अगहन वदी पंचमी पर जैन समाज का श्रद्धाभाव उमड़ा: भंडारी परिवार चढ़ाएगा श्री विमलनाथ स्वामी भगवान के शिखर पर नई ध्वजा
महिदपुर रोड (उज्जैन):
धार्मिक उल्लास, आस्था और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण में इस वर्ष अगहन वदी पंचमी के पावन अवसर पर ग्राम बप्पैया स्थित श्री विमलनाथ स्वामी भगवान जैन मंदिर में विशेष ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह पावन अवसर रविवार, अगहन वदी पंचमी तिथि को दोपहर 12:39 बजे विजय मुहूर्त में संपन्न होगा। इस शुभ बेला में भंडारी परिवार (बप्पैया वाला) द्वारा मंदिर के शिखर पर नवीन अमर ध्वजा चढ़ाई जाएगी।
यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि जैन समाज की एकता, श्रद्धा और परमात्मा के प्रति अटूट भक्ति का भी उदाहरण है। भंडारी परिवार ने इस ऐतिहासिक अवसर पर संपूर्ण जैन समाज को आमंत्रित करते हुए अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।
शुभ मुहूर्त और लाभार्थी परिवार
इस पावन आयोजन के मुख्य लाभार्थी हैं —
मांगीलाल मोहनलाल, प्रेमकांता देवी, चमेली देवी, अनिल कुमार, सुनील कुमार, राजेंद्र कुमार और नितिन कुमार सहित समस्त भंडारी परिवार (बप्पैया वाला)।
परिवार की ओर से बताया गया कि इस वर्ष ध्वजारोहण उनके लिए अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है, क्योंकि यह कार्यक्रम उनके पूर्वजों की परंपरा और जैन धर्म की मर्यादाओं के अनुरूप संपन्न होगा।
भंडारी परिवार का कहना है कि मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह जैन धर्म की अखंड आस्था, विजय और शुद्धता का प्रतीक है।
स्नात्र पूजा और सत्रह भेदी महापूजन से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ
अगहन वदी पंचमी के दिन प्रातः 11:00 बजे शुभ बेला में परमात्मा श्री विमलनाथ स्वामी भगवान की स्नात्र पूजा एवं सत्रह भेदी महापूजन का आयोजन किया जाएगा।
यह विशेष पूजन कार्यक्रम अखिल भारतीय महिला राजेंद्र जैन परिषद, महिदपुर रोड के तत्वावधान में संपन्न होगा। परिषद की सदस्यों द्वारा मंत्रोच्चारण, अभिषेक और भक्ति भाव से पूजन किया जाएगा।
महिला परिषद ने बताया कि विमलनाथ भगवान का यह मंदिर बप्पैया ग्राम ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यहाँ आयोजित प्रत्येक धार्मिक कार्यक्रम समाज में संस्कार, शांति और सद्भाव का संदेश देता है।
ध्वजारोहण का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
जैन धर्म में मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाने की परंपरा अत्यंत प्राचीन और पवित्र मानी जाती है।
ध्वजा को विजय, मर्यादा और धर्म की स्थिरता का प्रतीक कहा गया है। जैन शास्त्रों के अनुसार, जब भी किसी मंदिर पर नवीन ध्वजा चढ़ाई जाती है, तो वह पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, शुभ फल और शांति का संचार करती है।
अगहन वदी पंचमी का यह शुभ दिन जैन पंचांग के अनुसार विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन किया गया कोई भी धार्मिक कार्य सौ गुना पुण्यदायी होता है। इसलिए जैन समाज और भंडारी परिवार ने इस तिथि को ध्वजारोहण के लिए विशेष रूप से चुना है।
सकल जैन श्री संघ का साधार्मिक वात्सल्य
ध्वजारोहण के बाद दोपहर 1:00 बजे से सकल जैन श्री संघ द्वारा साधार्मिक वात्सल्य भोज का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजजनों और अतिथियों के पहुंचने की संभावना है।
भंडारी परिवार ने बताया कि सभी आगंतुकों के लिए सुगम व्यवस्था, प्रसादी और विश्राम की पूरी व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे पूरे परिवार सहित इस पावन ध्वजारोहण में सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।
मंदिर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व
श्री विमलनाथ स्वामी भगवान जैन मंदिर, ग्राम बप्पैया में स्थित यह पवित्र तीर्थस्थल जैन धर्मावलंबियों की अटूट श्रद्धा का केंद्र है।
मंदिर की प्राचीनता और स्थापत्य कला इसे और भी विशेष बनाती है। यहाँ प्रतिवर्ष अनेक धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, दिगंबर तपस्वियों के सान्निध्य में पूजा-अर्चना और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। प्रत्येक वर्ष जैन समाज के किसी न किसी परिवार को यह सौभाग्य प्राप्त होता है कि वे अपने नाम से “नवीन ध्वजा” चढ़ाकर परमात्मा के चरणों में अपनी आस्था व्यक्त करें।
भंडारी परिवार की सामाजिक और धार्मिक सक्रियता
भंडारी परिवार न केवल जैन समाज के प्रमुख परिवारों में से एक है, बल्कि धर्म, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में भी लगातार अग्रणी भूमिका निभाता आ रहा है।
इस परिवार के सदस्य वर्षों से सामूहिक पूजन, मंदिर निर्माण, जल सेवा और धर्म रक्षा कार्यों में सक्रिय हैं।
मीडिया प्रभारी श्री सचिन भंडारी ने बताया कि —
“यह ध्वजारोहण समारोह हमारे परिवार के लिए गर्व का अवसर है। हम सभी श्रद्धालुओं से निवेदन करते हैं कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारें और श्री विमलनाथ स्वामी भगवान के चरणों में भक्ति भाव से नमन करें।”
कार्यक्रम का समय-सारणी (समरी)
| समय | कार्यक्रम | आयोजनकर्ता / लाभार्थी |
|---|---|---|
| सुबह 11:00 बजे | स्नात्र पूजा एवं सत्रह भेदी महापूजन | अखिल भारतीय महिला राजेंद्र जैन परिषद |
| दोपहर 12:39 बजे | विजय मुहूर्त में ध्वजारोहण | भंडारी परिवार (बप्पैया वाला) |
| दोपहर 1:00 बजे से | साधार्मिक वात्सल्य भोज | सकल जैन श्री संघ, लाभार्थी परिवार के सौजन्य से |
जैन समाज में हर्ष और उल्लास का माहौल
इस पूरे आयोजन को लेकर महिदपुर रोड और आसपास के क्षेत्रों में जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
धार्मिक ध्वज, मंगल धुनें और समाजजनों की तैयारियों ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रंग में रंग दिया है। मंदिर परिसर को फूलों, रोशनी और धार्मिक प्रतीकों से सजाया जा रहा है।
स्थानीय समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक एकता, संस्कारों की निरंतरता और अध्यात्मिक प्रगति के प्रतीक होते हैं।
