MP Food Department Review: CM Mohan Yadav Praised e-KYC Campaign | मध्यप्रदेश खाद्य विभाग समीक्षा बैठक 2025
CM मोहन यादव ने खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक में की बड़ी घोषणा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में ई-केवाईसी अभियान की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि तकनीक के सही उपयोग से PDS (Public Distribution System) में पारदर्शिता बढ़ी है और वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाना आसान हुआ है।
सीएम ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि यह अभियान “सुशासन और पारदर्शिता का बेहतरीन उदाहरण” है।
ई-केवाईसी से 34 लाख अपात्र नाम हटे — हर महीने 32 करोड़ की बचत
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में कुल 536.23 लाख हितग्राही पीडीएस में पंजीकृत थे। इनमें से 497.08 लाख लाभार्थियों का e-KYC पूरा किया गया है।
34.87 लाख अपात्र या अस्तित्वहीन नाम हटाए गए
इससे हर महीने 32.43 करोड़ रुपये की बचत हो रही है
इस बचत का लाभ प्रतीक्षा सूची में शामिल 14 लाख नए हितग्राहियों को मिला
इन नए हितग्राहियों को अब पात्रता पर्ची जारी कर दी गई है और निःशुल्क खाद्यान्न वितरण शुरू हो गया है।
सबसे खास बात यह रही कि केवाईसी पूरा होने के सिर्फ 72 घंटे के भीतर पात्रता पर्ची जारी की जा रही है।
PM गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) का बड़ा अपडेट
बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए।
योजना का लाभ 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को
अब तक 66.25 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न निःशुल्क वितरित
कुल लागत — 22,800 करोड़ रुपये
इसके अलावा, लाड़ली बहना योजना और उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को पिछले दो वर्षों में 911.3 करोड़ रुपये गैस रिफिल अनुदान के रूप में दिए गए हैं।
राशन वितरण में तकनीक का बढ़ता उपयोग — पारदर्शिता में सुधार
सरकार ने PDS को पूर्णत: तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं:
1. एसएमएस अलर्ट सुविधा
अब लाभार्थियों को राशन उपलब्ध होने की जानकारी मोबाइल SMS के माध्यम से मिलती है।
2. GPS आधारित मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में GPS लगाया गया है, जिसकी निगरानी स्टेट लेवल कंट्रोल रूम से होती है।
3. आधुनिक POS मशीनें
उचित मूल्य दुकानों पर नई फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन वाली POS मशीनें लगाई जाएंगी।
4. वेयरहाउस मॉनिटरिंग ऐप्स
प्रदेश में गोदामों की निगरानी के लिए नए ऐप विकसित किए गए हैं—
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इमेजिनेशन मेजरमेंट ऐप
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फ्यूमिगेशन ऐप
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इंस्पेक्शन ऐप
इनका उद्देश्य है—वेयरहाउसिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता, निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करना।
किसानों के लिए राहत — बोनस और प्रोत्साहन राशि की घोषणा
सीएम मोहन यादव ने किसानों को बड़ा फायदा देने का ऐलान भी किया।
गेहूं समर्थन मूल्य बोनस
- 2024–25: 125 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
- 2025–26: बोनस बढ़ाकर 175 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा
धान बेचने वाले किसानों को प्रोत्साहन
खरीफ विपणन वर्ष 2024–25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को
मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि किसान को उसकी मेहनत का सही दाम मिल सके।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी शुरू — 40 नई उचित मूल्य दुकानें
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अग्रिम तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।
योजनाएँ:
- मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानें स्थापित होंगी
- अखाड़ों के लिए अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे
- साधु-संतों को अस्थायी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे
- गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना
- इंदौर की 30 FPS दुकानों को जन पोषण केंद्र में अपग्रेड करना
इसके अलावा, शहरी गैस कनेक्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए
जिला-स्तरीय सिंगल विंडो पोर्टल शुरू किया गया है।
MP Food Department Review — प्रमुख उपलब्धियाँ संक्षेप में
| मुख्य बिंदु | उपलब्धि |
|---|---|
| कुल पीडीएस हितग्राही | 536.23 लाख |
| e-KYC पूरा | 497.08 लाख |
| हटाए गए अपात्र नाम | 34.87 लाख |
| मासिक बचत | ₹32.43 करोड़ |
| नए हितग्राही शामिल | 14 लाख |
| PMGKAY लाभार्थी | 5.25 करोड़ |
| मुफ्त खाद्यान्न वितरण | 66.25 लाख MT |
| गैस रिफिल सब्सिडी | ₹911.3 करोड़ |
| नई PDS टेक्नोलॉजी | GPS, POS, Apps |
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खाद्य विभाग में की गई यह समीक्षा बैठक पारदर्शिता, तकनीक के उपयोग और जन-कल्याण की मजबूत दिशा में बड़ा कदम है। ई-केवाईसी ने राज्य को आर्थिक बचत दिलाई है और लाखों नए जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिला है। साथ ही, किसानों व महिलाओं के लिए की गई घोषणाएँ सरकार की लोक-हितकारी नीति को मजबूत बनाती हैं।
