुकसान हो सकता है।

ट्रंप की रैलियों में बढ़ी आक्रामकता

ट्रंप इन दिनों विभिन्न राज्यों में रैलियां कर रहे हैं और अपनी नीतियों का प्रचार कर रहे हैं। पेंसिल्वेनिया में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा, “America को फिर से किफायती बनाना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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” उन्होंने पेट्रोल, ऊर्जा और अंडों की कीमतों को घटाने का श्रेय खुद को दिया और अन्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों के लिए बाइडन को जिम्मेदार ठहराया। यह ट्रंप की रणनीति का हिस्सा है कि वे महंगाई को लेकर अपनी नीतियों का बचाव करें और अपना पक्ष सामने लाएं।

अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में बेरोजगारी चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और कंज्यूमर प्राइस अभी भी ऊंची बनी हुई हैं। हालांकि, साल की शुरुआत में आई गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इसके बावजूद, महंगाई और जीवनयापन की लागत को लेकर बहस तेज हो गई है।

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समर्थकों का अनुकूल दृष्टिकोण और आर्थिक वास्तविकता

इस समय America में यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप के समर्थकों का अडिग विश्वास उनके आर्थिक निर्णयों के बावजूद सही साबित होगा, या फिर उनकी नीतियों का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। एक तरफ जहां ट्रंप समर्थक उनकी नीतियों को सही ठहरा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ, आलोचकों का कहना है कि ट्रंप की नीतियों ने आम जनता की जेब पर बोझ डाला है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप के समर्थक अपने नेता के आर्थिक निर्णयों पर विश्वास रखते हैं या नहीं।

निष्कर्ष

महंगाई और जीवनयापन की लागत के मुद्दे को लेकर America में जो बहस चल रही है, वह ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा राजनीतिक चैलेंज बन चुकी है। उनके समर्थकों का कहना है कि महंगाई अस्थायी है और ट्रंप की नीतियां लंबे समय में लाभकारी साबित होंगी, लेकिन स्वतंत्र मतदाता और आलोचक इस पर सवाल उठा रहे हैं। ट्रंप की नीतियां, चाहे वह टैरिफ हों या ऊर्जा कीमतें, अब अमेरिकी राजनीति के एक अहम मुद्दे बन चुकी हैं और आगामी मिड-टर्म चुनावों में यह निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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