हनुमान अष्टमी सुंदरकांड पाठ का आयोजन भक्तिभाव से संपन्न
हनुमान अष्टमी सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन प्रकाश नगर स्थित सार्वजनिक शिव हनुमान दुर्गा मंदिर प्रांगण में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। हनुमान अष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम का आयोजन सायं 7:00 बजे से 9:00 बजे तक किया गया, जिसमें भक्तों द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ किया गया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
हनुमान अष्टमी सुंदरकांड पाठ का धार्मिक महत्व
हनुमान अष्टमी सुंदरकांड पाठ का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान अष्टमी के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, भय, रोग और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है तथा घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
सुंदरकांड में भगवान हनुमान की वीरता, भक्ति और पराक्रम का विस्तार से वर्णन है, जो भक्तों को आत्मबल, साहस और विश्वास प्रदान करता है।
मंदिर प्रांगण में भक्तिमय माहौल
प्रकाश नगर के सार्वजनिक शिव हनुमान दुर्गा मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। दीप, धूप और फूलों से सजे मंदिर में हनुमान अष्टमी सुंदरकांड पाठ के दौरान भक्त पूरी तल्लीनता से पाठ में लीन नजर आए।
पाठ के पश्चात भगवान हनुमान जी को विधिवत भोग अर्पित किया गया तथा सामूहिक आरती का आयोजन हुआ। आरती के समय पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया।
इन प्रमुख भक्तों की रही सहभागिता
इस हनुमान अष्टमी सुंदरकांड पाठ में कई गणमान्य श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से—
सुरेश शर्मा,
बद्रीलाल शर्मा,
राजेश शर्मा,
मुन्नालाल गर्ग,
ओमप्रकाश बाजपेई,
उदय सिंह सोलंकी,
सुधीर दुबे,
अशोक गौड़,
मनोज साहनी,
हनुमान शर्मा,
दिनेश सैनी,
ज्योति तिवारी,
शांति सेन,
राहुल सोलंकी
सहित अनेक भक्तों ने सहभागिता की।
आयोजन की जानकारी
कार्यक्रम की जानकारी आयोजनकर्ता श्री सी. एल. वर्मा द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं।
शहर के प्रमुख मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम
हनुमान अष्टमी का धार्मिक महत्व
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, प्रकाश नगर सार्वजनिक शिव हनुमान दुर्गा मंदिर में आयोजित हनुमान अष्टमी सुंदरकांड पाठ श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य भी किया। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहेगा।
