उदारसागर जन कल्याण तीर्थ बड़ागांव (धसान) : श्री मज्जिनेन्द्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव की तैयारियाँ पूर्ण
बड़ागांव/घुवारा (भरत सेठ घुवारा)।
बुंदेलखंड की पावन धरती पर स्थित उदारसागर जन कल्याण तीर्थ बड़ागांव (धसान) आज पूरे भारत के जैन समाज के लिए अत्यंत शुभ और ऐतिहासिक क्षण लेकर आया है। श्री मज्जिनेन्द्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा, गजरथ महोत्सव, और विश्व शांति महायज्ञ की तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं। यह भव्य आयोजन 23 नवंबर से 30 नवंबर तक सानंद संपन्न होगा, जिसमें देशभर से जैन धर्मावलंबियों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
आचार्य श्री 108 उदार सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से स्वप्न साकार
जिन क्षणों की प्रतीक्षा वर्षों से थी, वह पुण्यदायी वक्त अब अत्यंत समीप है।
चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री 108 शांति सागर जी महाराज की परम परंपरा के षष्ठ पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 अभिनंदन सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य, परम पूज्य ज्ञान रत्नाकर आचार्य श्री 108 उदार सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 उपशांत सागर जी महाराज के आशीर्वाद से यह दिव्य आयोजन संपन्न हो रहा है।
तीर्थ का निर्माण उनके पावन मार्गदर्शन में अभूतपूर्व श्रृद्धा, तप, त्याग और सेवा भावना के साथ हुआ है।
तीर्थ की दिव्यता — सहस्त्रकूट जिनालय और 21 फुट अरिष्ट निवारक प्रतिमा
उदारसागर जन कल्याण तीर्थ की भव्यता पूरे बुंदेलखंड की भूमि को पावन बनाती है।
यहाँ स्थित प्रमुख विशेषताएँ:
✅ रत्नमयी, अलौकिक सहस्त्रकूट जिनालय
✅ अरिष्ट निवारक श्री मुनि सुब्रत नाथ भगवान की 21 फुट ऊँची श्यामवर्ण पाषाण की अवगाहना पद्मासन प्रतिमा
✅ कोटि पहाड़ की तलहटी में स्थित “बाजनीशिला जैनेराताल सिद्धों का झरना”
✅ चारों ओर पहाड़ियों के मध्य सुरम्य, शांत और दिव्य वातावरण
✅ 1051 नवीन प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा — आयोजन का मुख्य आकर्षण
यह स्थान आने वाले भविष्य में पूरे भारत के प्रमुख जैन तीर्थ के रूप में उभर रहा है।
श्रद्धालुओं की भारी आमद—देशभर से भक्तों का तांता
23 नवंबर के आरंभ से हुए शुभारंभ के साथ ही
सिंगही सुरेशचंद्र बांसा, राकेश केसरिया, प्रसन्न चौधरी, प्रकाश चंद डूंडा, महेंद्र सिंघई, हुकुमचंद हटैया, डॉ. कैलाश चंद्र नुना सहित ट्रस्ट समिति और संपूर्ण जैन समाज ने भक्तों के आवास, भोजन, वाहन पार्किंग और सुरक्षा की उत्तम व्यवस्था की है।
महोत्सव स्थल पर लगातार देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन जारी है।
प्रतिष्ठाचार्य एवं धार्मिक अनुष्ठान
प्रतिष्ठा कार्य का संचालन कर रहे हैं:
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ब्रह्मचारी जय कुमार जी निशांत (नवागढ़) — 250+ प्रतिष्ठाओं के अनुभवी प्रतिष्ठाचार्य
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पं. सनत कुमार – विनोद कुमार रजवाश
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पं. संजय सरस चिचौली
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ब्र. संजय भैया अहार
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पं. मनीष जैन खरगापुर
उनके निर्देशन में आयोजित पंचकल्याणक कार्यक्रम को ‘अभूतपूर्व’ और ‘आदर्श आयोजन’ कहा जा रहा है।
सहयोगी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान
स्थानीय संस्थाओं ने आयोजन को परम सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई:
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शांति सेवा मंडल बड़ागांव
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सन्मति दिगंबर जैन पाठशाला
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भारत वर्षीय दिगंबर महिला महासभा
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जिनेंद्र अर्चना महिला मंडल
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गुरु भक्ति महिला मंडल
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राजुल बालिका दल
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वर्धमान बाल विद्या निकेतन
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चंदनबाला बालिका मंडल
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विमर्श जागृति मंच बड़ागांव
इन सभी का संयुक्त सहयोग कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना रहा है।
महोत्सव स्थल का निरीक्षण—प्रशासन ने की सराहना
बड़ागांव नगर गौरव श्री धर्णेन्द्र जी,
कलेक्टर उमरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने महोत्सव स्थल का निरीक्षण किया।
सुरक्षा, स्वच्छता, परिवहन व्यवस्था और प्रबंधन की उन्होंने प्रशंसा की।
महोत्सव समिति का संकल्प—अनुपम भक्ति एवं निष्ठा का परिचय
उपसमिति एवं समूचे जैन समाज ने यह संकल्प लिया है कि
यह आयोजन बुंदेलखंड के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
सदस्य दिन–रात पूर्ण समर्पण के साथ व्यवस्थाओं में लगे हैं।
मंच संचालन एवं निर्देशन
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महोत्सव निर्देशक: ब्र. बहन सुनीता दीदी बांसा
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मंच संचालक: राकेश केसरिया एवं श्रीमती प्रभात सिंघई (देशभर में ख्याति प्राप्त)
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मंच कलाकार: चक्रेश जैन सौजना — अपनी कुशल प्रस्तुति से सभी को भाव-विभोर कर रहे हैं।

निष्कर्ष
उदारसागर जन कल्याण तीर्थ बड़ागांव का यह भव्य श्री मज्जिनेन्द्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव
न केवल बुंदेलखंड, बल्कि पूरे भारत के जैन समाज के लिए अद्वितीय, पवित्र और ऐतिहासिक अवसर है।
आचार्य श्री 108 उदार सागर जी महाराज के सान्निध्य में हो रहा यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए धर्म प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


