स्वच्छता ही सेवा: भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने माँ नर्मदा घाट पर चलाया भव्य स्वच्छता अभियान
जबलपुर।
“स्वच्छता ही सेवा” के राष्ट्रीय संदेश को साकार रूप देते हुए भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) की जिला जबलपुर इकाई ने आज प्रातः माँ नर्मदा तट पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। यह अभियान प्रातः 5:30 बजे “नर्मदे हर” के उद्घोष के साथ आरंभ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिभाव और सामाजिक चेतना से भर दिया।
अभियान की शुरुआत और उद्देश्य
इस अभियान का उद्देश्य केवल घाट की सफाई नहीं था, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, नदी प्रदूषण रोकथाम और जन-जागरूकता का संदेश फैलाना भी था। टीम ने नर्मदा तट के आस-पास, घाट की सीढ़ियों और जल किनारे फैले प्लास्टिक, कचरा, और पूजा सामग्री को एकत्र कर व्यवस्थित ढंग से निस्तारित किया।
इस दौरान स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और घाट व्यापारियों को यह संदेश दिया गया कि –
“माँ नर्मदा हमारी संस्कृति की आत्मा हैं, उनकी स्वच्छता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
सहभागी सदस्य और उनकी भूमिका
इस जनसेवा अभियान में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट जबलपुर की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
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महिला जिला अध्यक्ष अनीता दुबे
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जिला अध्यक्ष धनराज सोनकर
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सामाजिक कार्यकर्ता ममता यादव
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हर्ष बेन
इन सभी ने अपने योगदान से यह सिद्ध किया कि समाज सेवा और स्वच्छता, दोनों ही मानवता के सच्चे प्रतीक हैं। ट्रस्ट परिवार ने उनके इस समर्पण और सामाजिक कर्तव्यनिष्ठा के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव जी का प्रेरक संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने जबलपुर टीम की सराहना करते हुए कहा —
“माँ नर्मदा केवल नदी नहीं, हमारे जीवन, संस्कृति और अध्यात्म का आधार हैं। स्वच्छता अभियान समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। जबलपुर टीम ने जो अनुकरणीय कार्य किया है, वह पूरे संगठन के लिए प्रेरणा है। मैं सभी सदस्यों को हृदय से धन्यवाद और आशीर्वाद देता हूँ।”
उनका यह संदेश न केवल ट्रस्ट के सदस्यों बल्कि समस्त समाज के लिए एक आह्वान है कि हर व्यक्ति “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” अभियान में अपनी भागीदारी निभाए।
राष्ट्रीय सचिव श्री शिवम तिवारी जी का वक्तव्य
राष्ट्रीय सचिव श्री शिवम तिवारी ने कहा —
“समाजिक कर्तव्य तब ही सार्थक होता है, जब हम बिना किसी स्वार्थ के प्रकृति और जनसेवा को प्राथमिकता देते हैं। यह अभियान केवल सफाई नहीं, बल्कि समाज को बेहतर सोच देने का प्रयास है। टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।”
उनके इस विचार से यह स्पष्ट होता है कि स्वच्छता अभियान केवल भौतिक सफाई नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक भी है।
युवाओं की भूमिका – भविष्य की प्रेरणा
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा यादव, युवा प्रदेश संगठन मंत्री विनायक गुप्ता और युवा उज्जैन संभाग अध्यक्ष युवराज सिंह राठौर ने अपने संयुक्त संदेश में कहा —
“जब युवा पीढ़ी जनहित के कार्यों में आगे बढ़ती है, तो राष्ट्र का भविष्य स्वयं उज्ज्वल हो जाता है। जबलपुर टीम ने जो कदम उठाया है, वह यह दर्शाता है कि सेवा की भावना ही सच्ची देशभक्ति है।”
यह संदेश देश के हर युवा के लिए प्रेरणा है कि स्वच्छता, सेवा और पर्यावरण की रक्षा राष्ट्र निर्माण की नींव हैं।
मीडिया टीम का योगदान
मीडिया प्रभारी जीवन लाल जैन (चाय वाले), सोना जैन, भावेश नाहर, अनिल जैन और अंकित जैन ने इस अभियान की जागरूकता को प्रसारित करने में अहम भूमिका निभाई।
उनका कहना था —
“हमारी टीम लगातार जनजागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत है। आने वाले दिनों में अन्य घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर भी ऐसे स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाएंगे। हमारा लक्ष्य है — पर्यावरण, मानवता और संस्कृति की रक्षा।”
माँ नर्मदा की स्वच्छता – हमारी जिम्मेदारी
इस अभियान ने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवन स्रोत हैं।
यदि हम उन्हें स्वच्छ रखेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक सुंदर और स्वस्थ पर्यावरण मिलेगा।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट – सेवा और मानवता का प्रतीक
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) लगातार मानव अधिकार संरक्षण, समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
“स्वच्छता ही सेवा” जैसे अभियानों के माध्यम से यह संगठन समाज को यह सिखा रहा है कि
“सेवा ही सच्चा धर्म है, और स्वच्छता ही सर्वोत्तम साधना।”
निष्कर्ष
जबलपुर में माँ नर्मदा घाट पर हुआ यह स्वच्छता अभियान न केवल एक स्थानीय पहल थी, बल्कि यह पूरे देश को यह संदेश देने वाला अभियान बन गया कि
यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे, तो स्वच्छ भारत का सपना शीघ्र ही साकार हो सकता है।


