महक ग्रुप के डायरेक्टर गणेशीलाल जैन का देवलोकगमन, जैन समाज और उद्योग जगत में शोक की लहर
मुरैना/दिल्ली: भारत की सुप्रसिद्ध महक ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर और जैन समाज के प्रतिष्ठित सदस्य, गणेशीलाल जैन का 90 वर्ष की आयु में 13-14 नवंबर की मध्य रात्रि को देवलोकगमन हो गया। उनके निधन से न केवल जैन समाज बल्कि पूरे उद्योग जगत में गहरा शोक व्याप्त है। गणेशीलाल जैन अपने समय के सबसे प्रभावशाली उद्योगपति और समाजसेवी माने जाते थे, जिन्होंने व्यवसाय और समाज सेवा के क्षेत्र में अपूरणीय योगदान दिया।
उद्योग जगत में महक ग्रुप की पहचान स्थापित करने वाले गणेशीलाल जैन ने अपने जीवन में अनेकों उपलब्धियां अर्जित कीं। उनका निधन समाज और उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके पीछे लघु भ्राता सुरेशचंद जैन, पुत्र राजकुमार और योगेश जैन, भतीजे सजल जैन (टिंकू), नाती हर्ष और सम्यक जैन सहित पूरा परिवार रह गया है।
जीवन परिचय और प्रारंभिक संघर्ष
श्री गणेशीलाल जैन मूलतः मुरार, ग्वालियर के निवासी थे। उनका प्रारंभिक जीवन संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कठिनाइयों के बावजूद उनकी लगन, मेहनत और सिद्धांतों ने उन्हें व्यापार जगत में शीर्ष स्थान दिलाया। छोटे व्यवसायों से शुरुआत कर, उन्होंने धीरे-धीरे दिल्ली में अपने उद्योग की नींव रखी और आगे चलकर महक ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की स्थापना की। आज महक ग्रुप उद्योग जगत में एक मजबूत और प्रतिष्ठित नाम के रूप में जाना जाता है।
उनके जीवन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने हमेशा समाज और धार्मिक कार्यों को अपनी प्राथमिकता में रखा। श्री गणेशीलाल जैन केवल उद्योगपति नहीं बल्कि एक दानवीर, समाजसेवी और जैन धर्म के अनुयायी भी थे।
समाज और धार्मिक योगदान
श्री जैन ने जैन समाज के लिए अपने जीवन में कई अतुलनीय कार्य किए। उन्होंने सिद्धक्षेत्र सोनागिर में विशाल और भव्य मुख्य द्वार का निर्माण कराया। इसके अलावा सिहोनियाजी में श्री समोसरण जिन मंदिर का निर्माण और जैसवाल जैन धर्मशाला महावीरजी में एक ब्लॉक का संपूर्ण निर्माण कराया। उन्होंने जिनशासन तीर्थ अजमेर के मुख्य द्वार का निर्माण भी करवाया। इन सभी कार्यों से उनकी समाज सेवा और धार्मिक भक्ति का परिचय मिलता है।
वे समाजोत्थान के कार्यों में हमेशा अग्रणी रहे। तीर्थ यात्रा आयोजन, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में सक्रिय योगदान और समाज के कल्याण के लिए लगातार प्रयास उनकी जीवन शैली का हिस्सा रहे। उनके योगदान को देखते हुए जैन समाज उन्हें हमेशा याद रखेगा।
उद्योग जगत में योगदान
महक ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के माध्यम से श्री जैन ने उद्योग जगत में नई पहचान बनाई। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने समूह को उच्च व्यापारिक मान्यता दिलाई। दिल्ली में छोटे व्यवसायों से शुरुआत कर, उन्होंने बड़े उद्योग की नींव रखी। उनके नेतृत्व में महक ग्रुप ने देश भर में अपने कारोबार को सफलतापूर्वक विस्तारित किया।
उनकी सफलता का मूल कारण उनकी ईमानदारी, मेहनत और व्यवसाय में अनुशासन था। उन्होंने अपने जीवन में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार आगे बढ़ते रहे। उनके व्यापारिक निर्णयों और सामाजिक दृष्टिकोण ने उन्हें उद्योग जगत का अग्रणी बना दिया।
जैन समाज और उद्योग जगत का शोक
गणेशीलाल जैन के निधन पर सेवा न्यास परिवार, सन्मति फाउंडेशन, जैसवाल जैन परिषद, शांतिनाथ सेवा संघ सहित अनेक सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने शोक व्यक्त किया। सेवा न्यास परिवार के अध्यक्ष प्रदीप जैन (पीएनसी) आगरा, महामंत्री सीए कमलेश जैन गुरुग्राम, कोषाध्यक्ष अजय जैन कोटा, मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक मुरैना सहित सैकड़ों समाजसेवी, उद्योगपति और बुद्धिजीवी ने अपनी संवेदनाएं प्रकट की।
उनकी स्मृति में ऋषभ फॉर्म हाउस, छतरपुर, दिल्ली में 16 नवंबर को दोपहर 3 से 4 बजे तक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उद्योगपति, समाजसेवी और जैन समुदाय के लोग उन्हें याद कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।
परिवार और निजी जीवन
श्री गणेशीलाल जैन अपने परिवार के प्रति अत्यंत समर्पित थे। उनके छोटे भाई सुरेशचंद जैन ने अंतिम समय तक उनका साथ दिया। उनके जीवन की सफलता केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों से नहीं, बल्कि उनके परिवार के सहयोग और समाज की सेवा भावना से भी जुड़ी रही।
उनकी संतान और नाती-पोतों ने उनके जीवन की प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। गणेशीलाल जैन का व्यक्तित्व न केवल उद्योग जगत में बल्कि जैन समाज में भी एक आदर्श के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।
निष्कर्ष
90 वर्ष के लंबे और समृद्ध जीवन के बाद गणेशीलाल जैन का देवलोकगमन जैन समाज और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने जीवन में उद्योग, समाज और धर्म तीनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया। उनका संघर्ष, लगन और समाज सेवा का उदाहरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

