मध्य प्रदेश में 950 करोड़ रुपए के निवेश की तैयारी : निवेशकों का हार्दिक स्वागत — मुख्यमंत्री मोहन लाल यादव
भोपाल, बुधवार 12 नवंबर 2025 — मुख्यमंत्री मोहन लाल यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश की पुण्यभूमि पर सभी निवेशकों का हृदयपूर्वक स्वागत है। राज्य सरकार निवेशकों को केवल योजनाओं का लाभ नहीं देगी, बल्कि उनके लिए कारखाना स्थापित करने में सहयोग भी करेगी।
यह घोषणा तब सामने आई जब टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्रा. लि. (जापानी समूह द्वारा अधिगृहीत) के भारतीय एवं जापानी पदाधिकारी मुख्यमंत्री से भेंट करने पहुँचे, और बताया कि कंपनी राज्य में करीब ₹950 करोड़ के निवेश से एक नई उत्पादन इकाई स्थापित करेगी।
निवेश का स्वरूप और महत्व
पदाधिकारियों ने बताया कि यह यूनिट धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक प्रक्षेत्र, सेक्टर-7 में स्थापित की जाएगी। इकाई की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 71,200 टन होगी और इसमें बीओपीपी (BOPP) एवं सीपीटी (CPT) फिल्में तैयार की जाएँगी।
यह परियोजना 100 % विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के रूप में होगी।
कंपनी का परिचय देते हुए बताया गया कि वर्ष 1988 में इस समूह की शुरुआत एक भारतीय कंपनी के रूप में हुई थी, जिसे बाद में जापानी समूह द्वारा अधिगृहीत कर लिया गया। यह समूह पैकेजिंग फिल्म, लेबल फिल्म और ग्राफिक लेमिनेशन फिल्म निर्माण करता है। वर्तमान में समूह का वैश्विक टर्नओवर लगभग ₹1,25,000 करोड़ (14 बिलियन USD) है, और भारत में इसका कारोबार करीब ₹1,500 करोड़ तक है।
मध्य प्रदेश में यह उनकी पहली निवेश परियोजना होगी। इसके लिए लगभग 14 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है जिसका प्रतिनिधियों ने पहले ही अवलोकन किया है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री मोहन लाल यादव ने कहा कि “मध्य प्रदेश में स्वागत है निवेशकों का” — राज्य सरकार ने निवेशकों को सिर्फ छूट-प्रोत्साहन योजनाएँ देने तक सीमित नहीं रहने का परिप्रेक्ष्य स्पष्ट किया है, बल्कि “इकाई या कारखाना स्थापित करने में सहयोग” की भूमिका भी अपनाई है।
उन्होंने कहा कि यह निवेश सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और प्रपत्रित उत्पादन बेहतरी की दिशा में एक बड़ी पहल है। राज्य में पहले से चल रही “निवेश प्रोत्साहन योजना” के अंतर्गत इस तरह की परियोजनाओं को बेहतर लाभ मिल सकेगा।
प्रोत्साहन योजना एवं अवसर
कंपनी पदाधिकारियों ने कहा कि वे मध्य प्रदेश की निवेश-प्रोत्साहन योजना का पूरा लाभ लेना चाहते हैं। यह प्रमाण है कि राज्य में निवेश के अवसर अब तेजी से सामने आ रहे हैं।
पिछले वर्षों में मध्य प्रदेश ने औद्योगिक नीति एवं निवेश-प्रोत्साहन को प्रमुखता दी है, जिससे निवेशकों को सुविधा-प्रद वातावरण उपलब्ध हो सके। इस मामले में यह निवेश एक सकारात्मक संकेत है।
क्यों अहम है यह निवेश?
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नई इकाई से प्रतिवर्ष ~71,200 टन फिल्म निर्माण होगा — यह मात्रा दर्शाती है कि यह सिर्फ एक छोटी इकाई नहीं, बल्कि काफी बड़ी उत्पादन क्षमता की परियोजना है।
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100 % विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के माध्यम से यह परियोजना राज्य में वैश्विक निवेश की प्रवृत्ति को बढ़ावा देगी।
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इसके द्वारा औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को नई गति मिलेगी, जिससे उस क्षेत्र के आस-पास के इलाके में रोजगार, अवसंरचना और आपूर्ति-श्रृंखलाएँ विकसित होंगी।
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इस तरह के निवेश से राज्य के “मंथन” और “विकास” की छवि मजबूत होगी, जिससे आगे अन्य निवेशकों को भी प्रेरणा मिलेगी।
आगे की कार्यवाही एवं चुनौतियाँ
पदाधिकारियों ने बताया कि अब प्रारंभिक कार्यवाही चल रही है — राज्य सरकार और कंपनी के बीच भूमि, अवसंरचना, अनुमति-प्रक्रिया एवं प्रोत्साहन राशि से संबंधित चर्चा हुई है।
हालाँकि, इस तरह की बड़ी परियोजना में कुछ चुनौतियाँ भी हो सकती हैं जैसे:
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भूमि स्वीकृति, पर्यावरण अनुमति, कनेक्टिविटी तथा बुनियादी ढाँचे का समय-बद्ध होना
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स्थानीय आपूर्ति-श्रृंखला का निर्माण और कच्चा माल एवं ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता
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श्रमिकों-कर्मचारियों की भर्ती-प्रशिक्षण, तथा उत्पादन-मानक सुनिश्चित करना
राज्य सरकार द्वारा यदि इन चुनौतियों को समय पर हल किया गया तो यह परियोजना सुचारू रूप से आगे बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश ने आज एक महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव को अपनाया है — टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्रा. लि. द्वारा ~₹950 करोड़ की परियोजना से राज्य की औद्योगिक तस्वीर और मजबूत होगी। निवेशकों को स्वागत, सहयोग, और प्रोत्साहन का साफ-साफ संदेश दिया गया है।
इस प्रकार, “मध्य प्रदेश की धरती पर स्वागत है निवेशकों का” — यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि अब एक व्यवहार-स्तर की नीति बनती जा रही है।

