सिंहस्थ–2028 पर बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लैंड पूलिंग योजना की समाप्ति की घोषणा — किसानों की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि
भोपाल/उज्जैन, 17 नवंबर 2025।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ–2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। किसानों की भावनाओं और उनकी आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लैंड पूलिंग योजना को पूर्णतः निरस्त कर दिया है। इस निर्णय को किसान संगठनों ने एक राहत भरा कदम बताते हुए स्वागत किया है।
मुख्यमंत्री आवास पर महत्वपूर्ण बैठक
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (भोपाल) पर किसान संघ, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में यह सहमति बनी कि सिंहस्थ–2028 “दिव्य, भव्य और विश्वस्तरीय” रूप में आयोजित किया जाएगा, लेकिन इसमें किसानों की निजी भूमि को जबरन या स्थायी विकास कार्यों के लिए शामिल नहीं किया जाएगा।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि —
“लैंड पूलिंग योजना को समाप्त किया जाता है। किसानों की भावनाओं का सम्मान हमारा प्रथम दायित्व है।”
उन्होंने नगर प्रशासन विकास विभाग और उज्जैन जिला प्रशासन को इस संबंध में तत्काल आदेश जारी करने के निर्देश दिए।
क्या थी ‘लैंड पूलिंग योजना’?
सिंहस्थ–2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन क्षेत्र में लगभग 2,300 हेक्टेयर से अधिक भूमि विकास कार्यों के लिए चयनित की गई थी।
इसमें किसानों की सहमति से जमीन स्थायी रूप से लेकर सड़क, पार्किंग, स्टेडियम, सुविधाएं एवं अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित थे।
लेकिन किसानों और किसान संघों को आशंका थी कि:
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उनकी जमीन स्थायी रूप से चली जाएगी
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कृषि आजीविका प्रभावित होगी
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भूमि के बंटवारे में पारदर्शिता नहीं रहेगी
इसी कारण किसानों ने विरोध की तैयारी भी शुरू कर दी थी।
किसानों और किसान संघ का स्वागत
भारतीय किसान संघ सहित कई किसान संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया।
किसान प्रतिनिधियों ने कहा:
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“सरकार ने हमारी भावनाओं का सम्मान किया।”
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“जमीन स्थायी रूप से जाने का भय खत्म हुआ।”
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“यह निर्णय किसानों के हित में ऐतिहासिक है।”
किसान संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद दिया और सिंहस्थ–2028 में सहयोग का आश्वासन दिया।
फैसले का प्रभाव
इस निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया है कि:
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सरकार विकास योजनाओं में किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
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सिंहस्थ जैसा अंतरराष्ट्रीय आयोजन भी किसानों की सहमति और संरक्षण को ध्यान में रखकर होगा।
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उज्जैन क्षेत्र में नियोजित विकास अब वैकल्पिक भूमि व्यवस्था या नई योजना के आधार पर आगे बढ़ेगा।
आगे क्या?
अब प्रशासन को:
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लैंड पूलिंग निरस्त किए जाने का औपचारिक आदेश जारी करना होगा
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किसानों की जमीन और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी
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सिंहस्थ–2028 की तैयारियों के लिए नई कार्ययोजना बनानी होगी
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वैकल्पिक स्थान, मॉडल और विकास संरचनाओं का निर्धारण करना होगा
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह निर्णय न केवल किसानों के हित में है, बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
सिंहस्थ–2028 एक भव्य आयोजन होगा, लेकिन उस प्रक्रिया में किसानों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
