गुरुदेव राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा के 421 हस्तचित्रों की रथयात्रा प्रदर्शनी का 8 नवम्बर को नागदा में भव्य पदार्पण
नागदा में जैन समाज का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन, नगर की धर्मप्रेमी जनता आमंत्रित
नागदा (ब्रजेश बोहरा)।
जैन धर्म के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। कालिकाल कल्पतरु, विश्ववंदनीय गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा की जन्म द्विशताब्दी वर्ष के पावन उपलक्ष्य में नागदा श्रीसंघ द्वारा एक अद्भुत एवं प्रेरणादायी 421 हस्तचित्रों की रथयात्रा प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी अपने आप में अद्वितीय है, जो न केवल धर्म, संस्कृति और भक्ति का समन्वय प्रस्तुत करेगी, बल्कि नई पीढ़ी को जैन संत परंपरा की गौरवगाथा से भी अवगत कराएगी।
8 नवम्बर को होगा रथयात्रा प्रदर्शनी का शुभारंभ
यह भव्य रथयात्रा प्रदर्शनी आगामी 8 नवम्बर 2025, शनिवार को प्रातः 9:15 बजे श्री पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन, रानी लक्ष्मीबाई मार्ग, नागदा में शुभारंभ होगी।
आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा के 421 हस्तचित्रों के माध्यम से उनके जीवन, तप, साधना, संघकार्य और आचार्य परंपरा की दिव्यता को प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ समाजसेवी श्री विरेन्द्र कुमार सकलेचा के करकमलों द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन न केवल नागदा, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के जैन समाज के लिए गौरव का विषय बनने जा रहा है।
गुरुदेव की आराधना और आचार्यों का सान्निध्य
यह आयोजन पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के शिष्यरत्न,
पूज्य मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. एवं मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी म.सा. की नयनानंदी निश्रा में,
मुनिराज श्री डॉ. लाभेश विजयजी म.सा. द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
इस दौरान उपस्थित साधु-साध्वियों के परम पावन सान्निध्य में वासक्षेप पूजन एवं गुरुदेव आरती के कार्यक्रम भी होंगे।
वासक्षेप पूजन का लाभ श्रीसंघ अध्यक्ष मनिष कुमार प्रकाशचन्दजी सालेचा (ओरा) परिवार प्राप्त करेगा,
जबकि आरती का लाभ श्रीसंघ सचिव हर्षित विमलकुमारजी नागदा परिवार द्वारा लिया जाएगा।
प्रवचन और प्रेरणादायी प्रसंग
प्रदर्शनी के दौरान मुनिभगवंतों द्वारा गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा के जीवनकाल, साधना और जैन समाज में उनके योगदान पर मार्मिक प्रवचन होंगे।
गुरुदेव के उपदेश, संघ संगठन और आध्यात्मिक दृष्टि ने जिस तरह समाज को दिशा दी, उसे चित्रों और शब्दों के माध्यम से इस प्रदर्शनी में जीवंत रूप दिया जाएगा।
गुरुदेव राजेन्द्र सूरीश्वरजी का जीवन जैन परंपरा में अनुशासन, तप, त्याग और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने अपने जीवनकाल में न केवल धर्मप्रचार का कार्य किया बल्कि अनगिनत लोगों को आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित किया।
आयोजन का उद्देश्य और प्रेरणा
इस रथयात्रा प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य है —
गुरुदेव के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में धर्म, संस्कार और समरसता का प्रसार करना।
इस अवसर पर मुनिराजों द्वारा विशेष प्रवचन श्रृंखला के माध्यम से श्रद्धालुओं को गुरुदेव के आदर्शों और जैन सिद्धांतों की गहराई से परिचित कराया जाएगा।
आयोजक मंडल का कहना है कि इस प्रकार की धार्मिक प्रदर्शनी केवल दर्शन मात्र नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और चिंतन का माध्यम भी होती है।
हर चित्र, हर झांकी और हर प्रसंग में एक आध्यात्मिक संदेश निहित है जो दर्शक के अंतर्मन को स्पर्श करता है।
नागदा श्रीसंघ का आमंत्रण
श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ, नागदा ने नगर सहित आसपास के सभी श्रद्धालुजनों से अनुरोध किया है कि वे इस दिव्य धार्मिक रथयात्रा प्रदर्शनी के दर्शन-वंदन कर अपने पुण्य में अभिवृद्धि करें।
यह आयोजन नागदा शहर की धार्मिक संस्कृति और जैन परंपरा के गौरव को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
संवाददाता जीवन लाल जैन की रिपोर्ट (9179662633)
इस आयोजन की जानकारी देते हुए श्रीसंघ पदाधिकारियों ने कहा कि —
“गुरुदेव राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा की 421 हस्तचित्र रथयात्रा प्रदर्शनी धर्म, कला और अध्यात्म का संगम है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बनेगा।”
