इंदौर की भामिनी राठी ने रचा इतिहास — मध्यप्रदेश सिविल जज परीक्षा 2022 में किया टॉप, रायपुर में हैं पदस्थ
इंदौर समाचार | 12 नवंबर 2025
इंदौर की होनहार युवती भामिनी राठी ने मध्यप्रदेश सिविल जज परीक्षा 2022 में पहला स्थान हासिल कर पूरे शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है। वर्तमान में भामिनी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सिविल जज के रूप में पदस्थ हैं, लेकिन उनकी यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
भामिनी राठी का संबंध इंदौर के प्रतिष्ठित विधिक परिवार से है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा इंदौर में पूरी की और इसके बाद क्वीन्स कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर (DAVV) से कानून (LLB) की डिग्री प्राप्त की। बचपन से ही न्यायिक सेवा में जाने का सपना देखने वाली भामिनी ने अपने लक्ष्य की दिशा में पूरी निष्ठा से तैयारी की।
भामिनी के परिवार का विधिक क्षेत्र से गहरा संबंध है — उनके ताऊजी हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं, जबकि उनके दोनों चचेरे भाई एडवोकेट हैं। परिवार के इस माहौल ने भामिनी के भीतर न्यायिक सेवा के प्रति रुचि और प्रेरणा जगाई।
भामिनी राठी की सफलता की कहानी
मध्यप्रदेश सिविल जज परीक्षा का परिणाम बुधवार को घोषित हुआ, जिसमें भामिनी राठी ने राज्यभर में टॉप रैंक हासिल की। इससे पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ सिविल जज परीक्षा भी पास की थी और वर्तमान में रायपुर में कार्यरत हैं।
उनकी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं होता। भामिनी को इस परीक्षा में 450 अंकों में से 291 अंक प्राप्त हुए, जो उनके गहन ज्ञान, परिश्रम और आत्मविश्वास को दर्शाते हैं।
भामिनी ने बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट और न्यायिक निर्णयों की गहराई से समझ पर ध्यान दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि “हर दिन थोड़ा-थोड़ा सुधार ही सफलता की कुंजी है।”
परिवार की खुशी और प्रेरणा
भामिनी की सफलता से उनके परिवार में हर्ष और गर्व का माहौल है। उनके पिता ने कहा कि “भामिनी ने बचपन से ही न्याय की राह चुनी थी। आज जब उसने अपने सपनों को साकार किया है, तो हमें उस पर अपार गर्व है।”
उनकी सफलता से इंदौर के विधि छात्रों और युवाओं में भी प्रेरणा की लहर दौड़ गई है। कई लोग सोशल मीडिया पर भामिनी को बधाई संदेश दे रहे हैं और उनके संघर्ष को रोल मॉडल के रूप में देख रहे हैं।
भामिनी का अध्ययन मंत्र
भामिनी ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के लिए संतुलित दिनचर्या अपनाई — सुबह के समय अध्ययन, दिन में केस लॉ का विश्लेषण और शाम को रिवीजन। उन्होंने नोट्स बनाने और पिछले साल के प्रश्नपत्र हल करने की आदत को अपनी सफलता का मुख्य कारण बताया।
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि –
“सिविल जज बनना केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। जो भी इस क्षेत्र में आए, उसे न्याय के सिद्धांतों को जीवन में उतारना चाहिए।”
इंदौर की शान बनी भामिनी
इंदौर, जिसे शिक्षा और संस्कारों की नगरी कहा जाता है, ने एक बार फिर अपने होनहार प्रतिभा से गर्व महसूस किया है। भामिनी राठी की यह उपलब्धि न केवल शहर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।
उनकी सफलता इस बात की मिसाल है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर सपना साकार किया जा सकता है। आने वाले समय में वे न्यायपालिका के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएंगी, ऐसा सभी को विश्वास है।
