कृत्रिम तार्किक बुद्धिमत्ता बिना मानवीय व सांस्कृतिक मूल्यों के निरर्थक रहेगी — डॉ. भरत शर्मा
सेंट पॉल स्कूल में हुआ गौरव जैन मेमोरियल अंग्रेजी वाद–विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
इंदौर। सेंट पॉल हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित वार्षिक गौरव जैन मेमोरियल इंग्लिश डिबेट कॉम्पिटिशन 2024 में विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभावान छात्रों ने “Artificial Intelligence Poses Danger to Humanity” विषय पर अपने ओजस्वी विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. भरत शर्मा (सदस्य, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) ने कहा कि कृत्रिम तार्किक बुद्धिमत्ता (AI) तब तक सार्थक नहीं हो सकती जब तक उसमें मानवीयता, संवेदनशीलता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश न हो।
26/11 के वीर शहीद गौरव जैन की स्मृति में आयोजन
इस वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन 26/11 मुंबई आतंकी हमले में इंदौर के वीर युवा स्व. गौरव जैन की स्मृति में किया जाता है। गौरव जैन सेंट पॉल स्कूल के मेधावी विद्यार्थी और उत्कृष्ट वक्ता रहे थे। उनकी स्मृति में बी.सी. जैन परिवार, सेंट पॉल स्कूल और लायंस सेवा रंजन द्वारा हर वर्ष यह प्रतिष्ठित अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।
24 प्रतिभागियों ने रखी अपनी बात
सुबह 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक चली इस स्पर्धा में शहर के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 8वीं और 9वीं के लगभग 24 छात्रों ने पक्ष और विपक्ष में प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना, तिरंगा वंदना और राष्ट्रगान से हुई। प्रतियोगिता की विस्तृत रूपरेखा श्रीमती सपना जैन ने प्रस्तुत की।
AI को “स्मार्ट मशीन नहीं, नैतिक सहयोगी” बनाने की आवश्यकता — मुख्य अतिथि
अपने सारगर्भित उद्बोधन में डॉ. भरत शर्मा ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना तकनीक को केवल “स्मार्ट मशीन” नहीं, बल्कि “नैतिक सहयोगी” बनाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा—
“बिना मानवीयता, संवेदना और सांस्कृतिक मूल्यों के कृत्रिम तार्किक बुद्धिमत्ता निरर्थक है।”
उन्होंने भगवद्गीता का उद्धरण देते हुए कहा—
“बुद्धियोगं उपाश्रित्य मच्चित्तः सततं भव”
अर्थात् बुद्धि का प्रयोग केवल लाभ के लिए नहीं, बल्कि सर्वकल्याण के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि AI (Artificial Intelligence) को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जोड़ना भारत को “विश्वगुरु” बनने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध होगा।
पूज्य अतिथि फादर जॉलीचन पी.जे. ने दिया प्रेरक संदेश
कार्यक्रम में पूज्य अतिथि फादर जॉलीचन पी.जे. ने छात्रों को विचारों की स्वतंत्रता, तर्कशक्ति और नैतिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डिबेट प्रतियोगिता युवाओं में नेतृत्व, आत्मविश्वास और तार्किक सोच विकसित करती है, जो भविष्य की डिजिटल दुनिया में अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम संचालन और आभार
स्पर्धा के सूत्रधार लायंस डॉ. अ.जे. ‘रंजन सर’ रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। अंत में आर्जव जैन ने अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
पक्ष एवं विपक्ष के विजेताओं को मिला सम्मान
वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष और विपक्ष दोनों वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। विजेता इस प्रकार रहे—
विजेता — पक्ष (AI पक्ष में बोलने वाले)
प्रथम स्थान:
शुभ्रा पाण्डे — दिल्ली पब्लिक एलिमेंट्री स्कूल
द्वितीय स्थान:
राघवेन्द्र वत्स — चमेली देवी पब्लिक स्कूल
सांत्वना पुरस्कार:
हर्षिता यादव — सिका सी.से. स्कूल #2
विजेता — विपक्ष (AI को खतरा बताने वाले)
प्रथम स्थान:
काव्या जैन — दिल्ली पब्लिक एलिमेंट्री स्कूल
द्वितीय स्थान:
अन्वेषा चतुर्वेदी — सेंट रेफियल्स हायर सेकेंडरी स्कूल
सांत्वना पुरस्कार:
समृद्धि सिंह राजपूत — चमेली देवी पब्लिक स्कूल
गौरव जैन मेमोरियल रनिंग ट्रॉफी का विजेता विद्यालय
दिल्ली पब्लिक एलिमेंट्री स्कूल
ने सर्वोच्च प्रदर्शन कर रनिंग ट्रॉफी अपने नाम की।
AI और मानव मूल्यों पर केंद्रित रहा आयोजन
पूरे कार्यक्रम में छात्रों ने Artificial Intelligence & Humanity, AI Threat vs Opportunity, कृत्रिम तार्किक बुद्धिमत्ता का भविष्य, AI का नैतिक पक्ष और भारतीय संस्कृति की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन छात्रों को तकनीक के व्यापक प्रभावों को समझने और नैतिक सोच विकसित करने का अवसर देते हैं।
अंत में कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और संस्था के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया।

