21 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 दिसंबर को करणी सेना परिवार का जन क्रांति न्याय आंदोलन — तारखेड़ी से जनसंपर्क यात्रा की शुरुआत
झकनावदा।
मध्यप्रदेश में करणी सेना परिवार द्वारा 21 सूत्रीय जनहितकारी मांगों को लेकर 21 दिसंबर 2025 को हरदा में “जन क्रांति न्याय आंदोलन” आयोजित किया जा रहा है। इसी को सफल बनाने के लिए झाबुआ जिले में व्यापक जनसंपर्क की शुरुआत की गई। जन आंदोलन के लिए तारखेड़ी स्थित प्रसिद्ध विश्वमंगल हनुमान धाम से 16 दिसंबर को करणी सेना परिवार की व्यापक जनसंपर्क यात्रा प्रारंभ हुई, जिसके माध्यम से हर गांव–कस्बे में इस आंदोलन के उद्देश्य, मुद्दों और मांगों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
यात्रा तारखेड़ी से निकलकर उमरकोट, सेमलिया, झकनावदा, धतुरिया, बखतपुरा, सेमरोड सहित आसपास के अनेक गांवों में पहुँची, जहां करणी सेना कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौजवानों व ग्रामीणों के बीच जाकर 21 सूत्रीय मांगों के पर्चे वितरित किए। लोगों से अन्याय, अत्याचार और असमानता के खिलाफ खड़े होने व हरदा में होने वाले इस बड़े न्याय आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की गई।
आंदोलन का मुख्य उद्देश्य — हर वर्ग के लिए न्याय और समान अधिकार
कारी सेवादारों का कहना है कि करणी सेना की लड़ाई केवल किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के सम्मान और न्याय के लिए है। संगठन का मानना है कि प्रदेश में कई वर्षों से सामाजिक संतुलन, समान अवसर और प्रशासनिक पारदर्शिता को प्रभावित करने वाले निर्णय लिए गए हैं। इसी के विरोध में एक संगठित, शांतिपूर्ण और जनहित आधारित आंदोलन आवश्यक हो गया था।
इस जनसंपर्क यात्रा के दौरान ग्रामीणों से जो समर्थन मिला, उसने करणी सेना की मुहिम को और अधिक मजबूती दी है। विभिन्न गांवों में युवाओं, व्यापारियों और किसानों ने टीम का स्वागत किया और हरदा में आंदोलन में शामिल होने का भरोसा दिया।
यह हैं करणी सेना की प्रमुख मांगें
जनसंपर्क यात्रा के दौरान करणी सेना नेतृत्व विशेष रूप से उन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर रहा है जो सीधे प्रदेश के युवाओं, किसानों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और सामान्य नागरिकों से जुड़े हैं।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1. 12–13 जुलाई 2025 हरदा लाठीचार्ज की न्यायिक जांच
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लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो।
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दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाए।
2. हरदा व देवास में दर्ज झूठे प्रकरण वापस लिए जाएं
आंदोलन से जुड़े निर्दोष युवाओं और कार्यकर्ताओं पर बने फर्जी मामलों को रद्द करने की मांग।
3. आरक्षण पूर्णतः आर्थिक आधार पर लागू हो
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आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को ही लाभ मिले।
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किसी परिवार को जीवन में केवल एक बार आरक्षण का लाभ।
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सभी वर्गों में क्रीमी लेयर की अवधारणा लागू हो।
4. SC-ST एक्ट में बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक
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झूठे प्रकरण में गिरफ्तारी से पहले पूरी जांच हो।
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गलत मामले दर्ज कराने पर कानूनी दंड का प्रावधान।
5. सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए विशेष सुरक्षा एक्ट
जैसे SC-ST के लिए सुरक्षा अधिनियम है, वैसे ही सामान्य एवं ओबीसी वर्गों के संरक्षण हेतु नया कानून बनाया जाए।
6. किसानों के लिए न्यायपूर्ण मुआवजा व पारदर्शी बीमा नीति
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प्राकृतिक आपदाओं में तुरंत राहत।
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बीमा कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था।
7. गौ माता संरक्षण
गौशालाओं के विकास, चारे-पानी, चिकित्सा व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग।
8. प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता
राज्य के स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरियों में 70% तक प्राथमिकता देने की मांग।
आंदोलन को मिल रहा सर्व समाज का व्यापक समर्थन
ठाकुर महेंद्र सिंह राठौर ने जानकारी देते हुए कहा कि करणी सेना की मांगें किसी जाति–विशेष की नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हक और न्याय से जुड़ी हैं। गांव–गांव में हो रहे जनसंपर्क से साफ दिखाई दे रहा है कि यह आंदोलन अब सिर्फ करणी सेना का नहीं, बल्कि सर्व समाज का जन आंदोलन बन चुका है।
उन्होंने बताया कि लोग बढ़-चढ़कर आंदोलन में शामिल होने का भरोसा दे रहे हैं, जिससे 21 दिसंबर को हरदा में ऐतिहासिक जनसैलाब देखने को मिलेगा।
जनसंपर्क यात्रा में रहे प्रमुख पदाधिकारी
इस यात्रा में करणी सेना परिवार के सक्रिय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य रूप से उपस्थित —
महेंद्र सिंह राठौर, नेपाल सिंह चलदू, लोकेंद्र सिंह मुंडेदी, नेपाल सिंह बोड़ायता, शक्तिसिंह राठौर (सेमलिया), मीडिया प्रभारी शान ठाकुर, परीक्षित सिंह राठौर, नंदूसिंह पड़ियार सहित अनेक कार्यकर्ता।
