मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 2025: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रचे विकास और सांस्कृतिक नए आयाम
भोपाल। मध्यप्रदेश के गौरवशाली 70वें स्थापना दिवस समारोह पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ को संबोधित करते हुए प्रदेश की विकास यात्रा और सांस्कृतिक उपलब्धियों का विस्तार से विवरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने विकास के कई ऐसे कार्य किए हैं जिन्हें असंभव माना जा रहा था। प्रदेश अब उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक विकास के नए आयाम गढ़ रहा है।
औद्योगिक विकास में मध्यप्रदेश ने दिखाई तेज़ी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास दर 24% तक पहुँच चुकी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है और निवेश प्रोत्साहन के लिए कई पहल शुरू की गई हैं। निवेश के अवसर और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष फिल्म और invest.mp.gov.in पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
मध्यप्रदेश में टाइगर रिजर्व और पर्यावरण संरक्षण
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वन्य जीवन और पर्यावरण संरक्षण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल वन विहार और माधव नेशनल पार्क शिवपुरी सहित प्रदेश में कुल नौ टाइगर रिजर्व अभयारण्य हैं। इसके अलावा, ओंकारेश्वर में 27वां अभयारण्य शुरू किया जा रहा है, जो खंडवा और देवास जिलों में फैला होगा।
उज्जैन में पर्यटन और श्रद्धालु आगमन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में पर्यटन और श्रद्धालु आगमन का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष 7 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु प्रदेश आए। उन्होंने बताया कि पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा प्रांत बन गया है, जो हेली सेवा के जरिए पर्यटन को नई दिशा दे रहा है।
चित्रकूट और धार्मिक केंद्रों का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों जैसे अयोध्या, ओरछा और चित्रकूट में महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जा रहे हैं। विशेष रूप से चित्रकूट में 28 करोड़ रुपये की राशि से विभिन्न विकास परियोजनाएँ संचालित होंगी। इसके अलावा, दतिया, सतना और रीवा में तीन नए एयरपोर्ट निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं और उज्जैन की हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में विकसित करने के लिए एमओयू हुआ है।
सिंचाई और पेयजल परियोजनाएँ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में शुरू हुई तीन अंतर्राज्यीय सिंचाई परियोजनाओं – केन-बेतवा, पार्वती-काली-सिंध-चंबल और ताप्ती मेगा परियोजना – का उल्लेख किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बड़े हिस्सों में सिंचाई उपलब्ध होगी और उद्योगों के लिए भी पर्याप्त जल संसाधन सुनिश्चित किए जाएंगे।
तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार स्थापना दिवस का आयोजन पहली बार तीन दिवसीय किया गया है। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया गया। समारोह में लघु फिल्म ‘विकसित मध्यप्रदेश’, निवेश प्रोत्साहन यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित फिल्में प्रदर्शित की गईं।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की संस्कृति, कला और संगीत को प्रदर्शित करने के लिए 500 कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियाँ दीं। ड्रोन शो के माध्यम से 2000 ड्रोन द्वारा मध्यप्रदेश के मानचित्र, महाकाल मंदिर, सिंहस्थ और अन्य सांस्कृतिक प्रतीक प्रदर्शित किए गए। इसके बाद आयोजित हुई समवेत संगीत प्रस्तुति ‘विश्ववन्द – श्रीकृष्ण की सांगीतिक यात्रा’ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जुबिन नौटियाल का संगीत कार्यक्रम
स्थापना दिवस समारोह में सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक जुबिन नौटियाल ने भी अपनी मखमली आवाज़ में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। हजारों दर्शकों ने उनके गीतों का आनंद लिया और युवाओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
मुख्यमंत्री के विचार और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में आगामी पाँच वर्षों में बजट दोगुना होगा और राज्य का विकास निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने “विकसित मध्यप्रदेश-2047” का रोड मैप तैयार होने की जानकारी दी। राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने सांस्कृतिक, धार्मिक और औद्योगिक विकास में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं।
प्रदेश में उत्सव और उमंग का माहौल
प्रदेश के सभी जिलों में स्थापना दिवस के अवसर पर उत्सव और उमंग का वातावरण बना हुआ था। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में आतिशबाजी, पुस्तक लोकार्पण और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को भव्य बना दिया।

