भायखला मोतिशा जैन मंदिर में 198वीं ध्वजा चढ़ाई, हजारों श्रावक बने साक्षी — जय जय श्री आदिनाथ के जयकारों से गुंज उठा परिसर
मुम्बई के भायखला मोतिशा जैन मंदिर में भव्य ध्वजा चढ़ाई समारोह
महाराष्ट्र की मायानगरी मुम्बई का भायखला क्षेत्र आज अध्यात्म, आस्था और परंपरा का संगम बन गया, जब भायखला मोतिशा जैन मंदिर में 198वीं ध्वजा चढ़ाई अत्यंत धूमधाम, मंत्रोच्चार, संगीत और जयकारों के बीच संपन्न हुई।
जय जय श्री आदिनाथ की गूंज से पूरा जैन समाज एक बार फिर भक्तिमय हो उठा।
यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जैन समुदाय की शताब्दियों पुरानी आस्था का भव्य प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर ध्वजा चढ़ाई के ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी बने।
मुनि भगवंतों की पावन निश्रा में हुआ ध्वजा चढ़ाने का शुभ कार्य
इस वर्ष का ध्वजा महोत्सव विशेष रहा क्योंकि यह आयोजन निश्रादाता प.पू. प्रेम-भुवनभानुसूरि समुदाय के अनेक revered संतों की पावन उपस्थिति में संपन्न हुआ।
समारोह में उपस्थित रहे—
- पू. आ. श्री मुनीशरत्नसूरीश्वरजी म.सा.
- पू. पं. श्री जीवेशरत्नविजयजी म.सा.
- पू. पं. श्री हीररत्नविजयजी म.सा.
- पू. पं. श्री तीर्थेशरत्नविजयजी म.सा.
- पू. पं. श्री चारित्ररत्नविजयजी म.सा.
- पू. सा. श्री भव्यज्ञरेखाश्रीजी म.सा. (बेन म.सा.)
- तथा संपूर्ण ठाणा
संतों के शुभाशीर्वाद और मंगल पाठ के साथ जब ध्वजा चढ़ाई गई, तो पूरा परिसर भक्तिरस से सराबोर हो गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, जयकारों की लहर और श्रावकों की उमंग ने वातावरण को अविस्मरणीय बना दिया।
सिंगर हितेश जगावत की प्रस्तुति से झूमा पूरा जैन समाज
आयोजन की विशेष आकर्षण रही सुप्रसिद्ध भक्ति सिंगर हितेश भाई जगावत की अनुपम प्रस्तुति।
उन्होंने एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों से कार्यक्रम में ऐसा सुर-ताल भर दिया कि पूरा भायखला जैन समाज झूम उठा।
बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर कोई भक्ति रस में डूब गया।
उनके स्वर ने ध्वजा महोत्सव को और अधिक भव्य बना दिया।
ट्रस्टी पोपटलाल जी का बड़ा ऐलान — 2027 में बनेगा नया इतिहास
भायखला जैन मंदिर के ट्रस्टी पोपटलाल जी ने बताया कि—
“दादा की ध्वजा हर वर्ष बड़े हर्षोल्लास के साथ चढ़ाई जाती है, लेकिन 2027 में ध्वजा चढ़ाने का महोत्सव एक अलग ही इतिहास रचेगा। उस वर्ष केवल हजारों नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालु ध्वजा चढ़ाई के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन भायखला ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र और भारत का सबसे भव्य जैन आयोजन बनने जा रहा है।”
उनके इस वक्तव्य से समाज में नई ऊर्जा और उत्सुकता की लहर दौड़ गई।
सकल जैन संघ की विशाल उपस्थिति
198वीं ध्वजा चढ़ाने के इस महोत्सव में सकल जैन संघ की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
श्रावक-श्राविकाओं का उत्साह अपने चरम पर था और हर कोई इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस कर रहा था।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य—
- जगदिश भाई (ट्रस्टी)
- पोपटलाल जी (ट्रस्टी)
- विकास भाई (ट्रस्टी)
- बाबुलालजी कटारिया
- संदिप भाई
- रमेश भाई जैन (मंदिर स्वयंसेवी)
- हितेश भाई अम्बावत
- संदिप भाई राठौड़
- केतन भाई जोगातर
- हसमुख भाई
- शंखेश्वर दर्शन जैन संघ के ट्रस्टी जितु भाई तखतगढ़
- समाजसेवी व ट्रस्टी पारमलजी मुलाबा
- भायखला उपाध्यक्ष राजेश जी जैन चंडालिया
- मानव सेवा प्रेमी प्रकाश जी ढालावत
- मगराजजी पगारिया
- महेश भाई
- प्रविण भाई
- धिरज भाई
- पंकज भाई
- रितिक सेठिया
- के विक्रम सुराणा
- तथा सकल जैन समाज के अनेक श्रद्धालु
इन सभी ने मिलकर आयोजन को सफल, सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
धर्म, परंपरा और समाज एक साथ — भायखला बना आस्था का केंद्र
भायखला मोतिशा जैन मंदिर में आयोजित यह ध्वजा चढ़ाई सिर्फ एक धार्मिक क्रिया नहीं रही, बल्कि यह—
- जैन समाज की एकता
- परंपराओं की निरंतरता
- समाज की संगठित शक्ति
- और आध्यात्मिक समर्पण
का अद्भुत प्रमाण बनकर सामने आई।
हजारों लोगों ने मिलकर ध्वजा चढ़ाने के इस पवित्र क्षण को न सिर्फ देखा, बल्कि उसे आत्मा से महसूस भी किया।
मंदिर में उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि भायखला जैन समाज आज भी उतनी ही श्रद्धा और उत्साह के साथ अपनी परंपराओं को निभा रहा है।
समापन — 198वीं ध्वजा बनी 2027 की भव्य तैयारी का शुभारंभ
भायखला मोतिशा जैन मंदिर की 198वीं ध्वजा चढ़ाई ने आने वाले 2027 के ऐतिहासिक ध्वजा महोत्सव की नींव मजबूत कर दी है।
जैन समाज की एकजुटता, श्रद्धा और भक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले वर्षों में यह परंपरा और अधिक भव्य रूप लेगी।
आदीनाथ प्रभु के जयकारों से गूंजता भायखला आज अध्यात्म का केंद्र बन गया और इस पवित्र आयोजन ने हर हृदय को आनंद, उत्साह व आध्यात्मिक शक्ति से भर दिया।




