विश्वम् स्वदेशी सम्मान समारोह 2025 में वीरेन्द्र कुमार जैन एवं रेखा जैन को मिला विशेष सम्मान — गौसंवर्धन, प्राकृतिक खेती और गोमूत्र चिकित्सा में अद्भुत योगदान के लिए सम्मानित
इंदौर।
हुतात्मा स्वदेशी विचारक श्री राजीव दीक्षित जी की जयंती एवं पुण्य स्मरण के पावन अवसर पर रविवार को आयोजित “विश्वम् स्वदेशी सम्मान 2025” समारोह में देशभर से आए स्वदेशी चिंतकों, समाजसेवियों और गौ-आधारित स्वास्थ्य सेवा को समर्पित कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
इसी भव्य आयोजन में गौसंवर्धन, प्राकृतिक खेती, गोमूत्र चिकित्सा, स्वास्थ्य संवर्धन और मानव सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए श्री वीरेन्द्र कुमार जैन और श्रीमती रेखा जैन को विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान भारतीय स्वदेशी विचारधारा, परंपरागत स्वास्थ्य विज्ञान और सेवा भावना के प्रति उनके 25 वर्षों से अधिक के अथक समर्पण का प्रमाण है।
जैंस काऊ यूरिन थेरेपी हेल्थ क्लिनिक — 25 वर्षों से मानवता की सेवा
श्री वीरेन्द्र कुमार जैन और श्रीमती रेखा जैन पिछले 25 वर्षों से Jains Cow Urine Therapy Health Clinic का संचालन कर रहे हैं। यह क्लिनिक न केवल उपचार का केंद्र है, बल्कि गोआधारित चिकित्सा पर गंभीर शोध, वैज्ञानिक अध्ययन और जनजागरूकता का राष्ट्रीय मंच भी बन चुका है।
उनके निरंतर प्रयासों से लाखों रोगियों को नया जीवन मिला है, जिनमें कैंसर, डायबिटीज, किडनी रोग, स्किन डिज़ीज, इम्यून सिस्टम विकार तथा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग शामिल हैं।
12 लाख मरीजों का उपचार — विश्व रिकॉर्ड सम्मान
गोमूत्र चिकित्सा के माध्यम से अब तक लगभग 12 लाख मरीजों का उपचार किया गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए World Book of Records – London ने उन्हें सम्मानित किया, जिसे मशहूर संगीतकार स्वर्गीय बप्पी लहरी ने अपने कर-कमलों से प्रदान किया था।
यह सम्मान वैश्विक स्तर पर भारत की परंपरागत चिकित्सा प्रणाली की प्रभावशीलता और महत्ता की पुष्टि भी करता है।
36,000 जनस्वास्थ्य रक्षकों को प्रशिक्षण — स्वास्थ्य सेवा में ऐतिहासिक पहल
मध्यप्रदेश सरकार के विशेष आग्रह पर श्री जैन दंपति ने 36,000 जनस्वास्थ्य रक्षकों (Public Health Workers) को गोमूत्र चिकित्सा का विशेष प्रशिक्षण दिया।
यह पूरे प्रदेश में एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य जागरूकता मिशन बन गया, जिसके माध्यम से हजारों लोग नैसर्गिक चिकित्सा और भारतीय उपचार प्रणाली से परिचित हुए।
3 लाख 60 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण
प्राकृतिक खेती और भारत की स्वदेशी कृषि पद्धति के प्रचार के लिए भी आपके कार्य अतुलनीय हैं।
अब तक:
✅ 3,60,000 किसानों को
गौमूत्र, गोबर, जीवामृत, घनजीवामृत और देशी बीज आधारित प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ी, बल्कि किसानों की उत्पादन लागत घटाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाई गई।
स्वदेशी विचार और भारतीय चिकित्सा पद्धति के अग्रदूत
श्री वीरेन्द्र कुमार जैन एवं श्रीमती रेखा जैन का कार्य हुतात्मा श्री राजीव दीक्षित जी द्वारा प्रोत्साहित स्वदेशी आंदोलन, गौसंवर्धन और भारतीय ज्ञान परंपरा को मूर्त रूप देने वाला है।
उनकी सेवाएँ आज देश में वैकल्पिक चिकित्सा, प्रकृति-आधारित उपचार और स्वदेशी जीवनशैली के विस्तार का आधार बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
GSITS, इंदौर के ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में अनेक प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें शामिल रहे—
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मुख्य अतिथि: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अश्विन उपाध्याय
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विशिष्ट अतिथि: अच्युतानंदजी महाराज एवं डॉ. गौतम खट्टर
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उपस्थित गणमान्य:
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इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव
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कार्यक्रम अध्यक्ष पारस जैन
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तथा कई प्रतिष्ठित समाजसेवी, डॉक्टर, किसान प्रतिनिधि और स्वदेशी कार्यकर्ता
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सभी अतिथियों ने जैन दंपति के कार्यों को भारतीय संस्कृति की आत्मा के अनुरूप बताते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत कहा।
समापन संदेश
“विश्वम् स्वदेशी सम्मान 2025” में मिला यह सम्मान स्वदेशी विचारधारा, गौवैद्यक विज्ञान, प्राकृतिक खेती और मानव सेवा के क्षेत्र में वीरेन्द्र जैन एवं रेखा जैन के अविरल, समर्पित और प्रेरणादायी कार्यों की आधिकारिक मान्यता है।
उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वदेशी चिकित्सा–सेवा–संस्कृति का उज्ज्वल मार्ग प्रशस्त करता है।
भवदीय
विवेक जैन
सचिव, स्वर्णिम फाउंडेशन
