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उमंग सिंघार ने MP Budget 2025 पर सरकार को घेरा: “पिछले बजट का हिसाब दें”, SIR विवाद पर भी उठाए बड़े सवाल

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Published On: 22 November 2025
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उमंग सिंघार का सरकार पर बड़ा हमला: “पिछले बजट का हिसाब दें”, एसआईआर विवाद और जनहित मुद्दों पर तीखे सवाल


मध्य प्रदेश की राजनीति में बजट सत्र से पहले ही गर्मागर्मी बढ़ गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शिवराज-मोहन सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा है कि “सरकार नया बजट मांगने से पहले यह बताए कि पिछले बजट में किए गए वादों और घोषणाओं का क्या हुआ?”
लोगों से आगामी आम बजट के लिए सुझाव मांगने के सरकारी अभियान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब पिछला बजट ही अधूरा, असंतुलित और कागज़ी था, तो नए सुझाव मांगना जनता को भ्रमित करने जैसा है।

पिछले बजट पर उमंग सिंघार का बड़ा सवाल — “किसानों, दलितों व युवाओं के लिए क्या किया?”

उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश की वास्तविक अर्थव्यवस्था और जमीनी विकास की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
उनका आरोप है कि पिछले बजट में:

  • किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं

  • दलितों और आदिवासियों के विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं

  • पिछड़ा वर्ग, मजदूर और गरीब परिवारों के लिए योजनाएँ तो बनीं लेकिन बजट आवंटन नहीं हुआ

  • युवाओं को रोजगार देने के वादे हवा में उड़े

  • तकनीकी विकास, आईटी सेक्टर, स्टार्टअप और नवाचार पर शून्य निवेश

उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ “टेक्नोलॉजी आधारित स्मार्ट मध्य प्रदेश” बनाने की बात करती है, जबकि वास्तविकता यह है कि आईटी पार्क, इनोवेशन लैब, डिजिटल सुविधाओं और तकनीकी अपग्रेडेशन पर कोई ठोस बजट ही जारी नहीं किया गया।

“हेलीकॉप्टर, लग्जरी गाड़ियां सरकार की असली प्राथमिकता” — सिंघार का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर व्यंग्य करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के खजाने का एक बड़ा हिस्सा हेलीकॉप्टर, चार्टर प्लेन, लक्जरी गाड़ियां और नेताओं के महंगे सरकारी खर्चों पर निकल जाता है।
इसमें जनता के कल्याण का पैसा कहाँ गया, इसका कोई जवाब सरकार के पास नहीं है।

उन्होंने सवाल उठाए:

  • क्या किसान की आय बढ़ी?
  • क्या युवाओं को रोजगार मिला?
  • क्या अस्पतालों की हालत सुधरी?
  • क्या स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हुई?
  • क्या गांवों में ट्रांसफार्मर बदले?
  • क्या सड़कों की मरम्मत हुई?

उमंग सिंघार ने कहा कि जनता आज इसी का जवाब चाहती है कि क्या सरकार वास्तव में विकास के लिए पैसा देगी या फिर नए झूठे वादों के साथ एक और खोखला बजट लाने की तैयारी कर रही है?

एसआईआर विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया: “क्या सच बोलना अपराध है?”

कांग्रेस नेता ने कांग्रेस कार्यकर्ता मनजीत घोषी को दिल्ली और राजस्थान पुलिस द्वारा मध्य प्रदेश से उठाए जाने की घटना पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा:

“क्या एसआईआर घोटालों पर सवाल उठाना अब अपराध बन गया है? क्या सच बोलना भड़काऊ भाषण माना जाएगा?”

उन्होंने कहा कि मनजीत घोषी ने सिर्फ वही सवाल पूछे जो आज पूरा मध्य प्रदेश पूछ रहा है।
उनका कहना था कि:

  • वर्ष 2003 की पुरानी सूची पर कार्रवाई क्यों?

  • जब न परिसीमन हुआ, न नई विधानसभा/लोकसभा सीटें बनीं, तो पुरानी सूची पर कार्रवाई कैसे सही?

  • वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया क्यों अटकी पड़ी है?

  • फॉर्म क्यों नहीं बंट रहे?

  • लोग आधार कार्ड के बावजूद मतदाता सूची में नाम क्यों नहीं जुड़वा पा रहे?

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आधार को राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान सुधार के नाम पर जरूरी बनाया गया, तो वही आधार मतदाता सूची में वैध क्यों नहीं माना जा रहा?

“लोकतंत्र की आवाज़ दबाने वालों को जवाब मिलेगा” — कांग्रेस ने दिया समर्थन

उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार अगर लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाएगी, तो कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मनजीत घोषी ने जो प्रश्न उठाए हैं, वह पूरी तरह तथ्य आधारित और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत पूछे गए सवाल हैं, और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।

कांग्रेस का बड़ा दावा — “जनता के साथ दोनों मोर्चों पर लड़ाई जारी”

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी:

  • बजट की पारदर्शिता, विकास और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।

  • एसआईआर विवाद में न्याय की मांग करती रहेगी।

  • किसानों, युवाओं, मजदूरों, महिलाओं और आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं पर आवाज उठाती रहेगी।

उन्होंने कहा:

“प्रदेश की जनता जागरूक है। सरकार बजट और एसआईआर दोनों मुद्दों पर जनता की आवाज दबाने का प्रयास करेगी, लेकिन कांग्रेस इसे लेकर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।”

मध्य प्रदेश में बजट को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

राज्य में इस समय:

  • महंगाई

  • बेरोजगारी

  • स्वास्थ्य ढांचा

  • किसानों की फसल लागत

  • सिंचाई समस्याएँ

  • आदिवासी क्षेत्रों का विकास

  • और एसआईआर विवाद

ये सभी मुद्दे जनता के बीच गहराई से चर्चा में हैं।
ऐसे में कांग्रेस का यह हमला राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब सरकार जनता से सुझाव जुटाकर आगामी बजट को “जनता का बजट” नाम देने की कोशिश कर रही है।

निष्कर्ष: बजट से पहले सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ा

उमंग सिंघार के बयानों से यह साफ है कि कांग्रेस आने वाले बजट सत्र में सरकार को कठघरे में खड़े करने की पूरी तैयारी में है।
विपक्ष ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना पिछले बजट के हिसाब के, नया बजट जनता के साथ छलावा साबित होगा।

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