नीमच हादसा: एएसआई की कार से शिक्षक की मौत, महू-नीमच हाईवे पर तीन घंटे तक जाम, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
नीमच, मध्य प्रदेश: नीमच जिले में एक गंभीर सड़क हादसा हुआ है, जिसमें जावद थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) मनोज यादव की कार ने एक शिक्षक को कुचल दिया। यह दुर्घटना शुक्रवार की रात जावद के भड़भडिया गांव के पास हुई। इस हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा उबाल पर पहुँच गया और उन्होंने महू-नीमच हाईवे पर तीन घंटे तक चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक शिक्षक दशरथसिंह की पत्नी को नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
हादसे की घटना
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात लगभग 8 बजे ASI मनोज यादव नीमच की ओर अपनी कार (बोलेरो HR 99 ABS (Temp) 1491) से जा रहे थे। भड़भडिया गांव के पास कार असंतुलित हो गई और सड़क किनारे दो बाइक और एक पिकअप से टकरा गई। इस हादसे में बाइक चालक दशरथसिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी ललिताबाई और बच्चे हर्षित व बेटी जया (6 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए। दूसरी बाइक पर सवार भोपाल निवासी नारायण सिंह भी घायल हुए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार में शराब की बोतल और गिलास मिले और ASI मनोज यादव काफी नशे में थे। उन्होंने यह भी बताया कि ASI को होश ही नहीं था कि उन्होंने कई लोगों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद पुलिस ने मृतक का शव जिला अस्पताल में रखा और घायलों का उपचार शुरू करवाया।
ग्रामीणों का गुस्सा और चक्का जाम
सड़क हादसे की खबर फैलते ही जावद और महू-नीमच हाईवे पर आक्रोश फैल गया। शनिवार सुबह जिला अस्पताल में मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने महू-नीमच हाईवे भड़भडिया फंटे पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान सैकड़ों वाहन तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे और हाईवे पर लगभग तीन किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई।
जावद में विरोध प्रदर्शन के दौरान एसडीएम प्रीति संघवी और तहसीलदार नवीन गर्ग को ग्रामीणों ने घेर लिया। मौके पर भारी तनाव देखने को मिला और प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने की कोशिश की।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम संजीव साहू समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को संबल योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया। वहीं, मौके पर ग्रामीणों को 50,000 रुपये का चेक भी दिया गया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों को बीमा राशि और अन्य आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
करीब तीन घंटे की समझाईश और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद दोपहर 3 बजे मामला शांत हुआ। ग्रामीणों ने आश्वस्त होने के बाद जाम समाप्त किया।
एएसआई के खिलाफ कार्रवाई
इस गंभीर दुर्घटना के बाद पुलिस ने ASI मनोज यादव को देर रात निलंबित कर दिया। शनिवार सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मामला शराब के नशे में वाहन चलाने और लापरवाही पूर्वक ड्राइविंग के तहत दर्ज किया।
SP अंकित जायसवाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ASI के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन मृतक के परिवार को न्याय और मुआवजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मृतक शिक्षक और परिजन
दशरथसिंह जावद के रूपारेल गांव के निवासी थे और समाज में अपनी ईमानदारी और शिक्षक के रूप में प्रतिष्ठा के लिए जाने जाते थे। हादसे में उनकी मौत ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश दोनों फैला दिया। उनके परिवार में पत्नी ललिताबाई और दो छोटे बच्चे हैं, जो इस हादसे के बाद गंभीर मानसिक और शारीरिक पीड़ा में हैं।
सड़क सुरक्षा और शराब की समस्या
नीमच हादसा इस बात की याद दिलाता है कि ड्रिंक एंड ड्राइव कितनी घातक साबित हो सकती है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर शराब पीकर वाहन चलाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह जीवन और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। इस घटना ने पूरे जिले में सड़क सुरक्षा और शराब के सेवन पर ध्यान देने की आवश्यकता को उजागर किया है।
पूर्ववर्ती सड़क हादसों की याद
यह कोई पहला मामला नहीं है, जब शराब और लापरवाही के कारण सड़क हादसा हुआ हो। पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश में कई सड़क दुर्घटनाओं ने लोगों की जान ली है। गुना बायपास पर हाल ही में हुए एक हादसे में भी तेज रफ्तार वाहन ने कार को टक्कर मार दी थी, जिसमें UP के एक परिवार के दो सदस्य मारे गए थे और चार लोग घायल हुए थे।
प्रशासनिक आश्वासन और आर्थिक मदद
हादसे के बाद प्रशासन ने मृतक परिवार को आर्थिक मदद और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। संबल योजना के तहत 5 लाख रुपये और मुख्यमंत्री कोष से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का भरोसा दिया गया। इसके अलावा मौके पर 50,000 रुपये का चेक भी प्रदान किया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि मृतक के परिजनों को बीमा राशि भी मिले।
निष्कर्ष
नीमच हादसा एक दर्दनाक घटना है, जिसने न केवल एक शिक्षक का जीवन छीन लिया बल्कि पूरे इलाके में आक्रोश और तनाव फैला दिया। यह घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा, शराब पीकर वाहन चलाने के खतरे और सरकारी जवाबदेही की अहमियत को दर्शाती है।
ग्रामीणों की मांग है कि मृतक शिक्षक के परिवार को न्याय मिले, उन्हें नौकरी और मुआवजा दिया जाए। प्रशासन ने इसके लिए आश्वासन दिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है।

