शेख हसीना पर फैसले से पहले बांग्लादेश में हिंसा भड़की: मौत की सजा की मांग तेज, ढाका हाई अलर्ट पर
ढाका। बांग्लादेश में राजनीतिक संकट चरम पर पहुंच गया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल (ICT-BD Verdict) आज अपना अहम फैसला सुना सकता है। उन पर लगे मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों के चलते सरकार लगातार मौत की सजा (Death Sentence Demand) की मांग कर रही है। फैसले से पहले देशभर में तनाव फैल गया है और कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी है। ढाका में हालात नियंत्रण से बाहर होते देख हिंसक प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ढाका में आगजनी, बम हमले और भारी पुलिस बल तैनात
फैसला आने से पहले ही ढाका और आसपास के इलाकों में तनाव की स्थिति बन गई। राजधानी ढाका में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के सलाहकार के घर पर हमला हुआ है। उपद्रवियों ने उनके घर के बाहर क्रूड बम फेंके और आगजनी की। यह हमला बांग्लादेश की राजनीति में बढ़ती उथल-पुथल को और गंभीर बना रहा है।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) ने बताया कि शहर में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। फैसले से पहले कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) और अन्य सुरक्षा बलों को भारी संख्या में तैनात किया गया है।
हिंसक प्रदर्शनकारियों पर ‘देखते ही गोली’ मारने का आदेश
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के आयुक्त एसएम सज्जात अली ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं:
“जिस किसी ने बसों में आग लगाई या जान लेने के इरादे से बम फेंका—उसे देखते ही गोली मार दी जाए। कानून हमें ऐसा करने की अनुमति देता है।”
यह आदेश इस बात का संकेत है कि बांग्लादेश में हालात कितने तनावपूर्ण और अनियंत्रित होते जा रहे हैं।
शेख हसीना के खिलाफ गंभीर आरोप
Sheikh Hasina Case पिछले एक साल से सुर्खियों में है। आरोप है कि 2024 में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हसीना, उनके गृह मंत्री असद-उज-जमां खान कमाल और तत्कालीन IGP चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून ने मानवता के विरुद्ध अपराध किए। उन पर आरोप हैं—
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हत्या
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हत्या की कोशिश
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प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार
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अमानवीय हिंसा और दमन
इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल के वकील का कहना है:
“शेख हसीना को अधिकतम सजा दी जा सकती है। हमने उनकी संपत्ति जब्त कर नीलामी से मिलने वाली राशि को हिंसा में मारे गए परिवारों को देने की भी मांग की है।”
इसके साथ ही, यह संभावना भी जताई गई है कि ट्राइब्यूनल उन्हें 30 दिन में सरेंडर करने का आदेश दे सकता है। सरेंडर न करने की स्थिति में उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार भी नहीं दिया जाएगा।
कई शहरों में हिंसा: अवामी लीग कार्यकर्ता सड़कों पर
ढाका के अलावा अन्य शहरों में भी तनाव बढ़ गया है।
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कॉक्सबाजार में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें हैं।
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शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए और हंगामा किया।
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कई जिलों में विरोध प्रदर्शन, रोड जाम और वाहनों में आग लगाने की घटनाएं भी सामने आईं।
Bangladesh Political Crisis लगातार गहराता जा रहा है और आज के फैसले ने पूरे देश को संवेदनशील बना दिया है।
हसीना बोलीं—“यह मेरे खिलाफ साजिश है”
फैसले से ठीक पहले शेख हसीना ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित साजिश हैं। उन्होंने कहा:
“मुझे जीवन अल्लाह ने दिया है। मौत एक दिन आनी ही है। लेकिन मैं देश के लोगों के लिए काम करती रहूंगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सत्ता से हटाने का षड्यंत्र अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने किया था।
हसीना ने कहा:
“हमारे संविधान के अनुच्छेद 7 (बी) में लिखा है कि यदि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को बलपूर्वक हटाया जाए, तो वह अपराध है। यूनुस ने इसी अपराध को अंजाम दिया।”
उन्होंने आगे कहा कि अभियोजन पक्ष के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं, और झूठी शिकायत करने वालों पर कानूनन कार्रवाई होनी चाहिए।
इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल का फैसला—पूरे दक्षिण एशिया की निगाहें
आज का दिन बांग्लादेश की राजनीति के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
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क्या शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई जाएगी?
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क्या उन्हें सरेंडर करने के लिए समय मिलेगा?
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क्या देश में और हिंसा भड़क सकती है?
इन्हीं सवालों पर सबकी नज़रें टिकी हैं। Bangladesh Political Crisis अब वैश्विक महत्व का मुद्दा बन चुका है, क्योंकि यह फैसला देश की राजनीतिक दिशा को पूरी तरह बदल सकता है।
निष्कर्ष: फैसले से पहले बांग्लादेश बारूद के ढेर पर
ढाका और अन्य शहरों में बढ़ती हिंसा, भारी सुरक्षा तैनाती और ‘देखते ही गोली मारने’ का आदेश इस बात का संकेत है कि बांग्लादेश अत्यंत संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है।
Sheikh Hasina News Today सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
फैसला जो भी आए, लेकिन यह साफ है कि बांग्लादेश आने वाले दिनों में और उथल-पुथल देख सकता है।
