सेवा कार्यों के साथ शुरू हुआ पुण्य सम्राट गुरुदेव जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराज का 90वां जन्मोत्सव महोत्सव
मेघनगर।
जैन समाज के आराध्य, विश्वपूज्य दादा गुरुदेव श्रीमद विजय राजेंद्र सूरीश्वरजी महाराज के प्रशिष्य, युगप्रभावक राष्ट्रसंत पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराज का 90वां जन्मोत्सव इस वर्ष मेघनगर में भक्तिभाव, सेवा कार्यों और विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जा रहा है। जैन श्रीसंघ मेघनगर तथा अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक, महिला व तरुण परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 3 दिवसीय भव्य महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को हुआ।
सेवा कार्यों से महोत्सव की शुरुआत – समाजसेवा ही धर्म का प्रथम स्वरूप
नवयुवक परिषद के प्रवक्ता दिविक कावड़िया एवं महिला परिषद की प्रचार मंत्री श्रीमती वर्षा जैन ने बताया कि महोत्सव के प्रथम दिवस को “सेवा दिवस” के रूप में मनाया गया।
श्रीसंघ के सदस्यों तथा परिषद परिवार ने मिलकर विविध सेवा कार्यों का आयोजन किया, जो गुरुदेव की “सेवाधर्म-भावना” से प्रेरित थे।
1. श्री राम रोटी दरबार में भोजन वितरण
परिषद के सदस्यों ने स्थानीय श्री राम रोटी दरबार में पहुँचकर निराश्रितों, मजदूरों तथा असहाय लोगों को पौष्टिक भोजन वितरित किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में नवयुवक, महिलाएँ और समाजजन उपस्थित रहे। भोजन वितरण कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समानता, दया और परोपकार के संदेश को प्रसारित करना था।
2. गौसेवा—गौधन की सेवा में परिषद परिवार
दोपहर में परिषद परिवार के सदस्य श्री हनुमंत आश्रम, पीपलखुटा तीर्थ पहुँचे, जहाँ सैकड़ों गौधन संरक्षित हैं।
अतिथियों ने यहां मौजूद 100 से अधिक गौधन को घास, गुड़ और चारा खिलाया।
साथ ही आश्रम परिसर में मौजूद जरूरतमंद लोगों को वस्त्र वितरण भी किया गया।
परिषद प्रवक्ता के अनुसार, गुरुदेव जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराज हमेशा से करुणा, अहिंसा और सेवाभाव की प्रेरणा देते आए हैं। इसलिए सेवा कार्यों से महोत्सव की शुरुआत करना समाज के लिए विशेष महत्व रखता है।
आज (मंगलवार) मनाया जाएगा गुरुदेव का 90वां जन्मोत्सव — विविध धार्मिक आयोजन होंगे संपन्न
संघ अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा ने बताया कि आज मंगलवार को पुण्य सम्राट गुरुदेव का 90वां जन्मोत्सव पूरे हर्ष और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
इस अवसर पर पूरे दिन विविध धार्मिक व आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
1. प्रसादी वितरण (महाप्रसाद)
दोपहर में श्रद्धालुओं के लिए विशाल प्रसादी वितरण होगा, जिसमें स्थानीय समाजजन और बाहर से आए अतिथि शामिल होंगे।
2. श्री राजेन्द्र सूरी अष्टप्रकारी पूजन
इस पूजन का लाभ सुभाषजी लोढ़ा, सुरेशजी लोढ़ा و मनीषजी लोढ़ा परिवार द्वारा लिया जा रहा है।
पूजन में दादा गुरुदेव श्रीमद विजय राजेंद्र सूरीश्वरजी महाराज की महिमा, साधुमार्ग और आध्यात्मिक परंपराओं का स्मरण किया जाएगा।
3. श्री जयंतसेनसूरी अष्टप्रकारी पूजन
यह पूजन श्री शांतिलालजी, राकेशजी, आदिशजी लोढ़ा परिवार द्वारा किया जाएगा।
अष्टप्रकारी पूजन में जल, चंदन, अक्षत, पुष्प आदि आठ पवित्र पदार्थों से आराधना की जाएगी।
4. जन्मोत्सव वरघोड़ा—भव्य शोभायात्रा
जन्मोत्सव के पावन अवसर पर एक भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकाली जाएगी, जिसमें समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे।
शोभायात्रा में धर्मध्वजा, शोभायमान रथ, भजनों की गूंज और धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी।
5. 90 दीप प्रज्वलन—90 वर्ष की पुण्य-गाथा का प्रतीक
गुरुदेव के 90 वर्ष के इस दिव्य जीवन की आभा को दर्शाने के लिए 90 दीपों का विशेष प्रज्वलन होगा। प्रत्येक दीप गुरुदेव के जीवन के किसी गुण—करुणा, तप, साधना, ज्ञान, विनय—का प्रतीक माना जाएगा।
6. स्वामीवात्सल्य
रात में विशाल स्वामीवात्सल्य भोज का आयोजन होगा, जिसमें समाजजन एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश साझा करेंगे।
बुधवार को सामूहिक आयम्बिल—आध्यात्मिक साधना का विशेष आयोजन
तरुण परिषद अध्यक्ष रवि जैन ने जानकारी दी कि महोत्सव का तीसरा और अंतिम दिन सामूहिक आयम्बिल के लिए समर्पित होगा।
यह आयोजन पूरी तरह से जैन साधना और अनुशासन पर आधारित रहेगा।
सामूहिक आयम्बिल का लाभ श्रीमती बसंतीदेवी एवं किशोरमलजी खिमावत परिवार द्वारा लिया गया है।
आयम्बिल जैन समाज की एक प्रमुख उपवास-साधना है, जो मन, वचन और कर्म की पवित्रता का मार्ग प्रशस्त करती है।


